Meta पर लगा 10 हजार करोड़ से ज्यादा का जुर्माना, जानिए वजह

Meta पर अब तक का सबसे बड़ा जुर्माना लगा है। यूरोपियन यूनियन ने कंपनी पर 1.3 बिलियन यूरो यानी करीब 10,750 करोड़ रुपये का फाइन लगाया है। कंपनी पर यूजर्स का डेटा अमेरिका ट्रांसफर करने का आरोप लगा है।

Published By: ajay verma | Published: May 22, 2023, 07:58 PM (IST)

हाइलाइट

  • Meta पर लगा 1.3 बिलियन यूरो यानी करीब 10,750 करोड़ रुपये का फाइन।
  • यह फाइन यूरोपियन यूनियन ने लगाया है।
  • कंपनी पर यूजर्स का डेटा अमेरिका ट्रांसफर करने का आरोप लगा है।

Meta पर अब तक का सबसे बड़ा जुर्माना लगा है। यूरोपियन यूनियन ने कंपनी पर इंस्टाग्राम-फेसबुक यूजर्स का डेटा अमेरिका ट्रांसफर करने को लेकर 1.3 बिलियन यानी करीब 10,750 करोड़ रुपये का फाइन लगाया है। इससे पहले भी सोशल मीडिया जाइंट मेटा पर कई बार जुर्माना लग चुका है। और पढें: WhatsApp जल्द ला सकता है ये कमाल का फीचर, स्पैम मैसेज से मिलेगा छुटकारा

दी गई थी डेडलाइन

वॉल स्ट्रीट  जर्नल की एक रिपोर्ट में बताया गया कि EU ने कहा कि कंपनी को डेटा ट्रांसफर पर रोक लगाने के लिए डेडलाइन दी गई थी, लेकिन कंपनी रोक नहीं लगा पाई। इसलिए मेटा पर जुर्माना लगाया गया है और डेटा ट्रांसफर को रोकने के लिए पांच महीने का समय दिया गया है। साथ ही, अमेरिका में ट्रांसफर किए गए डेटा को गलत तरीके से स्टोर करने से रोकने के लिए छह महीने का समय सीमा दी गई है। और पढें: Apple ला सकता है AI Smart Glasses, फीचर्स और डिजाइन लीक

मेटा ने कहा-फैसले के खिलाफ करेंगे अपील

मेटा ने कहा कि ईयू के फैसले के खिलाफ हम अपील करेंगे और कोर्ट के जरिए आदेशों पर रोक लगाने की मांग भी करेंगे। कंपनी ने आगे कहा कि यह फैसला ठीक नहीं है और एकतरफा है। इससे कंपनियों के लिए बड़ी परेशानी खड़ी हो सकती है। और पढें: Instagram यूजर्स के लिए आया नया फीचर, पोस्ट पर किए गए कमेंट को कर सकेंगे Edit

इस साल की शुरुआत में लगा जुर्माना

इस साल जनवरी में ईयू के डेटा से जुड़े नियमों का उल्लघंन करने की वजह से आयरलैंड ने मेटा पर 5.5 मिलियन यूरो (लगभग 47.8 करोड़ रुपये) का जुर्माना लगाया था। इससे पहले दिसंबर में मेटा पर इन्हीं नियमों को न फॉलो करने पर 390 मिलियन यूरो यानी करीब 3,429 करोड़ रुपये का फाइल लगा था।

मार्च में रिलीज हुई पेड वेरिफिकेशन सर्विस

मेटा ने इस साल मार्च में पेड वेरिफिकेशन सर्विस को लॉन्च किया था। यह सेवा फिलहाल अमेरिका के यूजर्स के लिए उपलब्ध है। उम्मीद है कि कंपनी आने वाले दिनों में पेड वेरिफिकेशन सर्विस को भारत समेत अन्य देशों में पेश करेगी।

दिसंबर 2022 में रिलीज हुआ यह फीचर

याद दिला दें कि दिग्गज टेक कंपनी मेटा (Meta) ने दिसंबर 2022 में आतंकवाद से लेकर बाल शोषण तक के नियमों का उल्लघंन करने वाले कंटेंट पर रोक लगाने के लिए खास टूल रिलीज किया था। इसका नाम Hasher-Matcher-Actioner है।

इस सुविधा की खासियत है कि यह प्लेटफॉर्म पर नियम तोड़ने वाले कंटेंट की पहचान करके उनपर रोक लगाता है। इसे खासतौर पर ओपन-सोर्स इमेज एंड वीडियो मैचिंग सॉफ्टवेयर के आधार पर बनाया गया है।

कंपनी ने टूल लॉन्च करने के दौरान कहा था कि इसे खासतौर पर प्लेटफॉर्म की सेफ्टी और सिक्योरिटी के लिए रोलआउट किया गया है। इसके आने से यूजर्स और प्लेटफॉर्म दोनों को ही फायदा होगा। यूजर्स को प्लेटफॉर्म अच्छा कंटेंट देखने को मिलेगा।

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