Budget 2026: लिथियम-आयन पर लगने वाली कस्टम ड्यूटी हुई कम, फोन और EV की बैटरी होंगी सस्ती

Budget 2026: बजट में लीथियम-आयन बैटरी सेल को लेकर अहम घोषणा की गई है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने लीथियम-आयन पर लगने वाली कस्टम ड्यूटी को घटाया है।

Published By: ajay verma | Published: Feb 01, 2026, 03:12 PM (IST)

Budget 2026: बजट 2026-27 पेश किया जा चुका है। इस दौरान बैटरी से जुड़ी इंडस्ट्री को ध्यान में रखकर बड़ी घोषणा की गई है। केंद्रीय वित्त मंत्री वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने लीथियम-आयन बैटरी को बनाने में उपयोग वाली वस्तुओं पर लगने वाली बेसिक कस्टम ड्यूटी को घटाने का निर्णय लिया है। इससे मोबाइल फोन और इलेक्ट्रिक व्हीकल यानी EV में लगने वाली बैटरी की कीमत में गिरावट आएगी और इस सेक्टर को बढ़ावा मिलेगा। और पढें: Samsung का बड़ा प्लान लीक, Galaxy S27 Ultra में मिल सकती है सिलिकॉन-कार्बन बैटरी टेक्नोलॉजी

कस्टम ड्यूटी में मिलेगी छूट

केंद्रीय वित्त मंत्री ने बजट 2026 पेश करने के दौरान कहा कि लिथियम-आयन बैटरी सेल बनाने में उपयोग होने वाली मशीन व अन्य वस्तुओं पर लगने वाली कस्टम ड्यूटी पर छूट दी जाएगी। साथ ही, लिथियम-आयन से जुड़े टैरिफ पर भी छूट मिलती रहेगी। इससे बैटरी के क्षेत्र में तेजी से विकास होगा और बैटरी बनने की रफ्तार में भी तेजी आएगी। इससे EV सेक्टर को भी मजबूती मिलेगी। और पढें: क्या वायरलेस चार्जर से फोन चार्ज करना होता है सेफ? जानें ऐसे ही सवालों के जवाब

कीमत में होंगी कम

भारत सरकार के इस कदम से बैटरी बनाने वाली कंपनियों की लागत कम होगी, जिससे बैटरी की कीमत कम हो जाएगी। इस अपडेशन से आने वाले दिनों में स्मार्टफोन और ईवी की कीमतों में भी गिरवाट देखने को मिल सकती है। और पढें: Union Budget 2026: Home Appliances से लेकर EV Batteries और Solar Panels तक जानें क्या सस्ता-महंगा

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सरकार ने बजट में बैटरी के अलावा सोलर पैनल (Solar Panel) बनाने में इस्तेमाल होने वाले सोडियम एंटीमोनेट पर लगने वाली कस्टम ड्यूटी को कम किया है। इस निर्णय से सोलर पैनल की मैन्यूफैक्चरिंग की लागत में गिरावट आएगी, जिससे पैनल की कीमत कम हो जाएगी। माना जा रहा है कि इस बजट से भारत क्लीन व ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ेगा।

दुर्लभ खनिजों को लेकर हुई घोषणा

अंत में आपको बताते चलें कि इलेक्ट्रॉनिक, सेमीकंडक्टर और ईवी बनाने के लिए दुर्लभ खनिज (रेयर अर्थ मिनरल) का इस्तेमाल किया जाता है, जिसे चीन से इंपोर्ट किया जा सकता है। इस निर्भरता को खत्म करने के लिए सीमा शुल्क घटाने का ऐलान किया गया है। इसके साथ रेयर अर्थ कॉरिडोर स्थापित करने की बात कही गई है।

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