PM Modi ने दी सौगात, अब श्रीलंका और मॉरीशस में कर सकेंगे UPI पेमेंट
UPI in Sri Lanka and Mauritius: भारत की यूपीआई और RuPay कार्ड सर्विस फ्रांस के बाद अब दो देशों में और लॉन्च हो गई है। इसे PM Modi द्वारा श्रीलंका और मॉरीशस में शुरू कर दिया गया है। यहां जानें सभी डिटेल्स।
Published By: Manisha | Published: Feb 12, 2024, 01:46 PM (IST) | Edited: Feb 12, 2024, 02:21 PM (IST)
हाइलाइट
- UPI सर्विस श्रीलंका और मॉरीशस में हुई शुरू
- PM Modi ने वर्चुअली इन दो देशों में UPI सर्विस की लॉन्च
- यूपीआई के साथ RuPay card सर्विस भी हुई शुरू
UPI in Sri Lanka and Mauritius: भारत की Unified Payment Interface (UPI) और RuPay card सर्विस को आज 12 फरवरी 2024 से श्रीलंका और मॉरीशस में लॉन्च कर दिया गया है। इन देशों में आयोजित यूपीआई इवेंट से भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग द्वारा जुड़े। इसके साथ उन्होंने श्रीलंका में यूपीआई के जरिए होने वाली पहली ऑनपेमेंट को भी लाइव देखा। आपकी जानकारी के लिए बता दें, श्रीलंका और मॉरीशस से पहले यूपीआई सर्विस को फ्रांस, सिंगापुर, नेपाल, भूटान जैसे देशों में भी शुरू किया जा चुका है।
इस नई सर्विस के जरिए अब श्रीलंका और मॉरीशस जाने वाले भारतीयों को काफी फायदा होगा। वह इन दो देशों में सीधे UPI के जरिए पेमेंट कर सकेंगे। इसके अलावा, इन देशों से भारत आने वाले लोग भी यूपीआई के जरिए पेमेंट कर सकेंगे। सिर्फ यूपीआई ही नहीं इन देशों में आज RuPay card सर्विस भी शुरू कर दी गई है।
मॉरिशस और श्रीलंका में होने वाला UPI इवेंट आज 12 फरवरी 2024 को दोपहर 1 बजे शुरू किया गया था। इस इवेंट में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े। इस दौरान उनके साथ श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे और मॉरिशस के प्रधानमंत्री प्रविंद जुगनाथ और तीनों ही देशों के गवर्नर पर इससे जुड़े। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान श्रीलंका में किया गया पहला UPI ट्रांसजेक्शन भी देखा गया। श्रीलंका में यूपीआई इंटरफेस को Lanka Pay के साथ लिंक किया गया है, जिसके जरिए यूजर्स ऑनलाइन ट्रांसजेक्शन करने में सक्षम रहेंगे।
क्या है UPI सर्विस?
भारत में यूपीआई सर्विस को मोदी सरकार द्वारा साल 2016 में शुरू किया गया था। इसे नेशनल पेमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) द्वारा डेवलप किया गया है। इस सर्विस का उद्देश्य कैश पर लोगों की निर्भता को कम करके डिजिटल ट्रांसजेक्शन को बढ़ावा देना था। यूपीआई के जरिए यूजर्स आसानी से पैसों को ऑनलाइन ट्रांसफर कर सकते हैं। यूपीआई के जरिए भारत में ऑनलाइन ट्रांजेक्शन में बढ़ोतरी देखी गई है।
साल-दर साल ऑनलाइन ट्रांसजेक्शन के आंकड़े बढ़े हैं। ऐसे में दूसरे देशों में लोगों को पैसों की लेन-देन में मुश्किल न हो, इसलिए भारत सरकार ने विदेशी सरकारों के साथ मिलकर यूपीआई को अन्य देशों में भी शुरू कर दिया है।
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