Written By Ashutosh Ojha
Edited By: Ashutosh Ojha | Published By: Ashutosh Ojha | Published: Feb 16, 2026, 01:31 PM (IST)
नई दिल्ली में 16 से 20 फरवरी 2026 तक आयोजित हो रहे भारत AI इम्पैक्ट समिट में विदेशी प्रतिनिधियों के लिए NPCI ने ‘UPI वन वर्ल्ड’ वॉलेट सेवा शुरू की है। इस सेवा के जरिए विदेशी प्रतिनिधि भारत में बिना भारतीय बैंक खाते या मोबाइल नंबर के UPI पेमेंट कर सकते हैं। यह पहल समिट में शामिल 40 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों के लिए उपलब्ध है और इसका उद्देश्य भारत के डिजिटल पेमेंट सिस्टम को वैश्विक पहुंच देना है। और पढें: AI Impact Summit 2026: भारत में आज से होगा शुरू, PM मोदी करेंगे उद्घाटन
UPI वन वर्ल्ड वॉलेट के माध्यम से विदेशी प्रतिनिधि रियल टाइम Person-to-Merchant (P2M) पेमेंट कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें CheqUPI App डाउनलोड करना होगा और Passport, Visa details जमा करके और Selfie Verification के बाद UPI PIN सेट करना होगा। Verification के बाद एक Specific UPI ID बनाई जाती है, जिससे वे भारत में किसी भी UPI QR को स्कैन करके पेमेंट कर सकते हैं। यह सुविधा विशेष रूप से नई दिल्ली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा और NPCI पवेलियन, भारत मंडपम पर उपलब्ध है। और पढें: India AI Impact Summit: भारत नहीं आ रहे Nvidia के CEO जेन्सन हुआंग, ये बड़े नाम सम्मेलन में होंगे शामिल, देखें लिस्ट
विदेशी प्रतिनिधि इस वॉलेट में अपने अंतरराष्ट्रीय डेबिट या क्रेडिट कार्ड से पैसा डाल सकते हैं। प्रति लेनदेन अधिकतम ₹25,000 तक की सीमा है और महीने में अधिकतम दो बार वॉलेट लोड किया जा सकता है, जिसकी कुल सीमा ₹50,000 है। NPCI ने कहा कि अगर वॉलेट में पैसा बचा रह जाता है, तो उसे वापस अपने बैंक या उसी कार्ड में भेजा जा सकता है क्योंकि यह उनके देश के नियमों पर निर्भर करता है। और पढें: Bharat Taxi में Paytm से झटपट UPI पेमेंट शुरू, Uber-Ola को मिलेगी कड़ी टक्कर
NPCI के अनुसार यह पहल विदेशी प्रतिनिधियों को भारत के रीयल-टाइम डिजिटल पेमेंट नेटवर्क से जोड़ने के लिए है। जनवरी 2026 में UPI ने 21.70 अरब लेनदेन किए, जिनकी कुल राशि ₹28.33 लाख करोड़ (लगभग $312 बिलियन) थी। NPCI जिसे भारतीय रिजर्व बैंक और भारतीय बैंक एसोसिएशन द्वारा स्थापित किया गया है, भारत में रिटेल पेमेंट और सेटलमेंट सिस्टम संचालित करता है। इसका पोर्टफोलियो UPI, RuPay, IMPS, NACH और AePS जैसी सेवाओं को शामिल करता है, जिससे यह देश में डिजिटल पेमेंट के सबसे बड़े नेटवर्क में से एक बन गया है।