OTP से हो रही जालसाजी, एक साथ आ रहे कई मैसेज तो हो जाएं अलर्ट

लेटेस्ट रिपोर्ट में जानकारी दी है कि हैकर्स ने एक ऑटोमेटेड सॉफ्टवेयर प्रोग्राम तैयार किया है। यह प्रोग्राम किसी भी नंबर पर अनलिमिटेड OTP एसएमएस भेजने में सक्षम है। इसमें न कोई रेट लिमिटेशन होती है और न ही कोई कैप्चा प्रोटेक्शन।

Published By: Manisha | Published: Aug 29, 2023, 01:02 PM (IST)

हाइलाइट

  • OTP एसएमएस क जरिए लोगों को निशाना बना रहे हैकर्स
  • ब्लक में ओटीपी वेरिफिकेशन मैसेज भेज रहे हैकर्स
  • स्पैम मैसेज से जरूरी नोटिफिकेशन हो जाती है मिस

OTP: भारत में ऑनलाइन हैकिंग के मामले दिन-ब-दिन बढ़ते जा रहे हैं। मासूम लोगों को अपना निशाना बनाने के लिए हैकर्स आए दिन नए-नए तरीकों का इजाद करते रहते हैं। लेटेस्ट रिपोर्ट में कुछ इसी प्रकार की जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट में जानकारी दी गई है कि अब हैकर्स ने एक ऑटोमेटेड सॉफ्टवेयर प्रोग्राम डेवलप किया है, जो कि वन-टाइम पासवर्ड (OTP) वेरिफिकेशन API का इस्तेमाल करके लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। यह प्रोग्राम लोगों के डिवाइस में एक साथ कई OTP SMS को भेज देता है, इतने स्पैम एसएमएस के बीच यूजर जरूरी हैकिंग नोटिफिकेशन या फिर अनऑथराइज लॉग-इन वाले नोटिफिकेशन को मिस कर देते हैं। और पढें: WhatsApp में अभी ON कर लें ये खास सिक्योरिटी फीचर, स्कैमर्स नहीं बना पाएंगे आपको अपना शिकार

साइबर-सिक्योरिटी कंपनी CloudSEK ने अपनी लेटेस्ट रिपोर्ट में जानकारी दी है कि हैकर्स ने एक ऑटोमेटेड सॉफ्टवेयर प्रोग्राम तैयार किया है। यह प्रोग्राम किसी भी नंबर पर अनलिमिटेड OTP एसएमएस भेजने में सक्षम है। इसमें न कोई रेट लिमिटेशन होती है और न ही कोई कैप्चा प्रोटेक्शन। और पढें: AI Deepfake Scam: नकली वीडियो बनाकर ठगी को दिया अंजाम, ऐसे करें खुद का बचाव

स्पैम SMS

एक-साथ बल्क में भेजे गए ओटीपी एसएमएस के जरिए यूजर्स के मैसेज बॉक्स स्पैम एसएमएस से भर दिया जाता है। CloudSEK के साइबर थ्रेट रिसचर का Mudit Bansal का कहना है कि अटैकर्स इस तरह के स्पैम ओटीपी एसएमएस के जरिए अनऑथराइज लॉग-इन नोटिफिकेशन को छुपाने का काम करते हैं। इसके अलावा, लगातार इस तरह के ओटीपी रिक्वेस्ट एसएमएस सर्विस के आने की वजह से यूजर का अकाउंट भी ब्लॉक किया जा सकता है, जिससे वह अपने अकाउंट को एक्सेस नहीं कर पाएंगे और हैकर्स इसी का फायदा उठाएंगे। और पढें: क्या होता है Dark Web और यह आम इंटरनेट से अलग क्यों है? भारत के लोग हो रहे शिकार, ऐसे बचें

यूजर्स के फोन कहां से लाते हैं हैकर्स?

रिपोर्ट की मानें, तो SMS bomber के जरिए हैकर्स फोन नंबर की लिस्ट प्राप्त कर पाते हैं, जिन्हें वह इस तरह के स्पैम ओटीपी एसएमएस भेज सकते हैं। इसके अलावा, हैकर्स डार्क वेब व लिंक्डइन के जरिए सेल डिपार्टमेंट प्रतिनिधियों का फोन नंबर भी निकाल लेते हैं।

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