क्या होते हैं रिफर्बिश्ड फोन? ये सेकंड-हैंड डिवाइस से कैसे अलग होते हैं, खरीदने के फायदे

आजकल नए स्मार्टफोन की कीमतें जेब ढीली कर देती हैं, ऐसे में रिफर्बिश्ड फोन एक बेहतरीन ऑप्शन बनकर सामने आए हैं। क्या ये सेकंड-हैंड जैसा होता है या कुछ अलग? आखिर इसमें फर्क क्या है और इसे खरीदने से आपको कौन-कौन से फायदे मिल सकते हैं? आइए जानते हैं।

Published By: Ashutosh Ojha | Published: Aug 26, 2025, 10:19 AM (IST)

आज के समय में जब नए स्मार्टफोन की कीमत आसमान छू रही है, तब "रिफर्बिश्ड" डिवाइस एक बेहतर ऑप्शन बनकर सामने आए हैं। सरल शब्दों में कहें तो ये वे डिवाइस होते हैं जो पहले किसी ग्राहक के पास रहे हों या जिनमें शुरुआत में कुछ तकनीकी दिक्कतें आई हों। कंपनी या सर्टिफाइड विक्रेता इन्हें वापस लेकर ठीक करते हैं, खराब पार्ट्स बदलते हैं और कई तरह की टेस्टिंग के बाद दोबारा बेचते हैं। इनकी खासियत यह है कि इन्हें क्वालिटी चेक पास करने के बाद ही बाजार में उतारा जाता है। यही वजह है कि इन्हें सामान्य सेकंड-हैंड डिवाइस की तरह नहीं माना जा सकता। सबसे अच्छी बात यह है कि इनकी कीमत नए फोन से काफी कम होती है, जैसे नया iPhone जहां 80,000 रुपये तक का आता है वहीं वही मॉडल रिफर्बिश्ड में 40-50 हजार तक मिल सकता है।

क्या फर्क होता है सेकंड-हैंड और रिफर्बिश्ड फोन में

कई लोग सेकंड-हैंड और रिफर्बिश्ड फोन को एक जैसा समझ लेते हैं, जबकि दोनों में बड़ा फर्क है। सेकंड-हैंड फोन या लैपटॉप बिना किसी रिपेयर, टेस्टिंग और वारंटी के सीधे बेचे जाते हैं, जिससे उनकी क्वालिटी की गारंटी नहीं होती। दूसरी ओर रिफर्बिश्ड डिवाइस पूरी तरह चेक होकर ही बेचे जाते हैं और इन पर 3 महीने से 1 साल तक की वारंटी भी मिलती है। इन्हें ग्रेड के हिसाब से भी बेचा जाता है, A ग्रेड लगभग नए जैसे होते हैं, B ग्रेड में हल्के-फुल्के स्क्रैच हो सकते हैं और C ग्रेड थोड़े ज्यादा इस्तेमाल किए गए लेकिन बेहद सस्ते होते हैं। इस वजह से रिफर्बिश्ड डिवाइस को खरीदना सेकंड-हैंड से कहीं ज्यादा सुरक्षित और भरोसेमंद माना जाता है।

फायदे क्यों हैं रिफर्बिश्ड फोन खरीदने के?

अगर फायदे की बात करें तो सबसे पहला कारण है इनकी कीमत ये 30 से 50 प्रतिशत तक सस्ते मिलते हैं। दूसरा फायदा है कि सही जगह से खरीदने पर आपको वारंटी और रिटर्न पॉलिसी दोनों मिल जाते हैं। Amazon और Flipkart जैसे प्लेटफॉर्म इस तरह की सुविधा देते हैं।

खरीदने से पहले किन बातों का रखें ध्यान

रिफर्बिश्ड डिवाइस खरीदते समय थोड़ी सावधानी जरूरी है। हमेशा भरोसेमंद और सर्टिफाइड प्लेटफॉर्म से ही खरीदारी करें। डिवाइस के साथ मिलने वाले एक्सेसरीज जैसे चार्जर, बैटरी और केबल को जरूर चेक करें। खरीदने से पहले रिटर्न पॉलिसी पढ़ना न भूलें, ताकि किसी समस्या पर आप उसे वापस कर सकें। वारंटी कम से कम 6 महीने की होनी चाहिए और अगर 1 साल की मिले तो और भी बेहतर। साथ ही बाकी खरीदारों की रिव्यू और रेटिंग देखना भी जरूरी है, जिससे आपको अंदाजा लग सके कि प्रोडक्ट वास्तव में कितना भरोसेमंद है।

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