केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, अब लैपटॉप टैबलेट और कंप्यूटर नहीं होंगे इंपोर्ट

केंद्र सरकार ने लैपटॉप, टैबलेट और पर्सनल कंप्यूटर के इंपोर्ट पर बैन लगा दिया है। सरकार के इस कदम से मेक इन इंडिया को बढ़ावा मिलेगा।

Published By: ajay verma | Published: Aug 03, 2023, 02:58 PM (IST)

हाइलाइट

  • केंद्र सरकार ने लैपटॉप और टैबलेट के इंपोर्ट पर बैन लगा दिया है।
  • इसकी जानकारी वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने साझा की है।
  • अब इन डिवाइस को लाने के लिए सरकार से परमीशन लेनी होगी।

केंद्र सरकार ने गुरुवार को लैपटॉप, टैबलेट और पर्सनल कंप्यूटर के इंपोर्ट पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसको लेकर DGFT (Directorate General of Foreign Trade) की ओर से नोटिफिकेशन जारी किया गया है, जिसमें कहा गया कि अब बैन किए गए इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट को इंपोर्ट कराने के लिए सरकार से मंजूरी लेनी होगी। माना जा रहा है कि यह फैसला मेक इंडिया अभियान और लोकल मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए लिया गया है। और पढें: नए स्मार्टफोन में पहले से नहीं मिलेगा Aadhaar App, सरकार ने वापस लिया प्रस्ताव

वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने कहा कि लैपटॉप, टैबलेट, पर्सनल कंप्यूटर और सर्वर के इंपोर्ट को HSN 8741 के तहत बैन किया गया है। इनके आयात को केवल वैध लाइसेंस के तहत अनुमति दी जाएगी। इसमें पोस्ट और कूरियर के माध्यम से इंपोर्ट किए गए कंप्यूटर व लैपटॉप भी शामिल हैं। हालांकि, बैगेज नियमों के तहत इंपोर्ट्स पर रिस्ट्रिक्शन नहीं लगाया जाएगा, लेकिन आयात शुल्क देना होगा। और पढें: e-PAN कार्ड के नाम पर आ रहा खतरनाक फर्जी ईमेल, सरकार ने जारी किया बड़ा अलर्ट, जानें क्या करें

इस तरह के आइटम के लिए जारी होगा लाइसेंस

मंत्रालय ने बताया कि हर कनसाइनमेंट में 20 ऐसे आइटम के आयात के लिए लाइसेंस जारी किया जाएगा, जिनका इस्तेमाल बेंचमार्किंग, टेस्टिंग, रिपेयर, प्रोडेक्ट मेकिंग और एक्सपोर्ट के लिए किया जाएगा। कार्य पूरा होने के बाद आइटम को नष्ट करना होगा। और पढें: AI जनरेटेड फोटो और वीडियो पर लगेगी लगाम, आज से नए नियम लागू

क्यों लिया गया फैसला ?

सरकार ने मेक इन इंडिया और लोकल मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए लैपटॉप, कंप्यूटर और टैबलेट के इंपोर्ट पर प्रतिबंध लगाया है। इस फैसले से इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर को बूस्ट मिलेगा। माना जा रहा है कि केंद्र के इस फैसले से देश आने वाले समय में ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनेगा।

लैपटॉप और टैबलेट जैसे प्रोडक्ट पर प्रतिबंध लगने से अब भारत की अन्य बाजारों पर निर्भरता कम हो जाएगी और इससे स्थनीय मैन्युफैक्चरिंग भी बढ़ जाएगी। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस साल अप्रैल से जून के बीच 19.7 अरब डॉलर के लैपटॉप, टैबलेट और कंप्यूटर को देश में इंपोर्ट किया गया, जो पिछले साल की तुलना में इस वर्ष 6.25 प्रतिशत ज्यादा है।

MAIT के पूर्व डायरेक्टर अली अख्तर जाफरी ने कहा कि सरकार का लैपटॉप और टैबलेट पर प्रतिबंध लगाने का फैसला रिस्ट्रिक्शन नहीं बल्कि लोकल मैन्युफैक्चरिंग को बूस्ट करना है। इससे आने वाले समय में ज्यादातर प्रोडक्ट का निर्माण भारत में ही होगा।

इलेक्ट्रॉनिक आइटम पर लगने वाली GST दर हुई कम

भारत सरकार ने इस साल जून में आम लोगों के हित को ध्यान में रखकर मोबाइल फोन, टीवी, रेफ्रिजरेटर समेत होम अप्लायंस पर लगने वाली जीएसटी दर को 31.3 से घटाकर 18 प्रतिशत किया था। इससे पहले अप्रैल में सरकार ने ऑनलाइन गेमिंग को लेकर नए नियम जारी किए थे।

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