Apple का नया मास्टरप्लान हुआ लीक, अब बनाएगा खुद का ChatGPT जैसा AI

Apple अब सिर्फ iPhone बनाने वाली कंपनी नहीं रहना चाहती। अब वह ChatGPT जैसा खुद का AI ला रही है, जो यूजर के हर सवाल का जवाब इंसानी भाषा में देगा। ये कदम दिखाता है कि Apple अब AI की दुनिया में बड़ा खिलाड़ी बनने की तैयारी में है।

Published By: Ashutosh Ojha | Published: Aug 04, 2025, 01:44 PM (IST)

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Apple अब एक ऐसा AI-पावर्ड “Answer Engine” तैयार कर रहा है, जो ChatGPT जैसी सुविधा देगा। रिपोर्ट के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट के लिए कंपनी ने एक नई टीम बनाई है जिसका नाम है Answers, Knowledge and Information (AKI)। खास बात यह है कि Apple ने पहले पब्लिकली कहा था कि वह कोई चैटबॉट नहीं बनाएगा, लेकिन अब यह कदम दिखाता है कि कंपनी अपनी स्ट्रैटेजी में बदलाव ला रही है। यह Answer Engine ऐसा टूल होगा जो यूजर के सवालों के जवाब इंसानी भाषा में देगा, जैसे कि ChatGPT करता है। और पढें: भारत में महंगे क्यों होते जा रहे हैं Smartphones? जानिए वजह

AKI टीम की कमान किसके हाथ में

ब्लूमबर्ग के रिपोर्टर मार्क गुर्मन ने अपनी “Power-On” न्यूजलेटर में बताया कि AKI टीम की जिम्मेदारी Apple के सीनियर डायरेक्टर रॉबी वॉकर के पास है, जो जॉन गियानअंद्रिया को रिपोर्ट करते हैं, ये Apple में Machine Learning और AI Strategy के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट हैं। यह टीम मुख्य रूप से Siri पर पहले काम कर चुके एक्सपर्ट्स से बनी है, जो अब इस नए Answer Engine को डेवलप कर रहे हैं। अप्रैल से ही रॉबी वॉकर इस टीम का नेतृत्व कर रहे हैं। और पढें: WWDC 2026 इवेंट इस तारीक से होगा शुरू, क्या इस बार Apple पेश करेगा AI वाला Siri?

Siri, Safari और Spotlight में मिलेगा ChatGPT जैसा एक्सपीरियंस

Answer Engine असल में एक डुअल सिस्टम होगा, पहला हिस्सा वेब से जानकारी खोजेगा और दूसरा हिस्सा LLM (Large Language Model) की मदद से उस जानकारी को समझकर यूजर को आसान भाषा में जवाब देगा। यह टेक्नोलॉजी Siri, Spotlight और Safari जैसे Apple के दूसरे फीचर्स में भी इंटीग्रेट की जाएगी। अभी यह तय नहीं हुआ है कि यह सिस्टम एक अलग ऐप के तौर पर आएगा या नहीं, लेकिन Apple इस पर विचार कर रहा है।

Google से डील खत्म होने की स्थिति में Apple की बड़ी तैयारी

यह कदम इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि अगर Google अमेरिका में चल रहे एंटीट्रस्ट केस में हार जाता है, तो Apple और Google के बीच सर्च डिफॉल्ट डील खत्म हो सकती है। फिलहाल Google Apple को हर साल करीब 20 बिलियन डॉलर (लगभग ₹1.7 लाख करोड़) देता है ताकि iPhone में उसका सर्च इंजन डिफॉल्ट बना रहे। ऐसे में Apple का खुद का Answer Engine बनाना एक रणनीतिक कदम हो सकता है ताकि वह इस डील के बिना भी यूजर्स को बेहतर सर्च एक्सपीरियंस दे सके। Apple का यह नया कदम साफ दर्शाता है कि कंपनी अब AI टेक्नोलॉजी को गंभीरता से ले रही है और अपनी सेवाओं को ChatGPT जैसे स्मार्ट फीचर्स से लैस करने की तैयारी में है। Siri और Safari में आने वाले समय में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

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