Rocket और Space Shuttle में क्या अंतर है? जानिए दोनों कैसे करते हैं काम

Rocket और Space Shuttle को अक्सर एक जैसा समझा जाता है, लेकिन दोनों का काम अलग होता है। आइए जानते हैं कि दोनों कैसे काम करते हैं और इनमें क्या अंतर है।

Published By: Ashutosh Ojha | Published: Jun 29, 2026, 09:17 AM (IST)

अक्सर लोग Rocket और Space Shuttle को एक ही चीज समझ लेते हैं, हालांकि दोनों का काम और डिजाइन पूरी तरह अलग है। आसान भाषा में समझें तो रॉकेट वह लॉन्च व्हीकल होता है जो इंसानों या किसी सैटेलाइट को अंतरिक्ष तक पहुंचाता है, जबकि Space Shuttle एक खास तरह का दोबारा इस्तेमाल होने वाला स्पेसक्राफ्ट है, जो रॉकेट की मदद से अंतरिक्ष में जाता है और मिशन पूरा होने के बाद हवाई जहाज की तरह रनवे पर उतर आता है, यानी रॉकेट एक 'डिलीवरी सिस्टम' है, जबकि Space Shuttle उस पर सवार वाहन है। Space Shuttle के लॉन्च के दौरान उसके दोनों साइड बूस्टर कुछ मिनट बाद अलग होकर समुद्र में गिर जाते है और बाद में उन्हें दोबारा इस्तेमाल के लिए रिकवर किया जाता है। और पढें: SpaceX का Dragon Capsule पहुंचा ISS, साथ ले गया 6,500 पाउंड जरूरी सामान

Falcon 9 और Space Shuttle कैसे करते हैं काम?

आधुनिक रॉकेट, जैसे SpaceX का Falcon 9, दो हिस्सों में काम करता है...

  • पहला स्टेज रॉकेट पूरे सिस्टम को ऊपर ले जाता है और फिर अलग होकर वापस पृथ्वी पर सीधा लैंड कर जाता है।
  • इसके बाद दूसरा स्टेज कैप्सूल या सैटेलाइट को कक्षा (Orbit) तक पहुंचाता है।
  • दूसरी ओर Space Shuttle में दो सॉलिड रॉकेट बूस्टर, एक बड़ा फ्यूल टैंक और विमान जैसा ऑर्बिटर होता है।
  • मिशन के दौरान इसके बूस्टर और फ्यूल टैंक अलग हो जाते है, जबकि ऑर्बिटर अंतरिक्ष में अपना काम पूरा करके दोबारा पृथ्वी पर लौटता है।
  • सबसे बड़ा अंतर यह है कि Falcon 9 का पहला स्टेज सीधा खड़ा होकर लैंड करता है, जबकि Space Shuttle हवाई जहाज की तरह रनवे पर उतरता है।

SpaceX के रॉकेट क्यों हैं ज्यादा बेहतर?

Space Shuttle के मुकाबले Falcon 9 जैसी आधुनिक टेक्नोलॉजी ने अंतरिक्ष मिशनों को काफी सस्ता और आसान बना दिया है। पहले ज्यादातर रॉकेट का पहला स्टेज समुद्र में गिर जाता था और उसका दोबारा इस्तेमाल नहीं हो पाता था, लेकिन SpaceX ने ऐसी टेक्नोलॉजी डेवलप की, जिससे रॉकेट का पहला स्टेज सुरक्षित वापस आकर दोबारा उड़ान भर सकता है। इससे लॉन्च की लागत में बड़ी कमी आई है, वहीं Space Shuttle का मुख्य उद्देश्य अंतरिक्ष यात्रियों को ले जाना, अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) तक पहुंचाना और सैटेलाइट की मरम्मत या तैनाती जैसे मिशन पूरे करना था। इसके विपरीत, आधुनिक रॉकेट अलग-अलग तरह के सैटेलाइट, कार्गो और इंसानों को अंतरिक्ष तक पहुंचाने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं।

Space Shuttle क्यों हुआ बंद और अब क्या है नया सिस्टम?

NASA ने करीब 30 साल तक Space Shuttle का इस्तेमाल किया, लेकिन 2011 में इसे हमेशा के लिए बंद कर दिया। इसकी सबसे बड़ी वजह बढ़ता खर्च और सुरक्षा से जुड़ी परेशानियां थीं। 1986 में Challenger और 2003 में Columbia हादसे में सभी अंतरिक्ष यात्रियों की जान चली गई। इसके बाद NASA ने अंतरिक्ष मिशनों के लिए प्राइवेट कंपनियों की मदद लेना शुरू किया। SpaceX ने Falcon 9 रॉकेट और Crew Dragon कैप्सूल बनाए। इन्हीं की मदद से 2020 में अमेरिका ने फिर से अपनी धरती से अंतरिक्ष यात्रियों को सफलतापूर्वक ISS भेजा। आज Falcon 9 जैसे दोबारा इस्तेमाल होने वाले रॉकेट अंतरिक्ष यात्रा का नया तरीका बन चुके हैं।

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