सिर्फ एक ट्रिक से पहचानें फर्जी कॉल और मैसेज, सरकार ने दिया आसान तरीका

क्या आप भी फेक कॉल्स और मैसेज से परेशान हैं? अब चिंता की बात नहीं, सरकार ने एक ऐसा आसान तरीका लॉन्च किया है जिससे आप सेकंडों में असली और नकली कॉल या मैसेज पहचान सकते हैं। आइए जानते हैं...

Published By: Ashutosh Ojha | Published: Oct 13, 2025, 05:16 PM (IST)

अब आपके मोबाइल पर आने वाली फेक कॉल्स और मैसेज को पहचानना बेहद आसान हो गया है। सरकार ने हाल ही में 'Sanchar Sathi' नाम का पोर्टल और ऐप लॉन्च किया है, जो लोगों को साइबर फ्रॉड से बचाने के लिए बनाया गया है। इस पोर्टल में एक खास सेक्शन है 'Chakshu', जिसके जरिए यूजर किसी भी संदिग्ध कॉल या मैसेज की रिपोर्ट कर सकते हैं, जैसे ही कोई यूजर रिपोर्ट करता है उस नंबर को ट्रैक कर ब्लॉक कर दिया जाता है ताकि आगे किसी और को नुकसान न हो। इससे लोगों को ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने का एक मजबूत रास्ता मिला है। और पढें: डिजिटल अरेस्ट स्कैम से बचाएगा इस बैंक का डबल OTP सिस्टम, जानिए कैसे करेगा काम

असली और नकली कॉल्स में फर्क कैसे पहचानें?

सरकार ने फर्जी कॉल्स को पहचानने के लिए एक नया नियम भी लागू किया है। अब बैंकिंग, इंश्योरेंस और फाइनेंशियल सर्विसेज से आने वाली असली कॉल्स का नंबर '160 सीरीज' से शुरू होगा। यानी अगर आपको किसी बैंक या इंश्योरेंस कंपनी के नाम से कॉल आती है लेकिन उसका नंबर 160 से शुरू नहीं होता तो वह कॉल 99% फेक हो सकती है। ऐसे में सबसे अच्छा तरीका है कि आप उस कॉल को तुरंत डिस्कनेक्ट करें और 'Sanchar Sathi' पोर्टल पर जाकर रिपोर्ट करें। यह कदम न सिर्फ आपको बल्कि लाखों मोबाइल यूजर्स को भी सुरक्षित रखने में मदद करेगा। और पढें: 1 अप्रैल से बदल रहे हैं नियम, ऑनलाइन पेमेंट के लिए अब सिर्फ OTP से नहीं चलेगा काम

असली और फेक मैसेज की पहचान कैसे करें?

इसी तरह अब आप यह भी आसानी से पता लगा सकते हैं कि कोई SMS असली है या फर्जी। इसके लिए आपको बस मैसेज के 'सेंडर कोड' पर ध्यान देना होगा। अगर मैसेज के अंत में '-S', '-G' या '-P' लिखा है तो वह असली माना जाएगा। यहां 'S' का मतलब है 'Service', यानी बैंक या टेलीकॉम से जुड़ी सर्विस मैसेज, 'G' का मतलब है 'Government', यानी सरकारी योजनाओं या अलर्ट से जुड़ी जानकारी, और 'P' का मतलब है 'Promotion', यानी कंपनी द्वारा भेजा गया प्रचार मैसेज। अगर किसी मैसेज में यह कोड नहीं है या नंबर अजीब दिख रहा है तो सावधान रहें वह मैसेज फेक हो सकता है। और पढें: फर्जी ऐप और वेबसाइट को तुरंत कैसे पहचाने? इस तरीकों का करें यूज कभी नहीं होगी ऑनलाइन धोखाधड़ी

फेक मैसेज से बचने के लिए क्या सावधानी बरतें?

फेक मैसेज अक्सर असली कंपनियों जैसे बैंक या ई-कॉमर्स वेबसाइट के नाम पर भेजे जाते हैं ताकि लोग आसानी से धोखे में आ जाएं। इनमें अक्सर लिंक दिए होते हैं जो आपके फोन में वायरस डाल सकते हैं या आपकी निजी जानकारी चुरा सकते हैं। अगर आप ऐसे किसी मैसेज या कॉल से सामना करें तो कभी भी लिंक पर क्लिक न करें और तुरंत उस 'Chakshu Portal' में रिपोर्ट करें। सरकार का यह कदम डिजिटल सुरक्षा की दिशा में बड़ा बदलाव है और इससे भारत में साइबर फ्रॉड के मामलों में कमी आने की उम्मीद है। जागरूक रहकर आप अपने मोबाइल और पैसों दोनों को सुरक्षित रख सकते हैं।

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