मंगल ग्रह के नीचे छिपा है बड़ा राज, क्या अब रोबोट खोलेंगे नया रहस्य?

मंगल ग्रह की सतह के नीचे छिपी रहस्यमयी लावा सुरंगों को खोजने के लिए वैज्ञानिक खास रोबोट और छोटे ड्रोन तैयार कर रहे हैं। माना जा रहा है कि ये गुफाएं भविष्य में इंसानों को सुरक्षित ठिकाना दे सकती हैं, साथ ही यहां जीवन के संकेत मिलने की उम्मीद भी है। आइए जानते हैं...

Published By: Ashutosh Ojha | Published: May 27, 2026, 01:32 PM (IST)

मंगल ग्रह की सतह के नीचे छिपे रहस्यमयी लावा ट्यूब्स को खोजने के लिए वैज्ञानिक अब खास तरह के रोबोट तैयार कर रहे हैं। माना जा रहा है कि मंगल ग्रह के नीचे लगभग 746 मील लंबे सुरंगों का विशाल नेटवर्क मौजूद है, जो करोड़ों साल पहले ज्वालामुखी विस्फोटों से बना था। वैज्ञानिकों का कहना है कि ये भूमिगत गुफाएं मंगल पर मौजूद खतरनाक रेडिएशन से सुरक्षा दे सकती हैं। इतना ही नहीं, यहां सूक्ष्म जीवों के जीवन के संकेत भी मिल सकते हैं और भविष्य में इंसानों के रहने के लिए सुरक्षित जगह भी तैयार हो सकती है। अब तक इन गुफाओं की जांच करना बेहद मुश्किल था, लेकिन नई टेक्नोलॉजी ने उम्मीद बढ़ा दी है। और पढें: मंगल से आई चौंकाने वाली तस्वीर, तीन पत्थरों ने वैज्ञानिकों का खींचा ध्यान

क्या है ये खास टेक्नोलॉजी?

अमेरिका केNew Mexico Tech के वैज्ञानिक Mostafa Hassanalian एक खास रोबोटिक सिस्टम पर काम कर रहे हैं, जो प्रकृति से प्रेरित है। इस सिस्टम का पहला हिस्सा 'Roly-Poly Robot' है, जिसे पिलबग नाम के छोटे कीड़े की तरह डिजाइन किया गया है। यह रोबोट गेंद की तरह गोल होकर मंगल की सतह पर मौजूद बड़े गड्ढों यानी 'Skylight' से नीचे लावा ट्यूब्स में उतर सकता है। वहां पहुंचने के बाद यह हजारों छोटे 'डैंडेलियन ड्रोन' छोड़ता है। ये बेहद हल्के उड़ने वाले ड्रोन हैं, जो मंगल की सुरंगों में बहने वाली तेज हवाओं के सहारे कई मील तक उड़ सकते हैं और रास्ते का नक्शा तैयार कर सकते हैं। और पढें: आखिर अमेरिकी स्पेसक्राफ्ट समुद्र में क्यों उतरते हैं, जबकि रूसी यान जमीन पर लैंड करते हैं?

क्या छोटे ड्रोन मंगल की सुरंगों का नक्शा बना पाएंगे?

इन छोटे ड्रोन को खास सफेद रंग में बनाया गया है, ताकि वे कम गर्म हों और वजन में हल्के रहें। वैज्ञानिकों के अनुसार, ये ड्रोन एक खास Piezoelectric टेक्नोलॉजी से चलते हैं, जिसमें नरम और लचीले पॉलिमर से एनर्जी बनाई जाती है। इन ड्रोन का काम मंगल की लावा सुरंगों के अंदर जाकर वहां का तापमान, सुरंगों की बनावट और जीवन से जुड़े संकेतों की जानकारी जुटाना है। अभी मंगल पर मौजूद बड़े रोवर्स जैसे Curiosity और Perseverance बहुत बड़े और भारी हैं, इसलिए वे इन पतली और तंग सुरंगों में नहीं जा सकते। इसी वजह से वैज्ञानिक लंबे समय से छोटे रोबोट्स बनाने की कोशिश कर रहे थे। और पढें: एलियन खोजने की आई नई टेक्नोलॉजी, वैज्ञानिकों ने किया बड़ा दावा

क्या मंगल ग्रह की इन गुफाओं में इंसानों को फायदा होगा?

मंगल ग्रह के नीचे छिपे रहस्यों को जानने की दौड़ अब पूरी दुनिया में तेज हो गई है। यूरोप के वैज्ञानिक स्पेन के Lanzarote इलाके की लावा गुफाओं में ऐसे रोबोट्स का टेस्ट भी कर चुके हैं। वहीं NASA भी मंगल ग्रह के Arsia Mons ज्वालामुखी इलाके की जांच की तैयारी कर रहा है। वैज्ञानिकों का कहना है कि अगर इन लावा सुरंगों में जीवन के कोई निशान मिलते हैं, तो यह इंसानों के लिए बहुत बड़ी और ऐतिहासिक खोज होगी। इतना ही नहीं, भविष्य में मंगल पर इंसानों की बस्ती बसाने में भी ये सुरंगें काफी मददगार साबित हो सकती हैं।

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