Written By Swati Jha
Published By: Swati Jha | Published: Jan 27, 2023, 01:45 PM (IST)
Apple iPhones अपने परफॉर्मेंस और सिक्योरिटी फीचर्स के लिए जाने जाते हैं। टेक दिग्गज समय-समय पर अपने डिवाइस के लिए सिक्योरिटी अपडेट जारी करता है। इसी के साथ Apple अपने यूजर्स को बेहतर सेफ्टी के लिए अपने iPhones पर iOS के नलेटेस्ट वर्जन को चलाने की सलाह देता है। और पढें: Oppo ने MWC 2026 में किया बड़ा ऐलान, Find X9 Series में मिलेगा Quick Share के साथ AirDrop सपोर्ट
Apple के पुराने iPhone मॉडल हार्डवेयर लिमिट्स के कारण नए अपडेट को सपोर्ट नहीं करते हैं। वहीं कुछ यूजर्स आसान इस्तेमाल के लिए भी iOS के पुराने वर्जन को चलाने का ऑप्शन भी चुनते हैं। हालांकि हैकर्स के लिए कि पुराने iOS वर्जन्स का फायदा उठाना आसान है। ऐसा ही खतरा Apple iOS में देखा गया है और भारत सरकार ने iPhone यूजर्स के लिए इसे लेकर चेतावनी जारी की है। और पढें: Apple का लो-बजट MacBook Neo भारत में हुआ लॉन्च, जानें कीमत और खूबियां
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (IT Ministry) के तहत इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम (CERT-In) ने खुलासा किया है कि iOS में खतरे की जानकारी दी गई है। इसके तहत अटैकर टारगेट डिवाइस पर मनमाना कोड एग्जीक्यूट करने की परमीशन पा सकते हैं। इस खतरे की चपेट में iPhone 5s, iPhone 6, iPhone 6 Plus, iPad Air, iPad mini 2, iPad mini 3 और iPod Touch (6th जनरेशन) के लिए 12.5.7 से पहले के Apple iOS वर्जन आ सकते हैं। और पढें: नई M5 चिप वाले MacBook Air 2026 की प्री-बुकिंग भारत में आज से शुरू, जानें कीमत और खूबियां
CERT-In के मुताबिक, वेबकिट कंपोनेंट में एक गड़बड़ी के कारण Apple iOS में यह खतरा मौजूद है। इसका फायदा उठाकर एक अटैकर विक्टिम को मैलेशियस वेबसाइट (फेक वेबसाइट) पर जाने के लिए उकसा सकता है। अगर विक्टिम झांसे में आया तो अटैकर को टारगेट सिस्टम पर मनमाना कोड एग्जीक्यूट करने की परमीशन मिल जाएगी। अटैकर्स iOS 15.1 से पहले जारी किए गए आईओएस के वर्जन्स के लिए इस तरह की खामियों का फायदा उठा रहे हैं।