Chandrayaan 3 की तय समय पर होगी लैंडिंग, ऐसे देख सकते हैं Live

Chandrayaan 3 का लैंडर तय समय पर चांद की सतह पर लैंड करेगा। ISRO के चेयरमैन एस सोमनाथ ने इस बात की जानकारी दी है। चांद के दक्षिणी ध्रुव पर उतरने वाला भारत पहला देश बन जाएगा।

Published By: harshit harsh
Published: Aug 23, 2023, 12:59 PM (IST)

हाइलाइट

  • Chnadrayaan 3 का लैंडर आज चांद के दक्षिणी ध्रुव के करीब उतरेगा।
  • ISRO चेयरमैन ने कंफर्म किया है कि तय समय पर इसकी लैंडिंग होगी।
  • चंद्रयान 3 के चांद की सतह पर उतरते ही भारत इतिहास रच देगा।

Chandrayaan 3 का लैंडर आज यानी 23 अगस्त को तय समय पर चांद की सतह पर उतरेगा। देश के तीसरे मून मिशन यानी चंद्रयान-3 के बारे में ISRO के शीर्ष अधिकारी ने कहा कि भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी बुधवार शाम को अपने चंद्रमा लैंडर को उतारने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। इसके लिए इसरो कोई अन्य प्लान-बी पर विचार नहीं कर रही है। इसरो के चेयरमैन एस सोमनाथ ने कहा है कि चंद्रयान 3 का लैंडर बुधवार शाम तय समय के अनुसार चांद की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग करेगा। और पढें: Vikram-1: अंतरिक्ष में भारत के 'आगमन' की तैयारी पूरी, आज पहला प्राइवेट ऑर्बिटल रॉकेट होगा लॉन्च, रहें तैयार

आईएएनस को दिए इंटरव्यू में एस सोमनाथ ने तय समय पर चंद्रयान-3 के प्रज्ञान रोवर की लैंडिंग की पुष्टि की है। इसरो अध्यक्ष का आत्मविश्वास भरा बयान बताता है कि चंद्रयान 3 के लैंडर की सभी प्रणालियां अच्छी तरह काम कर रही हैं। सोमनाथ से एक वरिष्ठ अधिकारी के उस बयान के बारे में पूछा गया था जिसमें कहा गया था कि यदि लैंडर सिस्टम में कोई समस्या हुई तो लैंडिंग को 27 अगस्त तक के लिए स्थगित कर दिया जाएगा। और पढें: ISRO ने Gaganyaan मिशन की 3 जरूरी टेस्टिंग की पूरी, जानिए कैसे सुरक्षित लौटेंगे भारतीय अंतरिक्ष यात्री

नई लैंडिंग साइट 400 किलोमीटर दूर

अधिकारी ने यह भी कहा था, 27 अगस्त को लैंडिंग की स्थिति में, नई लैंडिंग साइट चांद पर मूल लैंडिंग साइट से लगभग 400 किमी दूर होगी।भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी ISRO ने भी ट्वीट किया है कि मिशन तय समय पर है। इसरो ने कहा, “सिस्टम की नियमित जांच हो रही है। मिशन ऑपरेशंस कॉम्प्लेक्स (एमओएक्स) ऊर्जा और उत्साह से भरा हुआ है!” और पढें: धरती के बाहर मिला गैस और पानी का खजाना! NASA की रिपोर्ट ने चौंकाया

अधिकारी ने अपने बयान में कहा था कि अगर आखिरी मिनटों में कोई दिक्कत आती है तो इसरो के लिए प्लान बी काम करेगा। ISRO के मुताबिक, मून लैंडर अपने लैंडर पोजिशन डिटेक्शन कैमरा (एलपीडीसी) से लैंडिंग साइट की तस्वीरें खींच रहा है। LPDC  इमेज ऑनबोर्ड चंद्रमा संदर्भ मानचित्र के साथ मिलान करके लैंडर मॉड्यूल को उसकी स्थिति (अक्षांश और देशांतर) निर्धारित करने में सहायता करती हैं।

Chandrayaan 3 Landing Live

इसकी लैंडिंग को दूरदर्शन के राष्ट्रीय चैनल (DD Nationa) के साथ-साथ ISRO के सोशल मीडिया हैंडल और YouTube चैनल पर लाइव देख सकेंगे।

इसमें लगें हैं शक्तिशाली कैमरे

विक्रम लैंडर में एक अन्य कैमरा भी है जिसे लैंडर हैजर्ड डिटेक्शन एंड अवॉइडेंस कैमरा (एलएचडीएसी) कहा जाता है। यह कैमरा बोल्डर या गहरी खाइयों से मुक्त एक सुरक्षित लैंडिंग क्षेत्र का पता लगाने में सहायता करता है। महज 600 करोड़ रुपये के चंद्रयान-3 मिशन का मुख्य उद्देश्य विक्रम लैंडर को चंद्रमा की सतह पर सुरक्षित रूप से सॉफ्ट लैंडिंग कराना है। चंद्रयान-3 अंतरिक्ष यान में एक प्रणोदन मॉड्यूल (वजन 2,148 किलोग्राम), एक लैंडर (1,723.89 किलोग्राम) और एक रोवर (26 किलोग्राम) शामिल है।

कुछ दिन पहले लैंडर प्रोपल्शन मॉड्यूल से अलग हो गया और अब दोनों अलग-अलग कक्षाओं में चंद्रमा का चक्कर लगा रहे हैं। इसरो के अनुसार, लैंडर बुधवार शाम 5.45 बजे चंद्रमा पर उतरना शुरू करेगा और टच डाउन शाम करीब 6.05 बजे होगा। बता दें विक्रम लैंडर, जो 2019 में चंद्रयान -2 मिशन का हिस्सा था, चंद्रमा पर लैंडिंग के आखिरी चरण में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था।

(IANS इनपुट के साथ)

>

टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल की लेटेस्ट खबरों के लिए आप हमें व्हाट्सऐप चैनल, फेसबुक, यूट्यूब और X, पर फॉलो करें।