NASA के 5 सबसे महंगे मिशन, जिनमें खर्च हुए अरबों डॉलर
NASA ने अंतरिक्ष में कई ऐसे मिशन पूरे किए हैं, जिन्होंने दुनिया को अनोखी जानकारी दी। चांद पर इंसान भेजने से लेकर अंतरिक्ष में लैब बनाने और दूर मौजूद ग्रहों-तारों का अध्ययन करने तक, इन मिशनों पर अरबों डॉलर खर्च हुए। आइए जानते हैं NASA के 5 सबसे महंगे मिशन और उनकी खास बातें।
Published By: Ashutosh Ojha | Published: Jun 30, 2026, 10:41 AM (IST)
NASA ने पिछले कई दशकों में ऐसे अंतरिक्ष मिशन पूरे किए हैं, जिन्होंने इंसानों की अंतरिक्ष को लेकर सोच ही बदल दी। चांद पर इंसान भेजने से लेकर अंतरिक्ष में स्पेस स्टेशन बनाने और ब्रह्मांड की सबसे दूर की तस्वीरें लेने तक, NASA ने कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। लेकिन इन मिशनों को पूरा करना बिल्कुल आसान नहीं था। नई टेक्नोलॉजी, रॉकेट, अंतरिक्ष यान, वैज्ञानिक रिसर्च, सुरक्षा और कई सालों तक चलने वाले ऑपरेशन पर अरबों डॉलर खर्च होते हैं। यही वजह है कि NASA के कुछ मिशन इतिहास के सबसे महंगे अंतरिक्ष मिशनों में गिने जाते हैं। आइए जानते हैं NASA के ऐसे 5 सबसे महंगे मिशनों के बारे में, जिन पर सबसे ज्यादा पैसा खर्च हुआ।
Apollo Program (1960 - 1973)
Apollo Program क्या था?
Apollo Program NASA का वह मिशन था, जिसका लक्ष्य इंसानों को पहली बार चांद पर उतारना था। यह प्रोग्राम 1960 के दशक में शुरू हुआ और 1969 में Apollo 11 ने पहली बार इंसानों को चांद पर पहुंचाया।
इस पर कितना खर्च हुआ?
Apollo Program पर उस समय करीब 25.8 अरब डॉलर खर्च हुए थे। आज की कीमत के हिसाब से इसकी लागत लगभग 257 अरब डॉलर के बराबर मानी जाती है। यह NASA के सबसे महंगे प्रोग्राम्स में से एक था।
इस कार्यक्रम में क्या हादसा हुआ था?
1967 में Apollo 1 की ग्राउंड टेस्टिंग के दौरान केबिन में आग लग गई थी। इस हादसे में तीनों अंतरिक्ष यात्रियों की मौत हो गई। इसके बाद NASA ने स्पेसक्राफ्ट के डिजाइन और सुरक्षा नियमों में बड़े बदलाव किए।
Apollo Program की सबसे बड़ी उपलब्धि क्या रही?
Apollo Program की सबसे बड़ी सफलता इंसानों को सुरक्षित चांद पर उतारना और वापस पृथ्वी पर लाना थी। इसके अलावा चंद्रमा से कई Scientific Samples और Important Information भी जुटाई गईं।
Apollo Program का असर क्या रहा?
इस मिशन ने अंतरिक्ष विज्ञान के साथ-साथ कंप्यूटर, इंजीनियरिंग और नई टेक्नोलॉजी के डेवलपमेंट को भी तेज किया। आज भी इसे मानव इतिहास की सबसे बड़ी अंतरिक्ष उपलब्धियों में गिना जाता है।
Space shuttle program (1972 - 2011)
स्पेस शटल प्रोग्राम क्या था?
NASA ने 1972 में स्पेस शटल प्रोग्राम शुरू किया था। इसका मकसद ऐसा अंतरिक्ष यान बनाना था, जिसे बार-बार इस्तेमाल किया जा सके। इसकी पहली सफल उड़ान 12 अप्रैल 1981 को हुई और यह प्रोग्राम 2011 तक चला। इस दौरान कुल 135 मिशन पूरे किए गए।
इस पर कितना खर्च हुआ?
स्पेस शटल प्रोग्राम पर करीब 113.7 अरब डॉलर (2011 तक) खर्च हुए। महंगाई के हिसाब से देखें तो इसकी लागत 200 अरब डॉलर से भी ज्यादा मानी जाती है। बाद में एक मिशन की औसत लागत लगभग 1.6 अरब डॉलर तक पहुंच गई थी।
इस प्रोग्राम की सबसे बड़ी उपलब्धियां क्या थीं?
स्पेस शटल ने सैकड़ों अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष तक पहुंचाया। इसी की मदद से Hubble Space Telescope को लॉन्च और बाद में उसकी सर्विसिंग की गई। इसके अलावा International Space Station (ISS) के कई बड़े हिस्सों को भी अंतरिक्ष में ले जाकर जोड़ा गया।
इस प्रोग्राम में क्या चुनौतियां आईं?
1986 में Challenger और 2003 में Columbia दुर्घटना में सभी अंतरिक्ष यात्रियों की मौत हो गई। इन हादसों के बाद सुरक्षा को लेकर कई सवाल उठे और मिशनों पर भी असर पड़ा।
यह प्रोग्राम क्यों बंद हुआ?
स्पेस शटल टेक्नोलॉजी काफी शानदार थी, लेकिन इसे चलाना काफी महंगा पड़ता था। हर मिशन की लागत बढ़ती गई और सुरक्षा जोखिम भी सामने आए। इन्हीं कारणों से NASA ने 2011 में इस प्रोग्राम को बंद कर दिया।
International Space Station (1998 - present)
ISS क्या है?
