Meta ने AI एल्गोरिदम बनाया पारदर्शी, Facebook और Instagram पर दिखेंगे आपकी पसंद के कॉन्टेंट

Meta ने अपने यूजर्स को होम पेज पर दिखने वाले कॉन्टेंट को पारदर्शी बनाने की कोशिश की है। यूजर को अब यह पता रहेगी कि उनके होम पेज पर कौन से कॉन्टेंट दिखेंगे।

Published By: Harshit Harsh | Published: Jun 30, 2023, 11:47 AM (IST)

हाइलाइट

  • Facebook और Instagram पर यूजर्स को अब अपने पसंद के कॉन्टेंट दिखेंगे।
  • Meta ने अपने प्लेटफॉर्म पर इस्तेमाल होने वाले AI एल्गोरिदम को पारदर्शी बनाया है।
  • यूजर्स अब जो कॉन्टेंट देखना चाहते हैं उन्हें वैसे ही कॉन्टेंट दिखेंगे।

Facebook, Instagram, Twitter जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स बेहतर यूजर एक्सपीरियंस के लिए AI एल्गोरिदम में लगातार बदलाव करते रहते हैं। हालांकि, यूजर्स के लिए यह एक पहेली की तरह रहता है। फेसबुक और इंस्टाग्राम की पैरेंट कंपनी Meta ने कहा है कि वो अपनी AI एल्गोरिदम को लेकर पारदर्शी रहेगी। इसके लिए कंपनी यूजर को समझाने वाली है कि उनका AI एल्गोरिदम कैसे काम करता है, ताकि यूजर्स सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कुछ भी पोस्ट करने से पहले यह समझ सके कि उनके पोस्ट की रीच कैसे बढ़ती या घटती है? और पढें: Meta का बड़ा फैसला, 8000 लोगों की नौकरियों पर खतरा, जानें क्या है वजह

मेटा ने जारी किए इंस्ट्रक्शनल कार्ड्स

Meta ने इसे समझाने के लिए 22 इंस्ट्रक्शनल कार्ड्स शेयर किए हैं, जिनमें AI ड्रिवन कॉन्टेंट कंट्रोल मैकेनिज्म को Facebook और Meta के कर्मचारियों को भेजा गया। मेटा द्वारा भेजे गए इन 22 कार्ड्स में कंपनी ने समझाया है कि किस तरह AI एल्गोरिदम "Discover" पेज और रेकोमेंडेशन को स्पेसिफिक यूजर्स को प्रभावित करता है। रिपोर्ट के मुताबिक, आने वाले कुछ सप्ताह में मेटा यूजर्स को बताएगा कि वो क्यों कोई आर्टिकल देख रहे हैं ताकि उनके होम पेज पर दिखने वाले कॉन्टेंट्स और उनके यूजरबेस की समझ हो सके। और पढें: Threads लेकर आया खास Live Chats फीचर, ट्रेंडिंग टॉपिक्स पर कर सकेंगे चर्चा

यूजर अपने होमपेज के कॉन्टेंट कर सकेंगे कंट्रोल

मेटा ने यूजर को प्लेटफॉर्म पर किए जाने वाले पोस्ट के एल्गोरिदम को समझाने के लिए सेंट्रलाइज्ड कंट्रोल फीचर जारी किया है, जिसमें यूजर्स Facebook और Instagram पर दिखने वाले कॉन्टेंट्स को अपने हिसाब से क्यूरेट कर सकेंगे। कुछ समय पहले Instagram ने यूजर्स को किसी स्पेसिफिक पोस्ट के पसंद न आने पर उसे मार्क करने के लिए कहा था ताकि उन्हें उनके हिसाब से कॉन्टेंट रेकोमेंडेशन्स मिल सके। अब, यूजर्स को अपने पसंद के कॉन्टेंट को चुनने की आजादी मिलेगी ताकि बेहतर एक्सपीरियंस मिल सकेगा। यही नहीं, मेटा की यह पॉलिसी यूजर के लिए भविष्य में और बेहतर कस्टमाइजेबल कॉन्टेंट इकोसिस्टम तैयार करने की आजादी देगी। और पढें: WhatsApp जल्द ला सकता है ये कमाल का फीचर, स्पैम मैसेज से मिलेगा छुटकारा

Meta के इंटरनेशनल अफेयर्स प्रेसिडेंट निक क्लेग ने ट्वीट करके सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के AI एल्गोरिदम को पारदर्शी बनाने के लिए कदम उठाया है ताकि पोटेंशियल रिस्क और एडवांस टेक्नोलॉजी जैसे कि जेनरेटिव AI की पहचान की जा सके। मेटा का मुख्य उदेश्य यूजर्स को कॉन्टेंट की ट्रांसपेरेंसी को समझाना है। मेटा के CEO मार्क जुकरबर्ग ने भी यूरोपीय यूनियन से AI टेक्नोलॉजी रेगुलेशन प्लान को सपोर्ट करने के लिए पब्लिकली हामी भरी है।

टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल की लेटेस्ट खबरों के लिए आप हमें व्हाट्सऐप चैनल, फेसबुक, यूट्यूब और X, पर फॉलो करें।