Apple अब Siri को लेकर लेने वाला है बड़ा फैसला! OpenAI या Anthropic से ले सकता है मदद

Apple अब Siri को लेकर एक बड़ा बदलाव करने जा रहा है। पहले वह Siri के लिए खुद का AI बनाना चाहता था, लेकिन अब वह बाहर की कंपनियों से मदद लेने की सोच रहा है। आइए जानते हैं।

Published By: Ashutosh Ojha | Published: Jul 01, 2025, 03:35 PM (IST)

Apple अब Siri में इस्तेमाल होने वाले एडवांस्ड फीचर्स के लिए अपना खुद का AI मॉडल बनाने का इरादा छोड़ रही है। कंपनी पहले यह चाहती थी कि वह Siri को पूरी तरह से अपनी टेक्नोलॉजी से स्मार्ट बनाए, लेकिन अब खबरें आ रही हैं कि Apple इस काम के लिए OpenAI और Anthropic जैसी बाहर की कंपनियों की मदद ले सकती है। एक रिपोर्ट के मुताबिक एप्पल इन कंपनियों से बातचीत कर रही है कि वे Siri के लिए एक कस्टम AI मॉडल तैयार करें, जो Apple की क्लाउड सर्विस पर काम कर सके। और पढें: Apple WWDC 2026: क्या Siri में आने वाला है सबसे बड़ा AI अपडेट?

WWDC में किया था बड़ा ऐलान

पिछले साल WWDC 2024 में Apple ने Siri में AI की मदद से इंसानों जैसे जवाब, कई ऐप्स के साथ इंटिग्रेशन और मल्टी-टास्किंग जैसे फीचर्स जोड़ने की घोषणा की थी। लेकिन जब iPhone 16 सीरीज लॉन्च हुई, तब ये फीचर्स दिखाई नहीं दिए। बाद में भी जब Apple Intelligence नाम से कुछ AI फीचर्स रोल आउट हुए, तब भी Siri को लेकर Apple चुप रहा। इस साल WWDC 2025 में जाकर Apple ने कहा कि Siri के नए फीचर्स 2026 तक ही उपलब्ध होंगे क्योंकि कंपनी इसे परफेक्ट बनाने में समय ले रही है। और पढें: Apple का नया Siri Google Cloud और AI Chips पर चलेगा, लीक रिपोर्ट्स में हुआ खुलासा

Anthropic और OpenAI में से किसी एक को मिलेगा काम

Bloomberg की रिपोर्ट के अनुसार, Apple अब Siri को स्मार्ट बनाने के लिए Anthropic और OpenAI के मॉडल को टेस्ट कर रही है। दोनों कंपनियों से बातचीत चल रही है और उनसे कहा गया है कि Apple की क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए एक खास मॉडल तैयार करें। कंपनी पहले इन दोनों के मॉडल को परखेगी और जो बेहतर साबित होगा, उसी को फाइनल करेगी। इसका मतलब यह है कि अब Siri में इस्तेमाल होने वाला AI पूरी तरह से Apple का नहीं होगा, बल्कि बाहर से लिया जाएगा। और पढें: Apple का सबसे बड़ा सरप्राइज, Siri जल्द बनेगा फुल AI Chatbot

AI की रेस में Apple पीछे हो रहा है?

Apple का यह कदम दिखाता है कि वह अपनी AI टेक्नोलॉजी को उतनी तेजी से स्केल नहीं कर पा रही है, जितना कि Google, Microsoft या Meta जैसी कंपनियां कर रही हैं। अब तक Apple के ज्यादातर AI फीचर्स उसके खुद के Apple Foundation Models पर आधारित थे। लेकिन Siri जैसे बड़े प्रोजेक्ट के लिए बाहर से टेक्नोलॉजी लेना, ये दर्शाता है कि Apple को इस फील्ड में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

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