Google Earth से 24 घंटे में क्यों हटाया गया इमेज जनरेशन फीचर, जानिए यहां

Google Earth से इमेज जनरेशन फीचर को हटा दिया गया है। बता दें कि इस सुविधा को हाल ही में प्लेटफॉर्म पर जोड़ा गया था, जिससे किसी भी जगह की AI इमेज बनाई जा सकती थी।

Published By: ajay verma
Published: Aug 01, 2026, 03:42 PM (IST)

Google ने हाल ही में अपने सबसे पॉपुलर प्लेटफॉर्म Google Earth में इमेज जनरेशन टूल को जोड़ा था। इसके जरिए AI सैटेलाइट इमेज बनाई जा सकती है, जिसे लेकर ओपन सोर्स इंटेलिजेंस (OSINT) के विशेषज्ञों ने फर्जी इमेज तैयार करने की चिंता जताई। इसके बाद एआई टूल को प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया। और पढें: Google Pixel 11 Series होगी महंगी! ऑफिशियल लॉन्च से पहले कंपनी ने दिया बड़ा अपडेट

गूगल के अनुसार, गूगल अर्थ में सैटेलाइट इमेज बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टेक्नोलॉजी से लैस Google Nano Banana 2 को एड किया गया था। इस टूल का सपोर्ट क्रिएट इमेज फीचर के नाम से दिया गया, जिससे यूजर्स को प्लेटफॉर्म पर सैटेलाइट, एरियल और 3D मैप के आधार पर किसी भी जगह की एआई इमेज बनानी की सुविधा मिली। और पढें: European Union ने लगाया Google पर 1 अरब डॉलर का मोटा जुर्माना, जानें वजह

यूजर्स के लिए लाया गया फीचर

इस फंक्शन को स्पेशली यूजर्स के लिए लाया गया था। यूजर किसी भी जगह को जूम करके एआई इमेज जनरेट कर सकते थे, मगर 24 घंटे के भीतर ही इसे वापस लिया गया। कंपनी का कहना है कि गूगल अर्थ को इसलिए लाया गया, जिससे यूजर दुनिया को बेहतर तरीके से जान सकें। उनके एक्सपीरियंस को बेहतर बनाने के लिए एआई टूल को जोड़ा गया। और पढें: Google Meet हुआ अपग्रेड, एक फोल्डर में मिलेंगे जरूरी नोट और रिकॉर्डिंग

इस फंक्शन का जियोस्पेशियल प्रोफेशनल ने सही यूज किया, लेकिन कई यूजर ने ऐसी इमेज तैयार की, जिन्हें नियम का उल्लंघन हुआ। इसलिए फीचर को रिमूव किया गया है। फिलहाल, यह साफ नहीं किया गया है कि इस सुविधा को दोबारा लाया जाएगा या नहीं।

आपको बता दें कि कंपनी ने फीचर को हटाने से पहले सफाई दी कि एआई टूल से बनी इमेज पर AI वॉटरमार्क होता है, जिससे पहचाना जा सकता है कि पिक्चर निकली है या असली। हालांकि, इससे बात नहीं बनी और टूल को हटाना पड़ा।

रिसर्चर्स ने भी दी चेतावनी

एक्सपर्ट्स के अलावा डच इंटेलिजेंस के रिसर्चर हेनक वैन एस ने भी गूगल अर्थ में आई एआई टूल को लेकर चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा कि इमेज जनरेशन टूल का गलत इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे फर्जी इमेज बनाई जा सकती है, जिससे फैक्ट-चेक और रिसर्च करना बहुत मुश्किल हो जाएगा।

अप्रैल में रोलआउट यह फीचर

गूगल अर्थ में इमेज जनरेशन टूल जोड़ने से पहले कंपनी ने इस अप्रैल में Gemini यूजर्स के लिए नोटबुक फीचर को लॉन्च किया था। यह फीचर एक प्रकार का नॉलेज हब है। इसमें पीडीएफ और दस्तावेज अपलोड किए जा सकते हैं। इसके साथ कंटेंट कस्टामाइज करने की सुविधा मिलती है। यह Gemini AI Ultra, Pro और Plus सब्सक्राइबर्स के लिए अवेलेबल है।

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