Android यूजर्स सावधान, तुरंत फोन से डिलीट करें ये ऐप, चीन से जुड़े हैं तार!
Android फोन यूजर्स के लिए बड़ी खबर है। दो Android Apps की पहचान की गई है, जो यूजर्स का डेटा चुरा रहे हैं। इन ऐप्लिकेशन के तार चीन से जुड़े हैं।
Published By: ajay verma | Published: Sep 04, 2023, 07:17 PM (IST)
हाइलाइट
- इन Android ऐप्स में मैलवेयर स्पॉट किया गया है।
- इन ऐप्लिकेशन के तार चीन से जुड़े होने का आरोप लगा है।
- ये ऐप यूजर्स का डेटा चुरा रहे हैं।
Android स्मार्टफोन इस्तेमाल करते हैं, तो सावधान हो जाएं। क्योंकि दो Android Apps का पता चला है, जो पर्सनल डेटा चुरा रहे हैं। इन ऐप्स के तार चीन से जुड़े होने का आरोप लगा है। इससे पहले भी कई मैलिशियस ऐप्स को स्पॉट किया गया था, जिसमें खतरनाक SpinOk मैलवेयर पाया गया। इन ऐप्स को लाखों की संख्या में गूगल प्ले-स्टोर (Google Play Store) से डाउनलोड किया गया था।
साइबर सिक्योरिटी कंपनी ESET ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि Signal Plus Messenger और FlyGram ऐप, जो कि सिग्नल और टेलीग्राम के फेक वर्जन हैं। इन ऐप में मैलिशियस कोड को स्पॉट किया गया है, जो चाइनीज BadBazaar स्पाइवेयर से लिंक्ड है और इसे APT ग्रुप द्वारा तैयार किया गया है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि बैडबाजार को खासतौर पर यूजर्स की जासूसी के लिए बनाया गया है।
इन प्लेटफॉर्म पर स्पॉट किए गए ऐप
रिपोर्ट में बताया गया कि ऊपर बताए गए ऐप्स को गूगल प्ले-स्टोर (Google Play Store) और सैमसंग गैलेक्सी स्टोर (Samsung Galaxy Store) पर स्पॉट किया गया है। इन ऐप्स को अब तक लाखों यूजर्स डाउनलोड कर चुके हैं।
यूजर्स की हो रही जासूसी
रिपोर्ट में रिसर्चर ने बताया कि सिग्नल और टेलीग्राम के फर्जी ऐप्स के जरिए चीनी हैकर्स ने यूजर्स की जासूसी करने के साथ-साथ निजी डेटा भी चुराया। इन ऐप्स को गूगल प्ले-स्टोर जैसे प्लेटफॉर्म पर साल 2020 में में जोड़ा गया और 2022 में एक्टिव किया गया।
इन देशों के यूजर्स को बनाया शिकार
रिपोर्ट बताती है कि हैकर्स ने जर्मनी, पोलैंड, अमेरिका यूक्रेन, ऑस्ट्रेलिया और डेनमार्क जैसे देशों के यूजर्स को अपना निशाना बनाया है।
टेलीग्राम और सिग्नल मंडरा रहा खतरा
ESET की रिपोर्ट के मुताबिक, टेलीग्राम और सिग्नल ऐप पर भी डेटा लीक होने का खतरा मंडरा रहा है। हैकर्स फेक ऐप्स की मदद से दोनों ऐप्लिकेशन तक पहुंचकर कॉल लॉग, फोटो और वीडियो जैसा निजी डेटा चुरा सकते हैं। इन मैलवेयर का प्रमुख टारगेट यूजर्स का डेटा चुराना है।
रिपोर्ट में बताया गया कि गूगल और सैमसंग ने अपने प्लेटफॉर्म से मैलिशियस ऐप्स को हटा दिया है। अगर आपने भी ऊपर बताए गए मैलिशियस ऐप्स में से किसी एक को डाउनलोड किया है, तो उसे तुरंत डिलीट कर दें।
टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल की लेटेस्ट खबरों के लिए आप हमें व्हाट्सऐप चैनल, फेसबुक, यूट्यूब और X, पर फॉलो करें।