Google ने YouTube Music में लॉन्च किया AI प्लेलिस्ट फीचर, अब मूड के हिसाब से बनाएं अपनी म्यूजिक लिस्ट
Google ने YouTube Music में एक नया AI प्लेलिस्ट फीचर शुरू किया है, जिससे यूजर्स अपने मूड और पसंद के हिसाब से तुरंत गानों की लिस्ट बना सकते हैं। अब टेक्स्ट या वॉइस कमांड देकर अपनी पसंद बताएं और AI आपके लिए खुद प्लेलिस्ट तैयार कर देगा।
Published By: Ashutosh Ojha | Published: Feb 11, 2026, 11:24 AM (IST)
Google ने YouTube Music में एक नया AI प्लेलिस्ट फीचर लॉन्च किया है। इस फीचर की मदद से YouTube Music के प्रीमियम और YouTube प्रीमियम सब्सक्राइबर्स अब अपने मूड, जॉनर या म्यूजिक पसंद के हिसाब से कस्टम प्लेलिस्ट बना सकते हैं, यह फीचर Android और iOS दोनों डिवाइस पर उपलब्ध है। इसे इस्तेमाल करने के लिए यूजर्स को Library टैब में जाकर 'New' बटन पर टैप करना होगा और फिर 'AI Playlist' चुनना होगा। यूजर्स अपनी पसंद के म्यूजिक को टेक्स्ट या वॉइस कमांड के जरिए बता सकते हैं और YouTube Music उनके लिए उसी तरह की प्लेलिस्ट बना देगा।
यह AI प्लेलिस्ट कैसे काम करता है?
यह फीचर गूगल के Gemini AI मॉडल और YouTube के गानों के बड़े कलेक्शन का इस्तेमाल करता है। यह सिस्टम आपके मूड, गाने की कैटेगरी (जॉनर) और आपकी पसंद को समझकर अपने आप प्लेलिस्ट बना देता है। गूगल ने अभी तक यह नहीं बताया है कि यह पूरी प्रक्रिया कैसे काम करती है, लेकिन यह फीचर लगातार सीख रहा है कि किस तरह के कमांड देने पर बेहतर रिजल्ट मिलते हैं। YouTube के मुताबिक, प्लेटफॉर्म पर 70% से ज्यादा लोग जो भी देखते हैं, वह उन्हें दिए गए सुझाव (Recommendations) से आता है। इस AI प्लेलिस्ट फीचर की मदद से यूजर्स अपने मूड या किसी खास टॉपिक के हिसाब से जल्दी गाने ढूंढ सकते हैं और खुद से प्लेलिस्ट बनाने की मेहनत कम हो जाती है।
कौन लोग इस फीचर का इस्तेमाल कर सकते हैं?
गूगल ने इस फीचर को फिलहाल सिर्फ पेड सब्सक्राइबर्स तक सीमित रखा है। कंपनी ने पहले ही कुछ फीचर्स जैसे बैकग्राउंड लिस्निंग और कुछ Songs के लिरिक्स को पेवॉल के पीछे रखा है। YouTube के मुताबिक, दुनियाभर में अब उनके 100 मिलियन से ज्यादा सब्सक्राइबर्स हैं, जिसमें YouTube Music और YouTube प्रीमियम दोनों शामिल हैं।
यूजर्स को AI प्लेलिस्ट बनाते समय क्या ध्यान रखना चाहिए?
बाकी प्लेटफॉर्म जैसे Spotify और Amazon Music भी AI आधारित प्लेलिस्ट फीचर्स टेस्ट कर रहे हैं। यूजर्स को सलाह दी जाती है कि अपनी प्लेलिस्ट में स्टाइल, दशक (साल), और मूड साफ-साफ बताएं, इससे सिस्टम आपकी पसंद को बेहतर समझ पाएगा। आप अपनी प्लेलिस्ट को अपनी पसंद के हिसाब से बदलकर और जानकारी दे सकते हैं। आने वाले हफ्तों में यह फीचर और भी देशों में आएगा। साथ ही गूगल अब यह भी दिखाएगा कि आपकी सुरक्षा और हिस्ट्री पर इसका क्या असर हो सकता है।
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