दो बार फेल होने के बाद फिर उड़ान भरेगा PSLV, ISRO ने किया बड़ा ऐलान
ISRO एक बार फिर अपने भरोसेमंद रॉकेट PSLV को लॉन्च करने की तैयारी में है, लगातार दो मिशन फेल होने के बाद यह उड़ान अंतरिक्ष एजेंसी के लिए बेहद अहम मानी जा रही है। साथ ही Skyroot के Vikram-I मिशन और Gaganyaan की तैयारियों को लेकर भी बड़े अपडेट सामने आए हैं। आइए जानते हैं...
Published By: Ashutosh Ojha | Published: Jun 16, 2026, 04:41 PM (IST)
ISRO अपने सबसे भरोसेमंद रॉकेट PSLV (Polar Satellite Launch Vehicle) को एक बार फिर लॉन्च करने की तैयारी कर रहा है, लगातार दो मिशन फेल होने के बाद यह लॉन्च ISRO के लिए काफी जरूरी माना जा रहा है। Union Minister of Science and Technology Dr. Jitendra Singh ने सोमवार को बताया कि PSLV की अगली उड़ान जून के आखिर या जुलाई की शुरुआत में हो सकती है, पिछले कुछ महीनों से ISRO ने कोई रॉकेट लॉन्च नहीं किया है। इसकी वजह यह है कि जनवरी 2026 में PSLV के जरिए लॉन्च किया गया EOS-N1 Satellite अपनी तय कक्षा में नहीं पहुंच सका था। इससे पहले मई 2025 में भी PSLV, EOS-09 सैटेलाइट को उसकी तय कक्षा में नहीं पहुंचा पाया था, लगातार दो मिशन फेल होने के बाद ISRO ने दोनों मामलों की गहराई से जांच की और रॉकेट में जरूरी बदलाव किए। अब ISRO को उम्मीद है कि अगला PSLV मिशन सफल रहेगा और वह एक बार फिर अपनी भरोसेमंद पहचान साबित कर पाएगा।
पिछले दो PSLV मिशन आखिर क्यों हुए फेल?
जानकारी के अनुसार, दोनों मिशनों में रॉकेट के तीसरे चरण (Third Stage) में तकनीकी समस्याएं सामने आई थीं। ISRO ने यह स्पष्ट किया है कि दोनों विफलताओं के कारण अलग-अलग थे, हालांकि दोनों मामलों में समस्या रॉकेट के उसी चरण में हुई। सूत्रों का कहना है कि कुछ ऐसे पुर्जों में खराबी मिली थी, जिनका निर्माण ISRO ने नहीं बल्कि बाहरी कंपनियों ने किया था। इसी वजह से आने वाले मिशनों के लिए संबंधित कंपोनेंट्स के सप्लायर बदल दिए गए हैं। हालांकि विफलता जांच समिति (Failure Assessment Committee) की पूरी रिपोर्ट अभी सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन ISRO ने जरूरी सुधारों के बाद अगली उड़ान के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। यह लॉन्च एजेंसी के लिए भरोसा बहाल करने और PSLV की विश्वसनीयता साबित करने का महत्वपूर्ण अवसर होगा।
Skyroot का Vikram-I मिशन क्यों है खास?
PSLV के अलावा भारत की Private Space Companies भी तेजी से आगे बढ़ रही हैं। Private Space Companies Skyroot Aerospace अपने पहले ऑर्बिटल मिशन Vikram-I की तैयारी कर रही है। अप्रैल के आखिर में रॉकेट का पेलोड फेयरिंग (वह हिस्सा जिसमें सैटेलाइट रखी जाती है) श्रीहरिकोटा के स्पेसपोर्ट पहुंचा दिया गया था। माना जा रहा है कि Skyroot Aerospace अगले कुछ महीनों में अपना यह बड़ा लॉन्च कर सकती है। अगर यह मिशन सफल रहता है, तो यह भारत की Private Space Companies के लिए बड़ी उपलब्धि होगी और देश में अंतरिक्ष कारोबार को और तेजी से बढ़ाने में मदद करेगा।
Gaganyaan Mission को लेकर ISRO की क्या तैयारी है?
इस समय ISRO का सबसे बड़ा ध्यान Gaganyaan Mission पर है, जिसके जरिए भारत पहली बार अपने अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष में भेजेगा। केंद्रीय मंत्री Jitendra Singh ने बताया कि कोविड-19 महामारी और कुछ बाकी कारणों की वजह से इस मिशन में देरी हुई थी। उस समय रूस में ट्रेनिंग ले रहे भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को भी वापस बुलाना पड़ा था, जिससे तैयारियां प्रभावित हुईं। अब ISRO का लक्ष्य इस साल के अंत तक सभी जरूरी परीक्षण पूरे करना है। मिशन भेजने से पहले एजेंसी कम से कम दो बिना अंतरिक्ष यात्री वाले (Uncrewed) मिशन लॉन्च करेगी, जरूरत पड़ने पर एक अतिरिक्त परीक्षण भी किया जा सकता है। इन सभी टेस्ट के सफल होने के बाद ही भारत अपने अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष में भेजने का ऐतिहासिक कदम उठाएगा।
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