Android यूजर्स को सरकार की चेतावनी, फेक ऐप से फोन हो रहे हैक

Android यूजर्स की प्राइवेसी को बरकरार रखने के लिए Indian Government ने खतरनाक मैलवेयर 'DogeRAT' को लेकर चेतावनी जारी की है। यह मैलवेयर यूजर्स का पर्सनल डेटा चुराने के साथ-साथ हैकर्स को डिवाइस का एक्सेस प्रदान कर रहा है।

Published By: ajay verma | Published: Sep 06, 2023, 04:18 PM (IST)

हाइलाइट

  • Android यूजर्स के लिए चेतावनी जारी की गई है।
  • सरकार ने 'DogeRAT' मैलवेयर के बारे में बताया है।
  • यह मैलवेयर यूजर्स का निजी डेटा चुराता है।

Android यूजर्स के लिए बड़ी खबर है। भारत सरकार ने खतरनाक मैलवेयर 'DogeRAT' को लेकर चेतावनी जारी की है, जिसकी मदद से हैकर्स अब तक लाखों यूजर्स का निजी डेटा चुरा चुके हैं। इसके लिए हैकर्स ने पॉपुलर सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया है। आपको बता दें कि हाल ही में Quick Heal की एक रिपोर्ट आई थी, जिससे पता चला कि भारत में पिछले कुछ महीनों में साइबर अटैक के मामले तेजी से बढ़ें। 10 करोड़ से ज्यादा भारतीयों को निशाना बनाया गया। और पढें: फोन में लगातार आ रही Call Drop की समस्या, ठीक करने के लिए अपनाएं ये टिप्स

फेक ऐप के जरिए यूजर्स तक पहुंचा मैलवेयर

साइबर सिक्योरिटी फर्म CloudSEK ने सबसे पहले DogeRAT मैलवेयर को स्पॉट किया। इसके बाद डिफेंस मिनिस्ट्री के कंट्रोलर जेनरल ऑफ डिफेंस अकाउंट्स की ओर से इस मैलवेयर को लेकर अलर्ट जारी किया गया। विभाग ने बताया कि यह रिमोट एक्सेस ट्रोजन है। इसे खासतौर पर भारतीय एंड्रॉइड यूजर्स के डेटा को चुराने के लिए तैयार किया गया है। इसे Opera Mini, OpenAI ChatGPT, YouTube, Netflix और Instagram जैसे पॉपुलर ऐप के फेक वर्जन बनाकर यूजर्स के डिवाइस तक पहुंचाया गया और डेटा चुराया जा रहा है। और पढें: Google का नया AI फीचर करेगा फर्जी कॉल की पहचान, डीपफेक स्कैम से यूजर्स को मिलेगी बड़ी सुरक्षा

हैकर्स को मिलता है फोन का एक्सेस

विभाग के अनुसार, DogeRAT मैलवेयर डिवाइस में पहुंचने के बाद कॉन्टैक्ट, मैसेज और बैंकिंग डिटेल जैसी जानकारी हैकर्स के सर्वर पर पहुंचा देता है। साथ ही, हैकर्स को डिवाइस का एक्सेस भी देता है, जिसे वे आसानी से स्पैम मैसेज भेजने के साथ-साथ ऑनलाइन पेमेंट, फोटो क्लिक और फाइल ट्रांसफर कर सकते हैं। वहीं, यह मैलवेयर यूजर की लोकेशन और ऑडियो रिकॉर्ड करने में सक्षम है। और पढें: WhatsApp पर Delete कर दिया मैसेज, क्या फिर भी पढ़ सकता है कोई?

AYUSH विभाग का डेटा हुआ लीक

CloudSEK ने डॉगीरेट मैलवेयर से पहले झारखंड में आयुष मंत्रालय के डेटा लीक होने की जानकारी दी थी। साइबर सिक्योरिटी कंपनी ने अपनी रिपोर्ट में बताया गया कि करीब 3.2 लाख पेशेंट्स के रिकॉर्ड लीक हुए, जो डार्क वेब पर उपलब्ध थे।

इस तरह से खुद को रखें सेफ

विभाग ने यूजर्स को Google Play Store जैसे आधिकारिक प्लेटफॉर्म से ऐप डाउनलोड करने की सलाह दी है। टेलीग्राम जैसे मैसेजिंग ऐप पर उपलब्ध लिंक से ऐप्लिकेशन इंस्टॉल करने से मना किया है। इसके अलावा, अंजान ईमेल या मैसेज में आए लिंक पर क्लिक करने से भी मना किया है।

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