क्या आप भी फ्री Wi-Fi का इस्तेमाल करते हैं? सरकार ने जारी की चेतावनी, ये गलती बिल्कुल मत करें

क्या आप भी कहीं जाते ही फ्री Wi-Fi से कनेक्ट हो जाते हैं? जरा संभल जाइए, सरकार ने अब इस पर बड़ी चेतावनी जारी की है। फ्री Wi-Fi का लालच आपकी निजी जानकारी, पासवर्ड और बैंक अकाउंट को खतरे में डाल सकता है। आइए जानते हैं...

Published By: Ashutosh Ojha | Published: Oct 18, 2025, 09:03 AM (IST)

आज के डिजिटल युग में इंटरनेट हमारी रोजमर्रा की जरूरत बन चुका है। लोग कहीं भी जाएं, सबसे पहले फ्री Wi-Fi ढूंढते हैं, लेकिन यही सुविधा अब खतरे में बदल रही है। सरकार की साइबर सुरक्षा एजेंसी ने नागरिकों को चेतावनी दी है कि सार्वजनिक स्थानों पर मिलने वाले फ्री WiFi का इस्तेमाल करते समय बेहद सतर्क रहें। त्योहारों के इस मौसम में जब लोग मॉल, एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन या कैफे जैसे जगहों पर ज्यादा समय बिताते हैं तब साइबर ठगों की सक्रियता भी बढ़ जाती है। ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही आपकी निजी जानकारी या बैंक डिटेल्स को खतरे में डाल सकती है। और पढें: WhatsApp पर आजकल हो रहे हैं नए-नए स्कैम, बचना है तो तुरंत जान लें ये 5 फीचर्स

UGC ने छात्रों को क्यों दी चेतावनी?

हाल ही में University Grants Commission (UGC) ने भी छात्रों को सावधान किया है कि वे सार्वजनिक Wi-Fi नेटवर्क के जरिए अपने व्यक्तिगत या ऑफिस अकाउंट में लॉगिन न करें। आयोग ने बताया कि ऐसा करने से आपके डेटा की चोरी या फ्रॉड का खतरा बढ़ जाता है। सार्वजनिक Wi-Fi वे नेटवर्क होते हैं जो बस स्टॉप, रेलवे स्टेशन, कैफे, रेस्टोरेंट, हवाई अड्डे और लाइब्रेरी जैसे स्थानों पर आम जनता के लिए मुफ्त इंटरनेट सुविधा देते हैं। कई जगहों पर तो बिना पासवर्ड के भी लोग इन नेटवर्क से जुड़ जाते हैं, जिससे हैकर्स के लिए किसी का डेटा चुराना बेहद आसान हो जाता है। और पढें: क्या होता है Dark Web और यह आम इंटरनेट से अलग क्यों है? भारत के लोग हो रहे शिकार, ऐसे बचें

फ्री Wi-Fi कितना असुरक्षित है?

फ्री Wi-Fi की सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि यह सुरक्षित नहीं होता, क्योंकि इसमें कोई खास सिक्योरिटी फिल्टर या प्रोटेक्शन सिस्टम नहीं होता, जिससे साइबर अपराधी आसानी से नेटवर्क में घुस सकते हैं। वे नकली Wi-Fi नेटवर्क (जिन्हें 'फिशिंग हॉटस्पॉट' कहा जाता है) बनाकर यूज़र्स को फंसा लेते हैं, जैसे ही कोई व्यक्ति ऐसे नेटवर्क से कनेक्ट होता है, उसके फोन या लैपटॉप में मौजूद पासवर्ड, बैंकिंग जानकारी, ईमेल और अन्य निजी डेटा हैक हो सकता है। हालांकि ये नेटवर्क मुफ्त होते हैं, इसलिए इनमें सुरक्षा अपडेट्स या निगरानी की सुविधा बहुत कम होती है। और पढें: 1 मार्च से भारत में WhatsApp पर होगा नया नियम लागू, अब SIM के बिना नहीं चलेगा अकाउंट

कैसे करें खुद को साइबर ठगी से सुरक्षित?

सरकार और साइबर विशेषज्ञों ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। सबसे पहले कोशिश करें कि आप किसी भी सार्वजनिक Wi-Fi नेटवर्क से कनेक्ट न करें। अगर बहुत जरूरी हो तो केवल सामान्य जानकारी देखने के लिए ही इसका यूज करें, किसी भी डिजिटल पेमेंट या सोशल मीडिया ऐप में लॉगिन न करें। इसके अलावा अपने फोन या लैपटॉप में VPN (Virtual Private Network) का इस्तेमाल करें ताकि आपका डेटा एन्क्रिप्टेड रहे और कोई तीसरा व्यक्ति उसे न पढ़ सके। अंत में फ्री Wi-Fi का यूज करने के बाद हमेशा 'Forget Network' का ऑप्शन चुनें ताकि अगली बार डिवाइस ऑटोमैटिकली उससे कनेक्ट न हो। याद रखें थोड़ी सी सावधानी आपको बड़ी साइबर ठगी से बचा सकती है।

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