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ईरान के हैकर्स ने अमेरिका के इंफ्रास्ट्रक्चर पर किया बड़ा साइबर अटैक, फैक्ट्रियों और रिफाइनरी सिस्टम को बनाया निशाना

अमेरिका के इंफ्रास्ट्रक्चर पर ईरान से जुड़े Hacker Group ने बड़ा साइबर हमला किया है। इन हमलों में फैक्ट्रियों, पावर प्लांट्स और रिफाइनरी के सिस्टम निशाने पर हैं। आइए जानते हैं...

Published By: Ashutosh Ojha | Published: Apr 13, 2026, 03:40 PM (IST)

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अमेरिका की कई सुरक्षा एजेंसियों ने एक गंभीर साइबर खतरे को लेकर चेतावनी जारी की है। FBI, CISA (Cybersecurity and Infrastructure Security Agency), NSA, US Cyber Command, Department of Energy और Environmental Protection Agency जैसी एजेंसियों ने बताया कि ईरान से जुड़े Hacker Group अमेरिका के महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले कर रहे हैं। ये हमले खासतौर पर उन सिस्टम्स को निशाना बना रहे हैं जो फैक्ट्रियों, पावर प्लांट्स, पानी की सफाई केंद्रों और ऑयल रिफाइनरी जैसी जगहों पर काम करते हैं। इन जगहों पर इस्तेमाल होने वाले कंट्रोल सिस्टम्स को ‘PLC’ यानी Programmable Logic Controllers कहा जाता है।

इन साइबर हमलों से क्या नुकसान हो रहा है?

रिपोर्ट के अनुसार ये हैकर समूह मार्च 2026 से लगातार ऐसे PLC सिस्टम्स को प्रभावित कर रहा है। इन हमलों से कई जगहों पर कामकाज रुक गया और आर्थिक नुकसान भी हुआ है, सबसे ज्यादा खतरा उन डिवाइसेज को है जो Rockwell Automation जैसी कंपनी के बनाए गए हैं। साइबर सुरक्षा कंपनी Censys ने बताया कि इंटरनेट से जुड़े हजारों PLC डिवाइसेज में से लगभग 75% अमेरिका में पाए गए हैं। हैकर एक खास Windows आधारित सिस्टम का इस्तेमाल करके इन मशीनों तक पहुंच बना रहे हैं और उनके डेटा और डिस्प्ले को बदलने की कोशिश कर रहे हैं।

हैकर कैसे इन सिस्टम्स को बिना वायरस के भी कंट्रोल कर रहे हैं?

इन हमलों में किसी नए ‘Zero-Day’ वायरस का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है, बल्कि असली और वैध सॉफ्टवेयर जैसे Rockwell Studio 5000 Logix Designer का गलत यूज किया जा रहा है। हैकर Remote Desktop Protocol के जरिए PLC सिस्टम से जुड़ते हैं और कई पोर्ट्स जैसे Modbus और S7 को भी स्कैन कर रहे हैं। इससे यह संकेत मिलता है कि केवल एक कंपनी नहीं बल्कि कई अलग-अलग कंपनियों के Industrial Systems भी खतरे में हैं। Cyber Experts ने यह भी बताया कि कुछ मामलों में हैकर डिस्प्ले डेटा को बदलकर गलत जानकारी दिखा सकते हैं, जिससे ऑपरेशन में बड़ा जोखिम पैदा हो सकता है।

क्या पहले भी ऐसे साइबर हमले हो चुके हैं और आगे क्या खतरा है?

यह पहली बार नहीं है जब ईरान से जुड़े Hacker Group ने अमेरिका के सिस्टम को निशाना बनाया हो, पहले भी ‘CyberAv3ngers’ नाम के समूह ने कई Industrial Systems को नुकसान पहुंचाया था, हाल ही में मेडिकल कंपनी Stryker पर भी साइबर हमला हुआ था, जिससे उसका सिस्टम कई दिनों तक बंद रहा। साथ ही ‘Handala’ नाम का समूह पर भी FBI अधिकारियों के ईमेल हैक करने और DDoS हमले करने के आरोप लगे हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि जैसे-जैसे अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ रहा है, वैसे-वैसे ऐसे साइबर हमलों की संख्या भी बढ़ सकती है, जिससे एनर्जी, पानी और स्वास्थ्य जैसी जरूरी सेवाओं को खतरा हो सकता है।

FAQ

क्या है ये साइबर अटैक और किसने किया?

यह एक बड़ा साइबर हमला है जो ईरान से जुड़े हैकर ग्रुप द्वारा अमेरिका के महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर पर किया जा रहा है, जिसमें फैक्ट्रियां, पावर प्लांट्स और रिफाइनरी शामिल हैं।

किन सिस्टम्स को सबसे ज्यादा खतरा है?

सबसे ज्यादा खतरा PLC (Programmable Logic Controllers) सिस्टम्स को है, जो इंडस्ट्रियल मशीनों को कंट्रोल करते हैं, खासकर Rockwell Automation के डिवाइसेज।

इन साइबर हमलों से क्या नुकसान हो रहा है?

इन हमलों से कई जगहों पर काम रुक गया है, आर्थिक नुकसान हुआ है और मशीनों के डेटा व डिस्प्ले में छेड़छाड़ का खतरा बढ़ गया है।

हैकर बिना वायरस के सिस्टम कैसे हैक कर रहे हैं?

हैकर असली सॉफ्टवेयर जैसे Studio 5000 Logix Designer और Remote Desktop Protocol का गलत इस्तेमाल करके सिस्टम में घुसपैठ कर रहे हैं।

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आगे इस तरह के हमलों का कितना खतरा है?

एक्सपर्ट्स के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण ऐसे साइबर हमलों का खतरा और बढ़ सकता है, जिससे जरूरी सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।