Chandrayaan 3 के विक्रम लैंडर में लगे हैं 9 सेंसर, सॉफ्ट लैंडिंग में नहीं होगी कोई चूक!

Chandrayaan 3 का विक्रम लैंडर आज चांद की सतह पर उतरने वाला है। इस लैंडर की सफल सॉफ्ट लैंडिंग के लिए ISRO ने इसमें 9 अलग-अलग तरह के सेंसर लगाए हैं, जो वहां के वातावरण की जांच करने के साथ-साथ लैंडिंग की जगह ढूंढ़ने में भी मदद करेगा।

Published By: harshit harsh | Published: Aug 23, 2023, 05:00 PM (IST) | Edited: Aug 23, 2023, 06:51 PM (IST)

Chandrayaan 3 का विक्रम लैंडर आज शाम 6:04 बजे चांद की सतह पर लैंड करेगा। चंद्रयान 3 के इस लैंडर में ISRO ने 9 अलग-अलग सेंसर लगाएं हैं, जो इसकी लैंडिंग को सफल बनाने के लिए काम करेगा। इसरो बेंगलुरू स्थित कमांड सेंटर से इन सेंसर्स की मदद से इसके पल-पल की जानकारी लेता रहता है। चंद्रयान 3 का विक्रम लैंडर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और कम्प्यूटर एल्गोरिदम के मुताबिक, चांद की सतह पर लैंडिंग की जगह निश्चित करेगा। लैंडिंग साइट का पता लगाने के लिए लैंडर में कई तरह के सेंसर लगे हैं, जिनके जरिए सूर्य की रोशनी, धरती के साथ रेडियो कम्युनिकेशन, क्रेटर और बोल्डर साइज आदि की जानकारी मिलेगी। और पढें: Free Fire Max खेलने वालों के लिए अच्छी खबर, आधी कीमत में मिल रहा Moon Flip इमोट

विक्रम लैंडर में लेजर इनर्शियल रेफ्रेंसिंग एंड एक्सीलरेटर पैकेज (LIRAP), का-बैंड अल्टीमीटर (KaRA), लैंडर पोजीशन डिटेक्शन कैमरा (LPDC), लैंडर हेजर्ड डिटेक्शन एंड अवॉइडेंस कैमरा (LHDAC), लेजर अल्टीमीटर (LASA), लेजर डॉपलर वेलोसीमीटर (LDV), लैंडर हॉरिजोंटल वेलोसिटी कैमरा (LHVC), माइक्रो स्टार सेंसर और इंक्लाइनोमीटर एंड टचडाउन सेंसर्स लगे हैं। लैंडर इन सेंसर्स की मदद से चांद की सतह पर उतरने की जगह सुनिश्चित करने के साथ-साथ वहां के वातावरण को ध्यान में रखते हुए उतरने का प्रयास करेगा। आइए, जानते हैं इन सेंसर्स के बारे में... और पढें: तूफान आने से पहले मिलेगी सटीक चेतावनी, AI के दम पर बदल रहा भारत का भविष्य

Vikram Lander में लगे हैं ये 9 सेंसर

  • लेजर इनर्शियल रेफ्रेंसिंग एंड एक्सीलरेटर पैकेज (LIRAP): यह सेंसर विक्रम लैंडर के ओरिएंटेशन और एक्सीलरेशन को मेजर करेगा।
  • का-बैंड अल्टीमीटर (KaRA): यह रेडियो वेब के जरिए चंद्रमा के सतह की दूरी को मेजर करेगा।
  • लैंडर पोजीशन डिटेक्शन कैमरा (LPDC): इस सेंसर के जरिए लैंडिंग साइट की इमेज कैप्चर की जाएगी।
  • लैंडर हेजर्ड डिटेक्शन एंड अवॉइडेंस कैमरा (LHDAC): यह सेंसर रियल टाइम बेस्ड डेटा बीम करेगा, जो सॉफ्ट लैंडिंग के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है।
  • लेजर अल्टीमीटर (LASA): यह लेजर पल्सेज के जरिए लैंडिंग साइट के अल्टीट्यूड को मेजर करेगा।
  • लेजर डॉपलर वेलोसीमीटर (LDV): यह सेंसर लेजर पल्सेज को जमीन की तरफ फायर करेगा और चंद्रयान 3 पर आने वाले रिफ्लेक्टेड वेब और क्राफ्ट के इंस्टैंटेनियस वेलोसिटी की जांच करेगा।
  • लैंडर हॉरिजोंटल वेलोसिटी कैमरा (LHVC): यह लेजर बीम के जरिए लैंडर के हॉरिजोन्टल मोशन को कैप्चर करेगा।
  • माइक्रो स्टार सेंसर: इस सेंसर का इस्तेमाल स्टार्स और इसके पोजीशन को डिटेक्ट करता है।
  • इंक्लाइनोमीटर एंड टचडाउन सेंसर: इस सेंसर के जरिए चांद की सतह पर मौजूद किसी भी बाधा की पहचान कर सकेगा।
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