Xiaomi, Realme, Vivo के स्मार्टफोन में नहीं होंगे प्री-इंस्टॉल्ड ऐप्स, सरकार बना रही है नया कानून
भारत सरकार स्मार्टफोन के प्री-इंस्टॉल्ड ऐप्स को लेकर एक नई पॉलिसी बना रही है। आने वाले समय में चीनी ब्रांड्स के स्मार्टफोन में पहले से इंस्टॉल्ड ऐप्स नहीं दिखेंगे।
Published By: Harshit Harsh | Published: Mar 14, 2023, 07:35 PM (IST) | Edited: Mar 15, 2023, 05:37 AM (IST)
हाइलाइट
- स्मार्टफोन के प्री-इंस्टॉल्ड ऐप्स को लेकर बन रही नई पॉलिसी।
- भारत में बिना प्री-इंस्टॉल्ड ऐप्स के लॉन्च होंगे स्मार्टफोन।
- प्री-इंस्टॉल्ड ऐप्स के जरिए होती है यूजर डेटा की चोरी।
भारत सरकार स्मार्टफोन में इस्तेमाल होने वाले मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम को लेकर बड़ा प्लान कर रही है। सामने आ रही रिपोर्ट के मुताबिक, स्मार्टफोन में पहले से इस्टॉल किए जाने वाले ऐप्स की स्क्रूटनी की जा सकती है। इसका असर Vivo, Realme, Xiaomi, Oppo जैसे ब्रांड्स पर पड़ेगा। इन ब्रांड के स्मार्टफोन्स में कई प्री-इंस्टॉल्ड ऐप्स मौजूद रहते हैं, जो इनके रेवेन्यू का बड़ा माध्यम हैं। सरकार इन प्री-इंस्टॉल्ड ऐप्स को हटाने के लिए पॉलिसी बनाने पर विचार कर रही है। साथ ही, कस्टमाइज्ड ऑपरेटिंग सिस्टम के अन्य फीचर की भी स्क्रीनिंग हो सकती है।
स्मार्टफोन की लॉन्चिंग में होगी देरी
Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार का यह नया कदम कई ब्रांड्स के स्मार्टफोन की लॉन्चिंग टाइम पर असर कर सकता है। सरकार की नई पॉलिसी बन जाने के बाद OEM (स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनियां) को उसका पालन करना होगा। आईटी मिनिस्ट्री इसके लिए जल्द एक आदेश जारी कर सकती है, जिसमें स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनियों को प्री-इंस्टॉल्ड ऐप्स को हटाने के लिए कहा जा सकता है। इसके अलावा किसी भी स्मार्टफोन को मार्केट में उतारने से पहले उसके ऑपरेटिंग सिस्टम की स्क्रीनिंग भी की जाएगी।
सामने आई रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकार ऑपरेटिंग सिस्टम और प्री-इंस्टॉल्ड ऐप्स की स्क्रूटनी को लेकर काफी सख्त है। हाल में आई एक रिपोर्ट में चीनी सरकार द्वारा यूजर डेटा का इस्तेमाल किए जाने को लेकर जांच एंजेसिंयो ने आगाह किया था, जिसके बाद सरकार चीनी कंपनियों के स्मार्टफोन को बाजार में लॉन्च करने से पहले उसकी स्क्रूटनिंग करने का प्लान बना रही है।
प्री-इंस्टॉल्ड ऐप्स राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा
आईटी मिनिस्ट्री के एक अधिकारी का कहना है कि प्री-इंस्टॉल्ड ऐप्स स्मार्टफोन के कमजोर सिक्योरिटी का कारण हो सकते हैं। सरकार चाहती है कि कोई अन्य देश जैसे कि चीन इसका फायदा न उठा पाए। यह एक राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा है।
सरकार के इस फैसले का असर सबसे ज्यादा Xiaomi और Realme जैसे ब्रांड्स पर पड़ेगा। इन दोनों ब्रांड्स का भारत में 26 प्रतिशत से ज्यादा मार्केट शेयर है। इसके अलावा सैमसंग और वीवो के बिजनेस पर भी इसका असर पड़ सकता है। हाल में आई रिपोर्ट के मुताबिक, इन चारों ब्रांड्स का भारतीय स्मार्टफोन बाजार में दबदबा है। पिछले दिनों CCI ने गूगल पर 1337 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। Android डिवाइस में पहले से इंस्टॉल्ड गूगल के ऐप्स की वजह से यह जुर्माना लगाया गया है। अब भारत में बिकने वाले Android स्मार्टफोन में यूजर्स गूगल के ऐप्स को अनइंस्टॉल कर सकेंगे।
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