बड़ा झटका! 1 अप्रैल से भारत में बैन होंगे चीनी CCTV कैमरे! TP-Link जैसे कई ब्रांड्स हैं इनमें शामिल

CCTV new rules India: रिपोर्ट की मानें, तो सरकार 1 अप्रैल से चीनी CCTV कैमरों की खरीद पर रोक लगा सकती है। यहां जानें वजह।

Published By: Manisha | Published: Mar 30, 2026, 05:38 PM (IST)

Chinese CCTV Ban: चीनी ऐप्स के बाद अब भारत सरकार चीनी CCTV कैमरे ब्रांड्स पर बड़ी गाज गिराने वाली है। रिपोर्ट्स की मानें, तो भारत में 1 अप्रैल से चीनी ब्रांड के CCTV कैमरे बैन कर दिए जाएंगे, जिसमें Hikvision, TP-Link और Dahua आदि जैसे ब्रांड्स शामिल होंगे। कहा जा रहा है कि सरकार ऐसे सीसीटीवी कैमरे के इस्तेमाल व खरीद पर रोक लगाने वाली है, जो कि सिक्योरिटी मानकों पर खरे नहीं उतरते और जिनके पास सर्टिफिकेशन मौजूद नहीं है। और पढें: 3000 रुपये से कम में आने वाले एडवांस CCTV Cameras, 24 घंटे करेंगे आपके घर की निगरानी

Economic Times की रिपोर्ट की मानें, तो सरकार 1 अप्रैल से Hikvision, TP-Link और Dahua जैसे इंटरनेट-कनेक्टेड CCTV कैमरा ब्रांड्स पर रोक लगाने की तैयारी कर रही है। सरकार उन सभी तरह के डिवाइस पर रोक लगाने वाली है जो कि चीनी चिपसेट के साथ आने वाले हैं। और पढें: भारत के टॉप-5 CCTV कैमरा ब्रांड, चीनी CCTV कैमरों पर सख्ती के बीच बनेंगे आपके लिए बेस्ट ऑप्शन

सरकार ने क्यों उठाया फैसला

सरकार के इस फैसले का उद्देश्य डिवाइस की सुरक्षा को मजबूत करना है। कहा जा रहा है कि चीनी डिवाइस से हैकिंग और डेटा लीक होने का खतरा रहता है। ऐसे में उन डिवाइस को सर्टिफिकेशन प्रोवाइड नहीं किया जाएगा, जो कि चीनी मूल से बने हैं। एक अन्य रिपोर्ट में जानकारी दी गई है कि हाल ही में खबर आई कुछ रेलवे स्टेशनों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फीड पाकिस्तान में जा रही है। इस खबर के बाद से ही सुरक्षा एजेंसी अलर्ट हो गई हैं। और पढें: 1 अप्रैल से लागू होंगे ये 5 बड़े नियम, PF से लेकर UPI पेमेंट तक बदलेगा ये सब

देसी ब्रांड को मिलेगा बढ़ावा

चीनी ब्रांड के सीसीटीवी कैमरा बैन की खबर के बाद देसी ब्रांड के सीसीटीवी कैमरा को बढ़ावा मिल सकता है, जिसमें CP Plus, Qubo, Prama, Matrix आदि शामिल है। कहा जा रहा है कि ये ब्रांड्स चीनी कॉम्पोनेंट्स की जगह ताइवानी कॉम्पोनेंट्स का इस्तेमाल करती हैं।

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने साल 2024 में CCTV कैमरों के लिए कुछ नियम तय किए थे। इन नियमों के तहत कंपनियों को रिवील करना होगा कि वह कैमरों में किस कंपनी की चिप लगा रहे हैं। नए नियमों के तहत कई कंपनियों को सर्टिफिकेट जारी किए जा चुके हैं।

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