Google Gemini का नया टूल, इंटरनेट पर Viral फोटो और वीडियो AI जनरेटेड है या नहीं, ऐसे लगाएं पता

Google Gemini में नए टूल की एंट्री। अब इस टूल के जरिए जानें इंटरनेट पर वायरल फोटो और वीडियो AI जनरेटेड है या नहीं।

Published By: Manisha | Published: Dec 22, 2025, 04:38 PM (IST)

AI आने के बाद से ही सोशल मीडिया पर एआई जनरेटेड फोटो और वीडियो की भरमार आ चुकी है। कई फोटो व वीडियो को देखकर आसानी से पता लगाया जा सकता है कि यह एआई से बनी है। हालांकि, इंटरनेट पर कुछ कॉन्टेंट ऐसा भी मौजूद है, जिन्हें देखकर कोई नहीं बता सकता कि वो एआई से बना है या नहीं। इसी तरह की परेशानी को आसान बनाने के लिए एआई ही सामने आया है। जी हां, Google Gemini ने नया टूल रिलीज किया है, जिसके जरिए आप एआई जनरेटेड फोटो व वीडियो की आसानी से पहचान कर सकते हैं। आइए जानते हैं इस टूल और इसे इस्तेमाल करने के तरीके से जुड़ी सभी डिटेल्स। और पढें: iPhone यूजर्स के लिए बड़ी खबर, Apple Maps में जल्द दिखे सकते हैं Ads, रिपोर्ट्स में हुआ खुलासा

Google Gemini ने एआई जनरेटेड फोटो व वीडियो की पहचान करने के लिए लेटेस्ट AI watermarking technology रिलीज की है, जिसे SynthID Effect भी कहा गया है। यह टूल फोटो और वीडियो को स्कैन करके उसमें छिपे SynthID watermark की तलाश करता है, जो कि एआई जनरेटेड विजुअल्स व ऑडियो दोनों में मौजूद होगा। SynthID मार्किंग के कंफर्म होता है कि वो फोटो व वीडियो एआई द्वारा बनाया गया है। इस टूल को एक्सेस करना भी काफी आसानी है। और पढें: Samsung से iPhone में फोटो व वीडियो कर सकेंगे AirDrop, Samsung Galaxy S26 सीरीज यूजर्स की मौज

How To Check If Photo Or Video Is AI-Generated or not by Using Google Gemini

1. सबसे पहले अपने स्मार्टफोन या फिर लैपटॉप में Google Gemini ओपन करें। और पढें: Meta का बड़ा प्लान, Mark Zuckerberg बना रहे हैं एक खास AI Agent, रिपोर्ट्स में हुआ खुलासा

2. इसके बाद उस फोटो और वीडियो को अपलोड कर दें, जिसके बारे में आप जानना चाहते कि यह AI जनरेटेड है या नहीं।

3. ध्यान रहें अपलोड फाइल का साइज 100MB से ज्यादा का नहीं होना चाहिए और वीडियो की लेंथ 90 सेकेंड्स से ज्यादा की न हो।

4. इसके बाद आपको सिर्फ Gemini से पूछना है कि यह वीडियो एआई जनरेटेड है या नहीं। इसके लिए आप “Was this generated using Google AI? या फिर “Is this AI-generated” जैसे प्रोम्प्ट का इस्तेमाल कर सकते हैं।

इसके बाद का काम Gemini का है। वह वीडियो व फोटो को स्कैन करके SynthID watermark की तलाश करता है, जो कि वीडियो व फोटो के विजुअल और ऑडियो दोनों में मौजूद होता है। गूगल ने अपने नए टूल को इस तरह ट्रेन किया है कि वह SynthID मार्किंग के जरिए वीडियो व फोटो में मौजूद एआई पार्ट की पहचान कर लेता है। इस टूल के जरिए यह भी जानकारी मिल जाएगी कि वीडियो के किस पार्ट में एआई का इस्तेमाल किया गया है और कितनी देर के लिए किया गया है। आपको बात दें, कंपनी ने SynthID को साल 2023 में लॉन्च किया था, जिसके बाद 20 बिलियन कॉन्टेंट में इस मार्किंग को दिया गया है।

टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल की लेटेस्ट खबरों के लिए आप हमें व्हाट्सऐप चैनल, फेसबुक, यूट्यूब और X, पर फॉलो करें।