Written By Manisha
Published By: Manisha | Published: Feb 26, 2026, 07:00 PM (IST)
Digital News Publishers Association (DNPA) Conclave 2026: सोशल मीडिया के बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए अब सरकार रेवेन्यू शेयरिंग में अपना सख्त रूख अपनाती दिख रही है। आज केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने डिजिटल न्यूज पब्लिकेशन असोसिएशन (DNPA) कॉन्क्लेव 2026 को संबोधित करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को अपना रेवेन्यू शेयरिंग मॉडल को बदलने को कहा। इसी के साथ चेतावनी दी गई कि अगर कंपनियां सही रेवेन्यू शेयर मॉडल लेकर नहीं आती है, तो सरकार इसके लिए अलग से कानूनी प्रस्ताव लेकर आएगी। आइए जानते हैं इससे जुडी सभी डिटेल्स। और पढें: IRCTC हुआ डाउन, यूजर्स को टिकट बुक करने में आई दिक्कत
आज Digital News Publishers Association (DNPA) Conclave 2026 को संबोधित करते हुए केंद्रीय सूचना व प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को अपना रेवेन्यू शेयरिंग मॉडल बदलना होगा और इस पर कॉन्टेंट शेयर करने वाले कॉन्टेंट क्रिएटर्स के साथ उन्हें अपना रेवेन्यू शेयर करना होगा। और पढें: अंडमान और निकोबार आइलैंड बनेगा ग्लोबल इंटरनेट हब, अश्विनी वैष्णव ने किया बड़ा ऐलान
कॉन्टेंट क्रिएटर्स किसी भी फील्ड के हो सकते हैं, जिसमें न्यूज कॉन्टेंट बनाने वाले, पारंपरिक मीडिया वाले या फिर दूर-दराज गांव से कॉन्टेंट क्रिएटर बनाने वाले सभी क्रिएटर्स शामिल होंगे। जो भी यूजर्स सोशल मीडिया का इस्तेमाल करके कॉन्टेंट शेयर करते हैं, उन्हें उस वीडियो का मेहनताना मिलना चाहिए। और पढें: Google Maps की छुट्टी करेगाा Mappls भारत का अपना स्वदेशी ऐप, कठिन चौराहों का मिलेगा 3D जंक्शन व्यू
इसके अलावा, उन्होंने यह भी साफ किया कि यदि सोशल मीडिया कंपनियां इस तरह के नए अपडेटेड रेवेन्यू मॉडल्स लेकर नहीं आती हैं, तो वह इसके लिए कानूनी रास्ता अपनाएंगे और कानूनी ढांचा तैयार कर इसे लीगल बनाएंगे।
सोशल मीडिया के बढ़ते दौर और बढ़ती संभावनाओं को देखते हुए भारत ने रेवेन्यू शेयरिंग पर जोर दिया है। यदि सरकार के निर्देश पर सोशल मीडिया कंपनियां अलग रेवेन्यू मॉडल लेकर आती है, तो इसका सीधा फायदा उन्हें होगा जो कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अक्सर ओरिजनल और वायरल कॉन्टेंट शेयर करते हैं।
अगर आप सोशल मीडिया पर कॉन्टेंट क्रिएट करते हैं और आपकी वीडियो तेजी से वायरल होती है, तो आपको भी इस रेनेव्यू पॉलिसी का लाभ मिल सकता है। फिलहाल, सरकार के इस निर्देश पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का रूख सामने नहीं आया है।