इस तारीख से बदलने जा रहे हैं UPI ट्रांजैक्शन के नियम, Google Pay, PhonePe और Paytm यूजर्स पर क्या पड़ेगा असर
क्या आप जानते हैं कि आपके UPI ट्रांजैक्शन के तरीके बदलने वाले हैं? Google Pay, PhonePe और Paytm यूजर्स के लिए ये नियम कैसे असर डालेंगे? क्या आपका डिजिटल पेमेंट अब और आसान या मुश्किल होने वाला है? आइए जानते हैं।
Published By: Ashutosh Ojha | Published: Sep 08, 2025, 01:13 PM (IST) | Edited: Sep 08, 2025, 01:16 PM (IST)
NPCI ने UPI से होने वाले बड़े डिजिटल पेमेंट को और आसान बनाने का फैसला किया है। पिछले अगस्त में UPI के कुछ नियम बदल चुके हैं और अब NPCI ने फिर से ट्रांजैक्शन की लिमिट बढ़ाने की घोषणा की है। नए नियम 15 सितंबर 2025 से लागू होंगे। खास बात यह है कि ये बदलाव पर्सन-टू-मर्चेंट (P2M) ट्रांजैक्शन पर लागू होंगे। यानी अगर आप इंश्योरेंस प्रीमियम भरते हैं, लोन EMI चुकाते हैं या मार्केट में इन्वेस्टमेंट करते हैं, तो अब आप पहले से ज्यादा राशि ट्रांजैक्ट कर पाएंगे।
क्या P2P ट्रांजैक्शन की लिमिट भी बढ़ रही है?
हालांकि पर्सन-टू-पर्सन (P2P) ट्रांजैक्शन यानी दोस्तों या परिवार को पैसे भेजने की लिमिट अभी भी 1 लाख रुपये प्रतिदिन ही रहेगी। इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है। NPCI का कहना है कि नए बदलावों से बड़े डिजिटल पेमेंट करने में आसानी होगी और कैशलेस लेनदेन को बढ़ावा मिलेगा। इससे न सिर्फ आम लोग, बल्कि कारोबारियों को भी फायदा होगा।
UPI लिमिट में किन कैटेगरी में बदलाव होंगे?
UPI लिमिट में बड़े बदलाव कई कैटेगरी में किए गए हैं। कैपिटल मार्केट इन्वेस्टमेंट और इंश्योरेंस के लिए अब प्रति ट्रांजैक्शन 2 लाख की जगह 5 लाख रुपये तक भेजे जा सकते हैं और 24 घंटे में अधिकतम 10 लाख रुपये तक लेनदेन किया जा सकता है। सरकारी ई-मार्केटप्लेस और टैक्स पेमेंट की लिमिट भी 1 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दी गई है। ट्रैवल बुकिंग में भी 1 लाख से 5 लाख रुपये तक की सुविधा मिलेगी, जबकि डेली कैप 10 लाख रुपये होगा। इसी तरह क्रेडिट कार्ड बिल पेमेंट में अब एक बार में 5 लाख रुपये तक और प्रतिदिन अधिकतम 6 लाख रुपये तक पेमेंट किया जा सकेगा।
बाकी बदलाव कौन-कौन से हैं और उनका फायदा क्या होगा?
बाकी बदलावों में लोन और EMI कलेक्शन की लिमिट बढ़कर प्रति ट्रांजैक्शन 5 लाख और 24 घंटे में 10 लाख रुपये कर दी गई है। ज्वेलरी खरीदारी में अब प्रति ट्रांजैक्शन 2 लाख और डेली कैप 6 लाख रुपये रहेगा। टर्म डिपॉजिट में भी लिमिट बढ़कर 5 लाख रुपये हो गई है। डिजिटल अकाउंट ओपनिंग की लिमिट अभी भी 2 लाख रुपये ही रहेगी। इसके अलावा BBPS के जरिए फॉरेन एक्सचेंज पेमेंट की लिमिट भी 5 लाख रुपये प्रति ट्रांजैक्शन और डेली कैप 5 लाख रुपये कर दी जाएगी। NPCI के मुताबिक ये बदलाव लोगों और कारोबारियों के लिए काफी फायदेमंद होंगे और बड़े डिजिटल पेमेंट को आसान बनाएंगे।
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