Google का नया AI फीचर करेगा फर्जी कॉल की पहचान, डीपफेक स्कैम से यूजर्स को मिलेगी बड़ी सुरक्षा

AI और Deepfake टेक्नोलॉजी के बढ़ते इस्तेमाल ने फोन स्कैम को पहले से ज्यादा खतरनाक बना दिया है। अब ठग किसी परिचित व्यक्ति की आवाज की नकल करके लोगों को आसानी से धोखा दे सकते हैं। ऐसे साइबर फ्रॉड से बचाने के लिए Google ने Android में नया AI-Powered Fake Call Detection फीचर पेश किया है। आइए जानते हैं...

Published By: Ashutosh Ojha | Published: Jun 03, 2026, 02:06 PM (IST)

साइबर ठगी के बढ़ते मामलों के बीच Google ने Android यूजर्स के लिए एक नया AI-Powered Fake Call Detection फीचर पेश किया है। यह फीचर उन धोखाधड़ी भरी कॉल्स की पहचान करने में मदद करेगा, जिनमें स्कैमर्स AI और Deepfake टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके किसी परिचित व्यक्ति की आवाज की नकल करते हैं। हाल के वर्षों में ऐसे मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है, जहां अपराधी परिवार के सदस्य, दोस्त, सहकर्मी या किसी अधिकारी की आवाज बनाकर लोगों को धोखा देते हैं। Google का कहना है कि यह इंडस्ट्री का पहला ऐसा फीचर है जो फर्जी और स्पूफ्ड कॉल्स को रियल टाइम में पहचानकर यूजर्स को चेतावनी देगा।

Deepfake और AI वॉयस स्कैम लोगों के लिए कितना बड़ा खतरा बन चुके हैं?

Deepfake टेक्नोलॉजी और वॉयस क्लोनिंग टूल्स की मदद से अब स्कैमर्स किसी की भी आवाज को बेहद असली जैसा बना सकते हैं। इसके जरिए वे लोगों को इमरजेंसी का बहाना बनाकर पैसे भेजने, बैंक डिटेल्स शेयर करने या बाकी संवेदनशील जानकारी देने के लिए मजबूर करते हैं। Google के अनुसार, AI आधारित वॉयस स्कैम पहले की तुलना में ज्यादा खतरनाक और पहचानने में मुश्किल हो गए हैं। इसी चुनौती से निपटने के लिए कंपनी ने यह नया सुरक्षा फीचर डेवलप किया है, जो यूजर्स को धोखाधड़ी से बचाने में मदद करेगा।

Google का Fake Call Detection फीचर आखिर काम कैसे करता है?

यह फीचर डिफॉल्ट रूप से ऑन रहेगा और बैकग्राउंड में अपने आप काम करेगा। जब कोई कॉन्टैक्ट आपको कॉल करता है और दोनों लोग Phone by Google ऐप का यूज कर रहे होते हैं, तब कॉल शुरू होते ही कॉल करने वाले के फोन से एक साइलेंट डिजिटल कन्फर्मेशन सिग्नल भेजा जाता है। यह सिग्नल End-To-End Encrypted RCS टेक्नोलॉजी के जरिए भेजा जाता है, जिससे पूरी प्रक्रिया सुरक्षित और निजी रहती है। अगर कोई स्कैमर किसी कॉन्टैक्ट की पहचान बनाकर कॉल करने की कोशिश करता है, तो यह कन्फर्मेशन सिग्नल मौजूद नहीं होगा। ऐसी स्थिति में आपका फोन तुरंत असली डिवाइस से दोबारा जांच करेगा और अगर पता चलता है कि असली व्यक्ति कॉल नहीं कर रहा है, तो स्क्रीन पर चेतावनी दिखाई जाएगी कि कॉल फर्जी हो सकती है और उसे तुरंत काट देना चाहिए।

किन Android यूजर्स को मिलेगा यह नया सुरक्षा फीचर और कब से?

Google ने बताया है कि Fake Call Detection फीचर इस महीने से Android 12 और उससे ऊपर के डिवाइसों पर वैश्विक स्तर पर रोलआउट किया जा रहा है। इसकी शुरुआत सबसे पहले Pixel स्मार्टफोन्स से होगी। Phone by Google पहले से ही अधिकांश Android फोनों में डिफॉल्ट कॉलिंग ऐप के रूप में उपलब्ध है। जिन डिवाइसों में यह ऐप डिफॉल्ट रूप से मौजूद नहीं है, वे इसे Play Store से डाउनलोड करके अपना डिफॉल्ट फोन ऐप बना सकते हैं। कंपनी का मानना है कि यह नया फीचर AI आधारित धोखाधड़ी और डीपफेक कॉल्स के बढ़ते खतरे के खिलाफ एक मजबूत सुरक्षा कवच साबित होगा और लाखों Android यूजर्स को साइबर अपराधियों से बचाने में मदद करेगा।

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