Xiaomi ला रही है झूठ पकड़ने वाली लेटेस्ट तकनीक! मोबाइल यूजर्स के लिए होगी आसानी

साल 1921 में पोलीग्राफ टेक्नोलॉजी का आविष्कार हुआ था और तब से उसी स्टैंडर्ड तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। अब शाओमी इस तकनीक को और बेहतर बनाने जा रही है।

Published By: Rohit Kumar | Published: Mar 09, 2023, 12:47 PM (IST) | Edited: Mar 09, 2023, 12:48 PM (IST)

हाइलाइट

  • Xiaomi एक एडवांस लाइ डिटेक्टर मशीन करने की प्लानिंग कर रही है।
  • 1921 में पोलीग्राफ टेक्नोलॉजी का आविष्कार हुआ था।
  • Xiaomi के इस तकनीक में मोबाइल का इस्तेमाल किया जाएगा।

Xiaomi के भारतीय मोबाइल बाजार में ढेरों स्मार्टफोन, लाइट और मोबाइल असेसरीज मौजूद हैं। लेकिन अब कंपनी एक नए प्रोडक्ट को तैयार करने की प्लानिंग कर रही है, जो सामने वाले का झूठ पकड़ने में मदद करेगी। दरअसल, चीनी कंपनी शाओमी ने पेटेंट की अर्जी दी है, जिसमें पोलीग्राफ डिटेक्टर को ज्यादा एक्युरेट बनाने का दावा किया है। इसके लिए मशीन pupil movements को ट्रैक करेगी, जिसमें आंखों की पुतली की ट्रैकिंग और नर्वस सिस्टम की ट्रैकिंग शामिल है। और पढें: Xiaomi फैन्स को झटका! अचानक Redmi Note 15 Pro+ और Note 15 Pro फोन हुए महंगे, इतनी बढ़ी 200MP कैमरा फोन्स की कीमतें

साल 1921 में पोलीग्राफ टेक्नोलॉजी का आविष्कार हुआ था और तब से उसी स्टैंडर्ड तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। अब शाओमी इस तकनीक को और बेहतर बनाने जा रही है और अगर कोई झूठ बोलता है तो यह उसे तुरंत ट्रैक कर सकेगी। और पढें: REDMI A7 और REDMI A7 Pro स्मार्टफोन भारत में लॉन्च, कीमत 10499 रुपये से शुरू

रिपोर्ट्स में किया दावा

गिज्मोचाइना ने ITHome के हवाले से जानकारी दी है कि शाओमी ने नए पेटेंट के लिए आवेदन दाखिल किया है, जिसमें Polygraph Method, Device, Mobile terminal, और स्टोरेज मीडियम का जिक्र है। इस लेटेस्ट टेक्नोलॉजी पर कंपनी अपना पेटेंट चाहती है। यह तकनीक किसी भी व्यक्ति के झूठ को पकड़ने के लिए टेलीफोटो पैन टिल्ट कैमरा का इस्तेमाल करेगी, जिससे फेस इमेज और अन्य गतिविधियों को ट्रैक करेगा। और पढें: 2000 रुपए से कम में खरीदें ये 7 दमदार Power Banks, मिलेगा फास्ट चार्जिंग सपोर्ट

कैसे करेगा काम

टेलीफोटो पैन टिल्ट कैमरा को इस एंगल का फिट किया जाएगा, जिससे वह उस व्यक्ति के चेहरे पर फोकस कर सके, जिसके सच और झूठ का परीक्षण होना है। कैमरा इंसान के चेहरे, आंख और अन्य गतिविधियों को ट्रैक करेगा, उसके बाद चंद सेकेंड में उसका गहन विश्लेषण करके रिजल्ट को दिखाएगा। मोबाइल टर्मिनल के रूप में स्मार्टफोन का इस्तेमाल किया जा सकता है। जानकारी के मुताबिक, झूठ बोलने पर आंख की मूवमेंट और स्वांस क्रिया प्रभावित होती है।

शोध में किया है दावा

एक शोध के मुताबिक, जब एक व्यक्ति झूठ बोलता है तो उसका Pupil diameter 4 प्रतिशत से 8 प्रतिशत तक उतार चढ़ाव का सामना करता है। साथ ही उसकी आंखें भी तेजी से ब्लिंक करती हैं, जो नॉर्मल से 8 बार ज्यादा होगी।

टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल की लेटेस्ट खबरों के लिए आप हमें व्हाट्सऐप चैनल, फेसबुक, यूट्यूब और X, पर फॉलो करें।