ChatGPT का बड़ा दुरुपयोग, पब्लिक सर्विस कमिशन की परीक्षा में बना नकल का जरिया

ChatGPT के दुरुपयोग का नया मामला सामने आया है। तेलंगाना पब्लिक सर्विस कमीशन परीक्षा के प्रश्न-पत्र लीक में इस टूल का नाम जुड़ा है। मामले की जांच में एक आरोपी द्वारा इसके इस्तेमाल से 7 परीक्षार्थी की कथित तौर पर मदद की गई है।

Published By: Harshit Harsh | Published: May 30, 2023, 08:05 PM (IST) | Edited: May 30, 2023, 08:37 PM (IST)

हाइलाइट

  • ChatGPT के दुरुपयोग का भारत में पहला मामला सामने आया है।
  • पब्लिस सर्विस कमीशन परीक्षा में इसकी मदद से 7 अभ्यार्थियों को फायदा पहुंचा है।
  • पहले भी इस चैटबॉट से जुड़े विवाद कई देशों में सामने आए हैं।

तेलंगाना स्टेट पब्लिक सर्विस कमीशन (TSPSC) के प्रश्न पत्र लीक में ChatGPT का नाम सामने आ रहा है। ChatGPT के आने के बाद से ही यह काफी चर्चा में रहा है। OpenAI का यह चैटबॉट इंसानों की तरह सवाल-जबाब कर सकता है। इस AI टूल को Microsoft और OpenAI ने मिलकर बनाया है। भारत में यह पहला मामला सामने आया है, जिसमें ChatGPT टूल का दुरुपयोग किया गया है। प्रश्न पत्र लीक की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने पाया कि आरोपी ने लेटेस्ट AI टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके सवाल का जबाब निकाला है। और पढें: ChatGPT में अब मिलेगा ‘Mini Apps’ का मजा, Spotify, Canva और बाकी ऐप्स सीधे चैट में करें इस्तेमाल

7 उम्मीदवारों की हुई मदद

SIT ने एक असीस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर और डिविजनल अकाउंट ऑफिसर की भर्ती में ChatGPT के साथ-साथ ब्लूटूथ ईयरबड्स का इस्तेमाल परीक्षा केन्द्र पर किया था। जांच आयोग ने पूला रमेश नाम के एक डिविजनल इंजिनियर को इस मामले में आरोपी पाया है। रिपोर्ट के मुताबिक, रमेश द्वारा बेचे गए प्रतियोगिता परीक्षा के प्रश्न पत्र से 7 उम्मीदवारों को असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर और डिविजनल अकाउंट ऑफिसर परीक्षा में मदद हुई थी। और पढें: ChatGPT से बिल्कुल न पूछें ये 5 सवाल, वरना खानी पड़ेगी जेल की हवा

कई प्रतियोगिता परीक्षा में ले चुका है भाग

OpenAI का यह चैटबॉट भारत में होने वाले कई प्रतियोगिता परीक्षा में शामिल हो चुका है। हालांकि, यह टूल इनमें अच्छे नंबर नहीं ले पाया है। माइक्रोसॉफ्ट और OpenAI का यह चैटबॉट पूछे गए सवालों के सटीक जबाब दे सकता है, लेकिन इसमें अभी कई तरह की खामियां भी हैं, जो पाई गई हैं। और पढें: ChatGPT मोबाइल ऐप का इंतजार खत्म, Android यूजर्स के लिए हुआ लॉन्च

अमेरिका के एक राज्य ने इस टूल पर बैन भी लगा दिया है। कई छात्र इस टूल की मदद से अपने कॉलेज के असाइनमेंट और प्रोजेक्ट कर रहे थे। इसके अलावा इसकी मदद से रिसर्च पेपर भी लिखे जाने लगे थे। अमेरिका में इसे एजुकेशन सेक्टर के लिए विलेन बताया जा चुका है।

ईरान में लग चुका है बैन

वहीं, दूसरी तरफ ईरान ने भी इस टूल पर बैन लगा दिया था। ChatGPT से दिए गए कई उत्तर गलत आ रहे थे और उसमें अपडेटेड जानकारी उपलब्ध नहीं थी, जिसकी वजह से इसे बैन कर दिया गया था। हालांकि, अब इसके GPT-4 वर्जन में नया अपडेट आया है, जिसके जरिए इसे इंटरनेट एक्सेस मिल गया है। इसके प्लस सब्सक्रिप्शन वाले यूजर्स को अब सभी अपडेटेड जानकारियां मिलेंगी।

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