TRAI ने लगाया टेलीकॉम कंपनियों पर 35 करोड़ का जुर्माना, जानिए वजह

TRAI ने टेलीकॉम कंपनियों पर 35 करोड़ रुपये का जुर्माना इसलिए लगाया है, क्योंकि वे अनचाही कॉल और मैसेज पर रोक लगाने में विफल रहीं। साथ ही, कंपनियों ने TCCCPR 20218 का उल्लघंन किया था।

Published By: ajay verma
Published: Jul 22, 2023, 11:27 AM (IST)

हाइलाइट

  • TRAI ने टेलीकॉम कंपनियों पर 35 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है।
  • कंपनियां अनचाही कॉल और मैसेज पर रोक लगाने में विफल रहीं।
  • टेलीकॉम ऑपरेटर्स ने TCCCPR 20218 का उल्लंघन भी किया था।

टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी TRAI ने टेलीकॉम कंपनियों पर 34.99 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। टेलीकॉम ऑपरेटर्स पर यह पेनल्टी इसलिए लगाई गई, क्योंकि ऑपरेटर्स अनचाही कॉल व मैसेज रोकने में विफल हुए। यह जानकारी केंद्रीय दूरसंचार मंत्री अश्विनी वैष्णव ने साझा की है। और पढें: Truecaller के CEO ने आखिर क्यों कहा, भारत में SPAM कॉल्स की समस्या और खराब होने वाली है?

TCCCPR 20218 का किया उल्लंघन

केंद्रीय दूरसंचार मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संसद में रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए बताया कि टेलीकॉम ऑपरेटर्स ने साल 2021 से 2022 के बीच क्रमश: 15,382 और 32,032 को डिस्कनेक्ट किया और Telecom Commercial Communication Customers Preference Regulation (TCCCPR) 2018 का भी उल्लंघन किया था। इस वजह से कंपनियों पर 34,99,98,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। और पढें: स्पैम कॉल्स और अनचाहे प्रमोशनल SMS से हैं परेशान? TRAI का यह App करेगा प्रॉब्लम सॉल्व

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ट्राई ने पिछले महीने यानी जून में टेलीकॉम कंपनियों को प्रमोशनल कॉल और मैसेज पर रोक लगाने का आदेश दिया था। साथ ही, एक डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार करने के लिए भी कहा गया था, जहां से ग्राहक इस सेवा को बंद कर सकें। और पढें: TRAI का नया नियम: इंश्योरेंस कंपनियों की कॉल अब इस नंबर से ही आएंगी

इसके अलावा, प्लेटफॉर्म पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक पर काम करने वाले एक फिल्टर को भी लगाने का निर्देश दिया गया था, जो स्पैम कॉल और मैसेज की पहचान करके उसपर रोक लगा सकें।

साल 2020 में लगा जुर्माना

इससे पहले साल 2020 में भी ट्राई ने टेलीकॉम कंपनियों पर फर्जी मैसेज और कॉल पर लगाम न लगाने की वजह से भारी जुर्माना लगाया था। उस समय भी कंपनियों ने TCCCPR 20218 का उल्लंघन किया था।

तेजी से बढ़ा फर्जी कॉल-मैसेज का ग्राफ

बता दें कि इस साल की शुरुआत में एक सर्वे किया गया, जिससे पता चला कि 76 प्रतिशत स्मार्टफोन यूजर्स ने दावा किया कि उन्होंने व्हाट्सऐप बिजनेस (WhatsApp Business) से लेकर फेसबुक (Facebook) और इंटस्टाग्राम (Instagram) तक पर फेक मैसेज व कॉल प्राप्त हुए। इससे यह पता चलता है कि अनचाही कॉल या मैसेज में तेजी से वृद्धि हो रही है।

कॉलर आईडी पर चल रहा काम

अब तक सामने आई मीडिया रिपोर्ट्स की मानें, तो TRAI फर्जी कॉल और मैसेज को रोकने के लिए कॉलर आईडी फीचर पर काम कर रहा है। इसके आने से प्रमोशनल कॉल्स पर लगाम लगेगी और यूजर्स को इनकमिंग कॉल आने पर कॉलर का नाम और फोटो दिखाई देगी। कयास लगाएं जा रहे हैं कि कॉलर आईडी फीचर को इस साल के अंत तक रिलीज किया जा सकता है।

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