Google ने लॉन्च किए नए Earth AI मॉडल्स, अब प्राकृतिक आपदाओं से निपटना होगा और आसान

टेक्नोलॉजी से प्राकृतिक आपदाओं का समय रहते पता लगाया जा सकता है, Google ने अपने नए Earth AI मॉडल्स लॉन्च किए हैं, जो बाढ़, सूखा और जंगल की आग जैसी आपदाओं से निपटने में बड़ी मदद करेंगे। आइए जानते हैं...

Published By: Ashutosh Ojha | Published: Oct 27, 2025, 10:44 AM (IST)

Google ने अपने फेमस प्लेटफॉर्म Google Earth में बड़े बदलाव करते हुए नए Earth AI मॉडल्स पेश किए हैं। इन मॉडलों की मदद से अब किसी भी इलाके की वास्तविक समय (real-time) में जमीनी स्थिति का पता लगाया जा सकेगा। कंपनी ने बताया कि ये मॉडल खास तौर पर प्राकृतिक आपदाओं जैसे बाढ़, सूखा, या जंगल की आग के दौरान राहत कार्यों में तेजी लाने के लिए बनाए गए हैं। Google के इन तीन नए AI मॉडल्स Imagery Model, Population Model और Environment Model से सैटेलाइट तस्वीरों से तुरंत चीजें पहचानने और पैटर्न खोजने में मदद मिलेगी। और पढें: Google Gemini में आया बड़ा अपडेट, अब ऐसे बनाएं फाइल्स और तुरंत करें डाउनलोड

Geospatial Reasoning क्या है और कैसे काम करता है?

इन मॉडलों को Google Earth में Gemini AI की नई टेक्नोलॉजी Geospatial Reasoning के साथ जोड़ा गया है। यह टेक्नोलॉजी मौसम पूर्वानुमान, जनसंख्या और सैटेलाइट डेटा जैसी जानकारी को जोड़कर मुश्किल सवालों के जवाब देती है। उदाहरण के तौर पर Google ने बताया कि GiveDirectly नाम की संस्था इन AI मॉडलों की मदद से बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों की पहचान कर रही है और यह पता लगा रही है कि किन इलाकों में लोगों को सबसे ज्यादा सहायता की जरूरत है। इस टेक्नोलॉजी से सूख चुकी नदियों या दूषित जल स्रोतों में हानीकारक Algae की पहचान भी की जा सकती है, जिससे पीने के पानी की क्वालिटी की निगरानी आसान हो जाएगी। और पढें: Google Gemini में आया ये धांसू फीचर, अब एक क्लिक में बनाएं और डाउनलोड PDF जैसी फाइल्स

आपदाओं के दौरान Google कैसे करता है मदद?

Google का कहना है कि इन अपडेट्स के जरिए Earth AI अब और अधिक 'एक्शन लेने योग्य' बन गया है। कंपनी ने बताया कि उसने पहले भी भूकंप, बाढ़ और जंगल की आग जैसी परिस्थितियों में Google Maps और Search के जरिए करोड़ों लोगों तक संकट संबंधी अलर्ट पहुंचाए हैं। उदाहरण के लिए 2025 में कैलिफोर्निया की भयंकर आग के दौरान Google ने 1.5 करोड़ लोगों को रियल-टाइम अलर्ट और सुरक्षित आश्रय स्थल की जानकारी दी थी। हालांकि भारत में Google को अब Mappls by MapmyIndia जैसे घरेलू प्रतिद्वंद्वियों से कड़ी टक्कर मिल रही है, जो भारत की स्थानीय जरूरतों को ध्यान में रखकर नेविगेशन सेवाएं दे रहे हैं। और पढें: Gemini AI अब कर सकेगा Google Photos का इस्तेमाल, अब फोटो नहीं करनी पड़ेगी बार-बार अपलोड

ये नए Earth AI मॉडल किनके लिए उपलब्ध हैं और आगे क्या होगा?

फिलहाल Google के ये नए Earth AI Models केवल कुछ चुनिंदा Trusted Testers और Google Cloud के यूजर्स के लिए उपलब्ध हैं। आने वाले हफ्तों में Google Earth Professional और Professional Advanced यूजर्स अमेरिका में इसे आजमा सकेंगे। कंपनी का कहना है कि व्यवसाय अब अपने डेटा को इन मॉडलों के साथ मिलाकर पर्यावरणीय निगरानी और आपदा प्रतिक्रिया जैसी चुनौतियों का समाधान कर सकेंगे। Google ने जुलाई 2025 में Google Earth AI की शुरुआत की थी, जो मौसम पूर्वानुमान, बाढ़ की भविष्यवाणी और forest fire की पहचान जैसे वैश्विक मुद्दों के समाधान के लिए तैयार किया गया एक AI सिस्टम है। कंपनी अब ऐसे मॉडलों पर काम कर रही है जो 'भौतिक दुनिया को उसी तरह समझ सकें जैसे LLMs डिजिटल दुनिया को समझते हैं।'

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