Published By: Harshit Harsh | Published: Apr 05, 2023, 07:33 PM (IST)
ChatGPT (Chat Generative Pre-Trained Transformer) आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस टूल कानूनी दांव-पेंच में फंस चुका है। पिछले साल लॉन्च के बाद से ही यह AI टूल चर्चा में रहा है। जितनी तेजी से यह लोकप्रिय हो रहा है उतनी ही तेजी से इसका विवादों में भी नाम आ रहा है। कनाडा ने अमेरिकी फर्म OpenAI के इस टूल ChatGPT के खिलाफ जांच शुरू कर दी है। इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया के एक क्षेत्रीय मेयर ने OpenAI के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया है। आइए, जानते हैं ChatGPT से जुड़े इन दोनों मामलों के बारे में… और पढें: OpenAI का बड़ा प्लान, जल्द मिल सकता है ChatGPT में AI वीडियो बनाने का फीचर
Canada ने OpenAI पर बिना किसी अनुमति के डेटा कलेक्शन, इस्तेमाल और निजी जानकारियां उजागर करने को लेकर जांच की अनुमति दी है। पिछले साल नवंबर में लॉन्च हुआ यह चैटबॉट किसी भी चीज के बारे में ऑनलाइन उपलब्ध जानकारी के आधार पर पूछे गए सवालों का इंसानों की तरह उत्तर देता है। इस चैटबॉट की खास बात यह है कि यह जेनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस पर काम करता है, जिसकी वजह से यह उपलब्ध जानकारियों का सहारा लेकर न्यूज आर्टिकल, गाने, कविताएं, परीक्षा में पूछे गए सवालों के जबाब आदि दे सकता है। और पढें: OpenAI ने लॉन्च किया GPT-5.4, अब AI खुद चलाएगा कंप्यूटर और करेगा बड़े काम
कनाडा के प्राइवेस कमिशनर फिलिप डफ्रेंस ने बताया कि हमें तेजी से आगे बढ़ने वाली तकनीकी प्रगति के साथ और आगे बने रहने की आवश्यकता है, यह मेरे प्रमुख फोकस क्षेत्रों में से एक है। OpenAI के इस टूल को टेक्नोलॉजी कंपनी Microsoft ने फंड किया है। पिछले दिनों Twitter के मालिक और OpenAI के फाउंडर सदस्य एलन मस्क ने इसके बोर्ड से इस्तीफा दे दिया है। इटली दुनिया का पहला देश है, जिसने ChatGPT पर बैन लगाया है। हालांकि, कुछ अमेरिकी राज्यों ने इस टूल का इस्तेमाल एजुकेशन क्षेत्र में करने पर रोक लगाई है। और पढें: OpenAI ने ChatGPT को किया अपडेट, यूजर्स को मिलेगा ये बड़ा फायदा
ऑस्ट्रेलिया के हेपबर्नशायर के मेयर ब्रायन हुड ने ChatGPT बनाने वाली कंपनी OpenAI के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया है। ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न शहर के 120 किलोमीटर दूर बसे हेपबर्नशायर के मेयर के बारे में ChatGPT ने गलत तरीके से जानकारी बताई है, जिसमें उन्हें फॉरेन ब्राइबरी स्कैंडल में लिप्त बताया गया है। इसके बारे में मेयर के वकीलों ने 21 मार्च को ChatGPT को नोटिस भेजा है और 28 दिनों तक इस गलती को सुधारने के लिए कहा गया है। हालांकि, OpenAI ने मेयर के लीगल लेटर का अब तक जबाब नहीं दिया है।