Online Scam: कभी नहीं होंगे स्कैम का शिकार, ऐसे पहचानें और करें खुद का बचाव

Online Scam: ऑनलाइन स्कैम के बढ़ते मामलों के बीच खुद को सिक्योर रखना बहुत जरूरी है। कुछ तरीके हैं, जिनसे स्कैम की पहचान करने के साथ खुद बचाया जा सकता है। आइए जानते हैं।

Published By: ajay verma | Published: Nov 28, 2024, 03:19 PM (IST)

Online Scam: देश में ऑनलाइन स्कैम के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। हैकर्स लोगों को अपना शिकार बनाने के लिए लगातार नए-नए तरीके आजमा रहे हैं। इस तरह की धोखीधड़ी से बचने के लिए जागरुक और सतर्क रहने की बहुत जरूरत है। अगर आप भी इस डिजिटल युग में अपने आप को सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो हम आपको इस आर्टिकल में ऑनलाइन स्कैम को पहचानने और इनसे बचने का तरीका बताएंगे, जो आपके बहुत काम आएगा। इससे आपके पैसे और निजी डेटा सिक्योर रहेगा। और पढें: LPG Cylinder के नाम पर हो रही ठगी, नहीं रहे सावधान, मिनटों में खाली हो जाएगा बैंक अकाउंट

ऐसे करें Online Scam की पहचान

ऑनलाइन स्कैम को अंजाम देने के लिए कई तरीके हैं। इनमें सबसे पॉपुलर फिंशिंग है। इसमें हैकर्स मैलिशियस लिंक, ईमेल व टेक्स्ट मैसेज का सहारा लेकर लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं और उन्हें ठग लेते हैं। अच्छी बात यह है कि स्कैम को पहचानने के कई निम्नलिखित तरीके हैं। और पढें: Meta का बड़ा कदम, WhatsApp, Facebook और Messenger पर स्कैमर्स की छुट्टी, लॉन्च हुआ नया सुरक्षा फीचर

1. किसी भी लिंक पर तुरंत क्लिक न करें। क्लिक करने से पहले उसके URL को जरूर चेक करें। यदि शुरुआत में http है, तो भूलकर भी लिंक ओपन न करें। ऐसे यूआरएल को फेक माना जाता है। https वाले लिंक सुरक्षित होते हैं। और पढें: कर्नाटक बना भारत का पहला राज्य, 16 साल से छोटे बच्चों के लिए सोशल मीडिया पूरी तरह बंद

2. यूआरएल के डोमेन नेम की स्पेलिंग जरूर चेक करें। गलती दिखने पर इसे इग्नोर करें।

3. स्कैमर्स आमतौर पर आपके परिवार के सदस्य या फिर दोस्त बनकर आपको टारगेट कर सकते हैं। इसलिए जब भी कॉल आए, तो सबसे पहले उसे पहचानने की कोशिश करें।

4. कोई भी विभाग या कंपनी आपकी निजी जानकारी नहीं मांगती है। यदि कोई आपसे पर्सनल डेटा मांगता है, तो समझ जाए कि वह स्कैमर है। कॉल कट करें। भूलकर भी अपना डेटा साझा न करें।

कैसे करें खुद का बचाव

ऑनलाइन स्कैमर्स से खुद को सुरक्षित रखने के लिए एंटी-वायरस सॉफ्टवेयर और सर्विस का इस्तेमाल करें। इससे फायदा यह होगा कि सिस्टम अपने आप फिशिंग अटैक को ब्लॉक कर देगा और आपके डेटा को अतिरिक्त सुरक्षा लेयर मिलेगी।

अन्य टिप्स

  • अपने स्मार्टफोन के सॉफ्टवेयर को समय-समय पर अपडेट करते रहें।
  • टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) फीचर का इस्तेमाल करें।
  • मजबूत पासवर्ड का इस्तेमाल करें।
  • स्पैम कॉल को बिना देरी किए ब्लॉक करें।

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