भारत सरकार की चेतावनी, Samsung और Google Pixel फोन्स पर है हैकर्स की नजर

भारत सरकार की साइबर सुरक्षा एजेंसी CERT-In Samsung और Google Pixel फोन्स की सिक्योरिटी में आई खामी का पता लगाया है। इसके लिए चेतावनी भी जारी की है।

Published By: ajay verma | Published: Dec 16, 2023, 08:54 AM (IST)

हाइलाइट

  • CERT-In ने चेतावनी जारी की है।
  • यह अलर्ट Samsung और Google Pixel फोन इस्तेमाल करने वालों के लिए है।
  • चेतावनी में पर्सनल डेटा चोरी होने की बात कही गई है।

भारत सरकार की साइबर सिक्योरिटी एजेंसी CERT-In समय-समय पर यूजर्स की सुरक्षा के लिए अलर्ट जारी करती रहती है। हाल ही में इस एजेंसी ने iPhones को लेकर चेतावनी दी थी। अब सर्ट-इन ने सैमसंग (Samsung) और गूगल पिक्सल (Google Pixel) स्मार्टफोन्स के लिए वॉर्निंग जारी की है। इसमें फोन्स हैकर्स के निशाने पर होने और पर्सनल डेटा चोरी होने की बात कही गई है। और पढें: Google का नया AI फीचर करेगा फर्जी कॉल की पहचान, डीपफेक स्कैम से यूजर्स को मिलेगी बड़ी सुरक्षा

हैकर्स के निशाने पर हैं स्मार्टफोन्स

CERT-In ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि Samsung के उन स्मार्टफोन में खामी पाई गई है, जो इस वक्त एंड्रॉइड वर्जन 11, 12, 13 और 14 पर काम करते हैं, जबकि Google Pixel फोन्स के लिए 5 दिसंबर से पहले जारी हुए सिक्योरिटी पैच में थ्रेट डिटेक्ट किया गया है। और पढें: Google Drive में आया शानदार अपडेट, अब मिलेंगे ये फीचर्स और फायदें

एजेंसी ने आगे बताया कि स्मार्टफोन की सुरक्षा में आई खामियों का फायदा उठाकर हैकर्स सिक्योरिटी लेयर को बायपास करके यूजर्स के निजी डेटा तक पहुंच सकते हैं। इससे डेटा लीक होने का खतरा कई गुना बढ़ गया है। और पढें: भारत में महंगे क्यों होते जा रहे हैं Smartphones? जानिए वजह

बचने के लिए करें ये काम

सर्ट-इन की चेतावनी को ध्यान में रखकर सैमसंग और गूगल दोनों ने ही अपने स्मार्टफोन यूजर्स के लिए सॉफ्टवेयर अपडेट रिलीज किए हैं, जिनमें नए सिक्योरिटी पैच मिलेंगे। अगर आप इन दोनों ब्रांड में से किसी एक का डिवाइस यूज करते हैं, तो आप लेटेस्ट अपडेट को जरूर डाउनलोड करके इंस्टॉल करें। इससे आपका निजी डेटा सुरक्षित रहेगा।

ऐसे डाउनलोड करें अपडेट

1. अपने स्मार्टफोन की सेटिंग में जाएं।

2. आपको सॉफ्टवेयर अपडेट का विकल्प मिलेगा।

3. यहां से आप नया सिक्योरिटी अपडेट आसानी से डाउनलोड कर सकते हैं।

इस साल 28 खामियों का लगाया पता

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि CERT-In (कंप्यूटर ऐमरजेंसी रिसॉन्स टीम ऑफ इंडिया) एजेंसी मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इन्फॉर्मेशन टेक्नॉलॉजी के अंडर में काम करती है। यह एजेंसी स्मार्टफोन के सॉफ्टवेयर पैच की जांच करती है। यदि इनमें कोई वल्नेरेबिलिटी मिलती है, तो एजेंसी तुरंत एडवाइजरी जारी करती है।

साइबर सुरक्षा एजेंसी सर्ट-इन ने इस साल जनवरी से अक्टूबर के बीच एप्पल (Apple) के डिवाइस में करीब 28 वल्नेरेबिलिटी का पता लगाया और उनके लिए वॉर्निंग जारी की।

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