AI जनरेटेड कॉन्टेंट पर अब सरकार हुई सख्त, लेकर आई नए नियम, 20 नवंबर से होंगे लागू

Govt's new rules for AI content: सरकार ने AI कॉन्टेंट पर सख्ती दिखाते हुए आज 10 फरवरी को नए IT नियम नोटिफाई किए हैं। नए नियमों के तहत सरकार ने डीपफेक फोटो व वीडियो व फेक एआई कॉन्टेंट को लेकर नई गाइलाइंस जारी की है।

Published By: Manisha | Published: Feb 10, 2026, 06:57 PM (IST)

Govt's new rules for AI content: AI के आने के बाद से सोशल मीडिया पर डीपफेक फोटो, वीडियो व ऑडियो तेजी से वायरल हो रही हैं। एआई इतनी बारीकी से असली फोटो व वीडियो को नकली में बदल देता है, जिसके बाद असली और नकली में फर्क करना मुश्किल हो जाता है। इस वजह से देश में फर्जी खबरें तेजी से फैल जाती है। इन्हीं सब को देखते हुए अब सरकार ने AI जनरेटेड कॉन्टेंट पर अपनी सख्ती दिखाना शुरू कर दिया है। आज 10 फरवरी को नया नियम नोटिफाई किया है, जो कि 20 फरवरी से लागू होगा। आइए जानते हैं सभी डिटेल्स। और पढें: Adobe Acrobat हुआ और भी स्मार्ट, अब AI करेगा मिनटों में पूरा काम

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें, तो सरकार ने AI कॉन्टेंट पर सख्ती दिखाते हुए आज 10 फरवरी को नए IT नियम नोटिफाई किया है। इन नियमों को 20 फरवरी से लागू किया जाने वाला है। नए नियमों के तहत सरकार ने डीपफेक फोटो व वीडियो व फेक एआई कॉन्टेंट को लेकर नई गाइलाइंस जारी की है। और पढें: AI क्रिएटर्स पर इंस्टाग्राम की खास नजर, टेस्ट करना शुरू किया ये फीचर

3 घंटे के अंदर भ्रमित AI कॉन्टेंट होंगे रिमूव

नए नियम के तहत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट भ्रमित करने वाले AI कॉन्टेंट को हटाने के लिए समयसीमा कम कर दी है। पहले इस तरह के फेक कॉन्टेंट को हटाने के लिए 36 घंटे का समय मिलता था, वहीं अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को 3 घंटे के अंदर इस तरह का कॉन्टेंट हटाना होगा। और पढें: MeitY ने सख्त नियम प्रस्तावित किए, AI से बना कंटेंट पहचानना होगा आसान

AI कॉन्टेंट पर लेबलिंग होगी जरूरी

नए नियम के तहत सरकार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को ऐसे टूल लाने की सलाह दे रही है, जिसके जरिए एआई जनरेटेड कॉन्टेंट की पहचान की जा सके। यदि कोई फोटो व वीडियो एआई से बनाई गई है, तो उसे लेबल करना जरूरी है।

इन सब के अलावा, यदि कोई यूजर भ्रमति करने वाले AI जनरेटेड कॉन्टेंट को सोशल मीडिया पर अपलोड करता है, तो उस कॉन्टेंट की पहचान करना भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की जिम्मेदारी है। इसके लिए उन्हें टेक्निकल मेटाकोड डालने की भी सलाह दी गई है।

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