Apple ने मात्र 3 दिन में पांच हवाई जहाज भरकर अमेरिका भेजे iPhone और अन्य प्रोडक्ट, जानें कारण

Apple ने भारत और चीन से अमेरिका में एक या दो नहीं बल्कि पांच हवाई जहाज भरकर आईफोन और एप्पल प्रोडक्ट भेजे हैं। आइये, इसके पीछे का कारण जानते हैं।

Published By: Mona Dixit | Published: Apr 08, 2025, 01:20 PM (IST)

Apple ने पांच हवाई जहाज भरकर भारत से आईफोन्स को US भेजा है। आईफोन के साथ-साथ और भी कई प्रोडक्ट भेजे गए हैं। कंपनी ने यह बड़ा कदम नए अमेरिकी टैरिफ से बचने के लिए है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप के दूसरी बार राष्ट्रपति बनने के बाद अमेरिका की ओर से हाल ही में ने ट्रैरिफ लगाए गए हैं, जो 5 अप्रैल, 2025 से लागू हो गए हैं। और पढें: iOS 26.5 में आए 5 धमाकेदार फीचर्स, अब iPhone चलाना होगा और भी मजेदार

इन टैरिफ से निपटने के लिए कंपनी अपने-अपने तरीके निकाल रही है। इन टैरिफ से लागू होने के बाद एप्पल ने मार्च के अंत में केवल तीन दिनों में भारत से पांच विमानों में आईफोन और अन्य प्रोडक्ट को अमेरिका भेजा है। आइये, डिटेल में जानते हैं। और पढें: iPhone 17 Pro, 17, 16, 15 और iPhone Air पर आई धमाकेदार डील, Flipkart-Amazon से सस्ते में खरीदने का मौका

Apple ने भेजे ये आईफोन्स

TOI की रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय अधिकारियों ने कन्फर्म किया है कि मार्च के अंतिम सप्ताह में मात्र तीन के भीतर चार प्लेन भरकर आईफोन और एप्पल के प्रोडक्ट्स को भारत से US शिप किया गया है। शिपमेंट ट्रम्प प्रशासन द्वारा लगाए गए 10% ट्रैरिफ से पहले आया था, जो 5 अप्रैल को लागू हुआ था।

सोर्स ने यह भी कहा है कि एप्प्ल का भारत या अन्य मार्केट में रिटेल प्राइज बढ़ाने का अभी कोई प्लान नहीं है। इस इफेक्ट को कम करने के लिए कंपनी ने भारत और चीन के विनिर्माण केंद्रों से इन्वेंट्री को तेजी से अमेरिका में ट्रांसफर कर दिया। बता दें कि इस समय शिपमेंट कम होती है। एक सोर्स के अनुसार भारत और चीन और अन्य प्रमुख स्थानों की फैक्ट्रियां उच्च टैरिफ से निपटने के लिए अमेरिका में प्रोडक्ट भेज रही थीं।

कई रिपोर्ट की मानें तो अमेरिका में ज्यादा टेक्स देने से बचने के लिए Apple ने चीन और भारत से ले जाकर अमेरिका में पर्याप्त स्टॉक्स कर लिया है। इससे कुछ समय तक वहां पर कीमत बढ़ाने से बचा जा सकता है।

अगर आप सोच रहे हैं कि इससे भारत समेत अन्य जगह पर भी एप्पल के प्रोडक्ट के दाम बढ़ जाएंगे तो ऐसा नहीं है। इससे अन्य देशों पर कोई प्राभाव नहीं पड़ेगा।

टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल की लेटेस्ट खबरों के लिए आप हमें व्हाट्सऐप चैनल, फेसबुक, यूट्यूब और X, पर फॉलो करें।