MeitY ने सख्त नियम प्रस्तावित किए, AI से बना कंटेंट पहचानना होगा आसान
भारत में Ministry of Electronics and Information Technology (MeitY) ने AI से बने कंटेंट को लेकर सख्त नियम प्रस्तावित किए हैं। अब फोटो, वीडियो और टेक्स्ट पर AI लेबल हमेशा दिखाना जरूरी होगा। आइए जानते हैं...
Published By: Ashutosh Ojha | Published: Apr 22, 2026, 04:11 PM (IST)
भारत में AI से बने फोटो, वीडियो और टेक्स्ट तेजी से बढ़ रहे हैं। सोशल मीडिया से लेकर न्यूज चैनलों तक, अब AI एंकर और डीपफेक वीडियो आम होते जा रहे हैं। ऐसे में लोगों के लिए असली और नकली कंटेंट में फर्क करना मुश्किल होता जा रहा है। इसी चुनौती को देखते हुए Ministry of Electronics and Information Technology (MeitY) ने AI कंटेंट को लेकर नए और सख्त नियम प्रस्तावित किए हैं, जिनका मकसद पारदर्शिता बढ़ाना और यूजर्स को गुमराह होने से बचाना है।
क्या है AI कंटेंट पर नया लेबल नियम?
MeitY के नए प्रस्ताव के अनुसार, अब AI से बने किसी भी कंटेंट पर लगाया गया लेबल पूरे समय दिखाई देना जरूरी होगा। पहले यह नियम था कि AI लेबल स्पष्ट रूप से दिखना चाहिए, लेकिन अब इसे और कड़ा बना दिया गया है। इसका मतलब यह है कि अगर आप कोई वीडियो देख रहे हैं, फोटो देख रहे हैं या AI से लिखा गया टेक्स्ट पढ़ रहे हैं, तो उस पर लगा AI लेबल बीच में गायब नहीं होना चाहिए। यह लेबल शुरू से अंत तक लगातार स्क्रीन पर बना रहना चाहिए, ताकि यूजर को हर समय पता रहे कि वह AI-Generated कंटेंट देख रहा है।
नए नियम से क्या फर्क पड़ेगा?
यह बदलाव देखने में छोटा लग सकता है, लेकिन इसका असर काफी बड़ा होगा। अभी कई प्लेटफॉर्म्स AI लेबल को कुछ सेकंड के लिए दिखाकर हटा देते हैं, जिससे लोग भ्रमित हो सकते हैं, खासकर डीपफेक वीडियो के बढ़ते मामलों में यह खतरा और ज्यादा बढ़ गया है। नए नियम इस तरह की चालाकियों पर रोक लगाने की कोशिश करते हैं, हालांकि इससे प्लेटफॉर्म्स के लिए चुनौतियां भी बढ़ेंगी, क्योंकि उन्हें अपने सिस्टम और डिजाइन में बदलाव करना होगा ताकि हर फॉर्मेट में लेबल लगातार दिखता रहे।
आगे क्या हो सकता है?
इसके साथ ही MeitY ने Information Technology (Intermediary Guidelines and Digital Media Ethics Code) Rules, 2021 में प्रस्तावित बदलावों पर फीडबैक देने की समयसीमा भी बढ़ा दी है। पहले इसकी आखिरी तारीख 29 अप्रैल थी, जिसे अब 7 मई 2026 कर दिया गया है। इससे कंपनियों और बाकी Stakeholders को अपनी राय देने के लिए ज्यादा समय मिल जाएगा, फिलहाल ये नियम ड्राफ्ट स्टेज में हैं, यानी आगे और बदलाव संभव हैं, लेकिन साफ है कि सरकार AI कंटेंट को लेकर ज्यादा सख्ती और पारदर्शिता लाने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है।
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