ऑनलाइन गेमिंग की लत ने बिगाड़ी बच्चे की हालत! हिलने लगते हैं हाथ, कांपने लगता है शरीर
ऑनलाइन गेमिंग की लत की वजह से 14 वर्षीय बच्चे का मानसिक संतुलन बिगड़ गया है। बच्चा दिन में 14 से 15 घंटे तक फ्री फायर और BGMI जैसे गेम्स खेलता था।
Published By: Harshit Harsh | Published: Jul 13, 2023, 05:38 PM (IST)
हाइलाइट
- Online Gaming की लत ने बच्चे का मानसिक संतुलन बिगाड़ दिया।
- बच्चे को 14 से 15 घंटे ऑनलाइन गेम खेलने की आदत थी।
- ऑनलाइन गेमिंग की लत से मानसिक संतुलन बिगड़ने का यह पहला मामला सामने आया है।
BGMI और Free Fire जैसे ऑनलाइन गेम की लत की वजह से एक 14 साल के बच्चे का मानसिक संतुलन बिगड़ गया है। ऑनलाइन गेमिंग की लत की वजह से मानसिक संतुलन बिगड़ने का यह पहला मामला राजस्थान के अलवर से आया है। बच्चा महज 14 साल का है और सातवीं कक्षा में पढ़ता है। मोबाइल पर ऑनलाइन गेम खेलने की लत की वजह से वह पढ़ाई से दूर हो गया और अब उसका इलाज दिव्यांग संस्थान में चल रहा है।
गेम खेलने की लत से बिगड़ा मानसिक संतुलन
ANI की रिपोर्ट के मुताबिक, अलवर के मूंगस्का कॉलोनी में रहने वाले बच्चे को मोबाइल पर गेम खेलने की लत थी, जिसकी वजह से वह दिन के 14 से 15 घंटे मोबाइल पर Free Fire और BGMI जैसे ऑनलाइन गेम खेलता रहता था। गेम खेलने की लत की वजह से उसका मानसिक संतूलन बिगड़ गया है। मानसिक संतुलन बिगड़ने की वजह से उसे दिव्यांग संस्थान में भर्ती करवाया गया है और मजबूरी में बांधकर रखना पड़ रहा है। बच्चा बार-बार फ्री फायर और पबजी गेम खेलने के लिए जिद करता रहता है।
यह बच्चा बेहद ही गरीब परिवार से ताल्लुक रखता है। बच्चे के पिता रिक्शा चलाते हैं, जबकि मां घरों में झाडू-पोछा लगाने का काम करती है। बच्चे की जिद पर पिता ने करीब सात महीने पहले एंड्रॉइड स्मार्टफोन दिलाया था। माता-पिता के काम पर निकलने के बाद बच्चा दिनभर मोबाइल पर गेम खेलते रहता था। माता-पिता ने बच्चे को ऑनलाइन क्लास के नाम पर मोबाइल फोन दिलाया था। बच्चे की मानसिक स्तिथि इतनी खराब हो गई है कि वो फायर-फायर बड़बड़ाता रहता है और उसके हाथ हिलते-डुलते रहते हैं।
गेम की लत की वजह से आत्महत्या
हाल ही में आए एक मामले में पुणे के एक ऑटो ड्राइवर ने ऑनलाइन गेमिंग की लत में आत्महत्या कर ली। ऑटो ड्राइवर ने ज्यादा इनकम के चक्कर में रमी जैसे ऑनलाइन बैटिंग गेम खेलना शुरू कर दिया। गेम खेलने में मिली हार से वह परेशान हो गया और फांसी लगा ली। रिपोर्ट के मुताबिक, ऑटो ड्राइवर इस गेम में कुछ हजार रुपये गवां दिए, जिसके बाद वह निराश हो गया और यह कदम उठाया।
ऑनलाइन गेमिंग की लत की वजह से बच्चों से लेकर युवा वर्ग ग्रसित हो रहे हैं। कोरोना महामारी के बाद से ऑनलाइन एक्टिव यूजर्स की संख्या में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है। बच्चे पहले ऑनलाइन गेम को मनोरंजन के तौर पर खेलते हैं फिर बात में उन्हें इसकी लत लग जाती है। गेम खेलने के अलावा गेम में मिली हार की वजह से वो आत्महत्या तक कर लेते हैं।
कैसे बचें?
एक्सपर्ट्स का भी मानना है कि किसी भी गेम को केवल मनोरंजन के लिए खेलना चाहिए और एक सीमित अवधि के लिए खेला जाना चाहिए। इससे आपको गेम की लत नहीं लगेगी। ऑनलाइन बैटिंग वाले गेम्स को खेलने से पहले मानसिक तौर पर तैयार रहें कि इसमें नुकसान भी हो सकता है। अगर, आप मानसिक तौर पर हारने के लिए तैयार नहीं हैं तो इस तरह के गेम से आपको बचना चाहिए।
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