पृथ्वी के बाहर मिला जीवन का नया सुराग, वैज्ञानिकों की इस नई खोज ने बढ़ाई उम्मीदें

पृथ्वी के बाहर मौजूद ग्रहों को लेकर वैज्ञानिकों ने एक ऐसी खोज की है जिसने जीवन की संभावना को लेकर नई उम्मीदें जगा दी हैं। पहली बार सौर मंडल के बाहर के ग्रहों के आसपास चुंबकीय क्षेत्र के संकेत मिले हैं। यह खोज इसलिए खास है क्योंकि चुंबकीय क्षेत्र किसी ग्रह को खतरनाक Radiations से बचाकर वहां जीवन के अनुकूल परिस्थितियां बनाने में मदद कर सकता है। आइए जानते हैं...

Published By: Ashutosh Ojha | Published: Jun 03, 2026, 12:21 PM (IST)

Astronomers ने हमारे Solar System के बाहर मौजूद ग्रहों यानी एक्सोप्लैनेट्स (सौर मंडल के बाहर के ग्रहों) के बारे में एक बड़ी खोज की है। पहली बार वैज्ञानिकों को ऐसे सबूत मिले हैं जो बताते हैं कि इन दूर-दराज के ग्रहों के पास भी पृथ्वी की तरह चुंबकीय क्षेत्र (Magnetic Field) मौजूद हो सकते हैं। यह खोज बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि पृथ्वी पर जीवन को सुरक्षित रखने में हमारे ग्रह का चुंबकीय क्षेत्र बड़ी भूमिका निभाता है। यह हमें सूर्य से आने वाले खतरनाक Radiations से बचाता है। वैज्ञानिकों का मानना है कि यह नई खोज भविष्य में ऐसे ग्रहों की पहचान करने में मदद करेगी जहां जीवन की संभावना हो सकती है। और पढें: Ghost Particle का रहस्य सुलझने के करीब, वैज्ञानिकों को मिला बड़ा सुराग

इन ग्रहों पर हवाएं कितनी तेज चल रही हैं और वैज्ञानिक क्यों हैरान हैं?

वैज्ञानिकों ने इस रिसर्च के लिए दो बेहद शक्तिशाली दूरबीनों का इस्तेमाल किया। उन्होंने सात ऐसे विशाल Gaseous planets का अध्ययन किया जिन्हें 'Hot Jupiter' कहा जाता है। ये ग्रह अपने तारों के बहुत करीब होते हैं, इसलिए इनका एक हिस्सा हमेशा दिन की तरफ और दूसरा हिस्सा हमेशा रात की तरफ रहता है। अध्ययन में पता चला कि इन ग्रहों पर हवाएं 7000 से लेकर 25,000 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलती हैं। और पढें: सौर मंडल से जुड़े सबसे बड़े राज का हुआ खुलासा, वैज्ञानिकों की इन नई रिचर्स ने सबको चौंकाया!

तुलना के लिए, हमारे सौर मंडल के सबसे बड़े ग्रह Jupiter पर सबसे तेज हवाओं की गति करीब 1,500 किलोमीटर प्रति घंटा ही है, यानी इन दूर के ग्रहों पर चलने वाली हवाएं Jupiter की हवाओं से कई गुना ज्यादा तेज हैं। इतनी जबरदस्त रफ्तार देखकर वैज्ञानिक भी हैरान रह गए क्योंकि यह अब तक देखी गई सबसे तेज ग्रहों की हवाओं में से एक है। और पढें: ब्लैक होल के अंदर क्या होता है? नई रिसर्च में बड़ा दावा

Hot Planets पर धीमी और Cold planets पर तेज हवाएं क्यों मिलीं?

शुरुआत में वैज्ञानिक सिर्फ यह समझना चाहते थे कि क्या सभी Hot Planets पर हवाएं एक जैसी चलती हैं, लेकिन रिसर्च के दौरान उन्हें एक चौंकाने वाली बात पता चली। उन्होंने देखा कि कुछ बहुत ज्यादा गर्म ग्रहों पर हवाएं उम्मीद से धीमी थीं, जबकि कुछ कम गर्म ग्रहों पर हवाएं उससे भी तेज चल रही थीं। यह नतीजा वैज्ञानिकों की सोच के बिल्कुल उलट था। जब उन्होंने इसकी वजह खोजी, तो पता चला कि इन ग्रहों के चुंबकीय क्षेत्र (Magnetic Field) हवाओं की रफ्तार को कम करने का काम कर रहे हैं। आसान शब्दों में, ग्रह का चुंबकीय क्षेत्र एक तरह के 'Break' की तरह काम करता है, जो हवा में मौजूद Charged Particles की गति को नियंत्रित करता है। वैज्ञानिकों का मानना है कि जिस ग्रह का चुंबकीय क्षेत्र जितना ज्यादा मजबूत होगा, वह हवाओं को उतना ही ज्यादा धीमा कर सकता है। इसी खोज की मदद से वैज्ञानिक पहली बार इन दूर के ग्रहों के चुंबकीय क्षेत्र की ताकत का अनुमान लगाने में सफल हुए।

क्या यह खोज एलियन की तलाश में मदद कर सकती है?

रिचर्च में पता चला कि इन सात ग्रहों के चुंबकीय क्षेत्र Saturn ग्रह से लगभग चार गुना ज्यादा शक्तिशाली हैं, जबकि उनकी ताकत Jupiter ग्रह के चुंबकीय क्षेत्र की करीब आधी है। वैज्ञानिकों का मानना है कि इन ग्रहों पर दिखाई देने वाली रंग-बिरंगी रोशनियां (ऑरोरा) पृथ्वी पर दिखने वाली नॉर्दर्न लाइट्स और सदर्न लाइट्स से भी कहीं ज्यादा शानदार और चमकदार हो सकती हैं। शोधकर्ताओं के अनुसार, यह खोज एक्सोप्लैनेट (सौर मंडल के बाहर के ग्रहों) के अध्ययन में एक बड़ी उपलब्धि है। अब वैज्ञानिक पहली बार अलग-अलग ग्रहों के चुंबकीय क्षेत्रों की तुलना कर सकेंगे। इससे यह समझने में मदद मिलेगी कि कौन से ग्रह लंबे समय तक अपना पानी बचाकर रख सकते हैं और किन ग्रहों पर भविष्य में जीवन की संभावना हो सकती है।

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