11 अरब प्रकाश-वर्ष दूर गैलेक्सी से आया ये रहस्यमयी कण, वैज्ञानिकों ने किया बड़ा खुलासा

ब्रह्मांड के सबसे रहस्यमयी कणों में से एक न्यूट्रिनो को लेकर वैज्ञानिकों ने बड़ी खोज की है। अंटार्कटिका के IceCube Observatory ने 2021 में एक हाई-एनर्जी न्यूट्रिनो का पता लगाया था। अब रिसर्चर्स ने पता लगाया है कि यह कण पृथ्वी से करीब 11 अरब प्रकाश-वर्ष दूर स्थित गैलेक्सी से आया था। आइए जानते हैं...

Published By: Ashutosh Ojha | Published: Jun 21, 2026, 12:16 PM (IST)

ब्रह्मांड के सबसे रहस्यमयी कणों में से एक न्यूट्रिनो को लेकर वैज्ञानिकों ने बड़ी सफलता हासिल की है। अंटार्कटिका में स्थित IceCube Neutrino Observatory ने साल 2021 में एक बेहद हाई-एनर्जी न्यूट्रिनो का पता लगाया था, जिसे IC 210922A नाम दिया गया। उस समय वैज्ञानिक यह नहीं जान पाए थे कि यह कण आखिर आया कहां से है। अब एक नए अध्ययन में शोधकर्ताओं ने इसकी उत्पत्ति का पता लगा लिया है। उनके अनुसार यह न्यूट्रिनो 'Shadow Blaster' नाम की एक Distant Starburst Galaxy से आया था, जो पृथ्वी से लगभग 11 अरब प्रकाश-वर्ष दूर स्थित है। यह खोज इसलिए भी खास है क्योंकि पहली बार ऐसे संकेत मिले हैं कि तेजी से नए तारे बनाने वाली आकाशगंगाएं भी हाई-एनर्जी न्यूट्रिनो पैदा कर सकती हैं। और पढें: Ghost Particle का रहस्य सुलझने के करीब, वैज्ञानिकों को मिला बड़ा सुराग

कैसे मिली न्यूट्रिनो के स्रोत की पहचान?

17 जून को प्रकाशित एक नई रिसर्च में वैज्ञानिकों ने बताया कि उन्होंने Shadow Blaster, जिसका आधिकारिक नाम JCMT0402−0424 है, का अध्ययन कई शक्तिशाली दूरबीनों की मदद से किया। इसमें James Clerk Maxwell Telescope, Submillimeter Array और Atacama Large Millimeter Array जैसी Observatories शामिल थीं। इस गैलेक्सी की रोशनी रास्ते में मौजूद एक विशाल Elliptical Galaxy के गुरुत्वाकर्षण के कारण चार अलग-अलग तस्वीरों में बंट गई। इस प्रक्रिया को ग्रैविटेशनल लेंसिंग कहा जाता है। इसी प्रभाव की वजह से वैज्ञानिकों को इस बेहद दूर स्थित गैलेक्सी को अधिक विस्तार से देखने का मौका मिला और उसके अंदर की एक्टिविटी का अध्ययन संभव हो सका।

गैलेक्सी के अंदर क्या मिला?

रिसर्च के दौरान वैज्ञानिकों ने पाया कि Shadow Blaster गैलेक्सी का बीच वाला हिस्सा उम्मीद से ज्यादा छोटा और घना है। इसका एक्टिल क्षेत्र सिर्फ करीब 1500 प्रकाश-वर्ष तक फैला है, लेकिन यहां गैस और धूल की बहुत बड़ी मात्रा मौजूद है, जिससे तेजी से नए तारे बन रहे हैं। सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि यहां किसी एक्टिव विशाल ब्लैक होल के सबूत नहीं मिले। अब तक वैज्ञानिक मानते थे कि ऐसे शक्तिशाली न्यूट्रिनो बनाने में ब्लैक होल की बड़ी भूमिका होती है, लेकिन इस रिसर्च ने उस सोच को बदल दिया है। इससे पता चलता है कि सिर्फ तेजी से तारे बनाने वाली गैलेक्सियां भी इतनी ज्यादा एनर्जी पैदा कर सकती हैं कि वहां से हाई-एनर्जी न्यूट्रिनो निकल सकें।

ब्रह्मांड को समझने में क्यों अहम है यह खोज?

वैज्ञानिकों के अनुसार न्यूट्रिनो पूरे ब्रह्मांड में बड़ी संख्या में मौजूद हैं, लेकिन उनके स्रोतों की पहचान करना बेहद मुश्किल होता है। इस अध्ययन से पता चलता है कि स्टारबर्स्ट गैलेक्सियां Natural Cosmic-Ray Accelerator की तरह काम कर सकती हैं। रिसर्च के प्रमुख लेखक Yuji Urata का कहना है कि ऐसी गैलेक्सियां IceCube द्वारा दर्ज किए गए कुल डिफ्यूज न्यूट्रिनो बैकग्राउंड का लगभग 20% हिस्सा पैदा कर सकती हैं। करीब 10 अरब वर्ष पहले ब्रह्मांड में स्टारबर्स्ट गैलेक्सियों की संख्या काफी अधिक थी, इसलिए यह खोज यह समझने में मदद कर सकती है कि आज हमें इतने अधिक न्यूट्रिनो क्यों दिखाई देते हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि भविष्य में होने वाली ऐसी खोजें ब्रह्मांड की सबसे शक्तिशाली और रहस्यमयी घटनाओं के बारे में नई जानकारी दे सकती हैं।

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