International Space Station (ISS) पृथ्वी के चारों ओर घूमने वाली एक बड़ी Space Laboratory है। इसे कई देशों ने मिलकर बनाया है। नवंबर 2000 से इसमें लगातार अंतरिक्ष यात्री रह रहे हैं और यह आज भी काम कर रहा है।
ISS पर कितना खर्च आता है?
NASA हर साल ISS पर लगभग 3 से 4 अरब डॉलर खर्च करता है। अब तक अमेरिका इस प्रोजेक्ट पर करीब 75 अरब डॉलर से ज्यादा निवेश कर चुका है। इसमें स्टेशन का निर्माण, रखरखाव और मिशन शामिल हैं।
ISS में क्या काम होता है?
ISS में वैज्ञानिक बिना गुरुत्वाकर्षण (Microgravity) के कई तरह के प्रयोग करते हैं। यहां Medicines, New Technologies, Biology, Space और Earth से जुड़े रिसर्च किए जाते हैं, जिनका फायदा भविष्य के मिशनों में मिलता है।
ISS की सबसे बड़ी उपलब्धि क्या है?
ISS दुनिया का पहला ऐसा स्पेस स्टेशन है, जहां 20 साल से ज्यादा समय से लगातार इंसान रह रहे हैं। इसने अंतरिक्ष में कई देशों के सहयोग का नया उदाहरण पेश किया और निजी कंपनियों के लिए भी रास्ता खोला।
ISS का भविष्य क्या है?
ISS अब काफी पुराना हो चुका है और इसकी देखभाल का खर्च लगातार बढ़ रहा है। NASA की योजना है कि इसे साल 2030 में रिटायर करके नियंत्रित तरीके से पृथ्वी के वातावरण में गिराया जाएगा।
Hubble Space Telescope (1990 - present)
Hubble Space Telescope क्या है?
Hubble Space Telescope एक अंतरिक्ष दूरबीन है, जिसे 1990 में Space Shuttle Discovery के जरिए अंतरिक्ष में भेजा गया था। यह पृथ्वी के बाहर से ब्रह्मांड की बेहद साफ तस्वीरें भेजती है।
इस पर कितना खर्च हुआ?
NASA के अनुसार Hubble Space Telescope मिशन पर अब तक करीब 16 अरब डॉलर (2021 की कीमत के अनुसार) खर्च हुए हैं। इसमें इसका Development और Operations शामिल है, लेकिन स्पेस शटल की सर्विसिंग लागत इसमें शामिल नहीं है।
Hubble Space Telescope ने क्या खोजें कीं?
Hubble Space Telescope ने लाखों अंतरिक्ष तस्वीरें लीं और हजारों वैज्ञानिक रिसर्च में मदद की। इसने ब्रह्मांड की उम्र लगभग 13.8 अरब साल होने का अनुमान मजबूत किया और डार्क एनर्जी के सबूत भी दिए।
इसकी सबसे बड़ी उपलब्धि क्या रही?
Hubble Space Telescope की Deep Field तस्वीरों ने हजारों दूर की आकाशगंगाओं को दिखाया, जिन्हें पहले कभी नहीं देखा गया था। इसने Black holes, supernovae, Planets और Nebulae का भी गहराई से अध्ययन किया।
आज Hubble Space Telescope क्यों खास है?
30 साल से ज्यादा समय बाद भी Hubble Space Telescope वैज्ञानिकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इसकी शानदार तस्वीरों ने आम लोगों में भी अंतरिक्ष के प्रति रुचि बढ़ाई और विज्ञान को नई पहचान दिलाई।
James Webb Space Telescope (2003 - present)
James Webb Space Telescope क्या है?
James Webb Space Telescope (JWST) NASA की सबसे आधुनिक अंतरिक्ष दूरबीन है। इसका डेवलपमेंट 2003 में शुरू हुआ और इसे दिसंबर 2021 में लॉन्च किया गया। यह पृथ्वी से करीब 15 लाख किलोमीटर दूर L2 पॉइंट पर काम कर रही है।
इस पर कितना खर्च हुआ?
JWST की कुल अनुमानित लागत करीब 9.7 अरब डॉलर रही। इसमें दूरबीन का डेवलपमेंट, टेस्टिंग, लॉन्च और शुरुआती ऑपरेशन का खर्च शामिल है। इसकी मुश्किल टेक्नोलॉजी के कारण यह NASA की सबसे महंगी दूरबीनों में से एक है।
JWST का मुख्य काम क्या है?
यह दूरबीन ब्रह्मांड के सबसे शुरुआती तारों और आकाशगंगाओं को देखने के लिए बनाई गई है, साथ ही यह दूसरे ग्रहों के वातावरण का अध्ययन करती है और यह जानने की कोशिश करती है कि वहां जीवन की संभावना हो सकती है या नहीं।
JWST ने अब तक क्या खोजा है?
JWST ने शुरुआती ब्रह्मांड में उम्मीद से कहीं ज्यादा बड़ी और Bright Galaxies खोजी हैं। इसके अलावा इसने कई एक्सोप्लैनेट के वातावरण में मीथेन और कार्बन डाइऑक्साइड जैसी गैसों का पता लगाया है।
JWST क्यों खास माना जाता है?
JWST अब तक ब्रह्मांड की सबसे साफ और गहराई वाली तस्वीरें भेज चुका है। इसकी खोजों ने ब्रह्मांड की शुरुआत, ब्लैक होल, दूर के ग्रहों और तारों के बनने की प्रक्रिया को समझने में वैज्ञानिकों की बड़ी मदद की है।
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