RBI की तैयारी! लोन या EMI न चुकाने पर आपका स्मार्टफोन होगा लॉक, ला सकता है नया नियम

क्या आपके EMI न चुकाने पर आपका मोबाइल लॉक हो सकता है? RBI जल्द ही बैंकों को यह अधिकार देने वाला है कि वे डिफॉल्टर ग्राहकों के फोन दूर से लॉक कर सकें। यह कदम बैंकों के लिए फायदेमंद होगा, लेकिन आम लोगों के लिए चिंता का विषय बन सकता है। आइए जानते हैं इसके बारे में

Published By: Ashutosh Ojha | Published: Sep 11, 2025, 07:37 PM (IST)

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क्या आप जानते हैं कि अब आपके मोबाइल फोन पर आपके कर्ज का असर पड़ सकता है? भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) जल्द ही बैंकों को यह अधिकार दे सकता है कि वे उन लोगों के फोन दूर से लॉक कर सकें जिन्होंने अपने लोन का भुगतान नहीं किया। यह कदम बैंकों के लिए फायदेमंद हो सकता है, लेकिन उपभोक्ताओं के लिए चिंता का विषय भी बन सकता है। RBI ने कहा है कि फोन लॉक करने से पहले आपकी अनुमति जरूरी होगी और आपका निजी डेटा पूरी तरह सुरक्षित रहेगा। और पढें: स्मार्टफोन बार-बार हो रहा है हैंग? Chrome की ये सेटिंग्स तुरंत करेगी कमाल, मक्खन-सा चलेगा फोन

कितने लोग भारत में फोन लोन पर खरीदते हैं?

भारत में लोग मोबाइल और बाकी छोटे इलेक्ट्रॉनिक सामान अक्सर लोन लेकर खरीदते हैं। एक अध्ययन के अनुसार 2024 में इन चीजों की खरीदी का लगभग एक तिहाई हिस्सा लोन पर हुआ। भारत में 1.4 अरब से ज्यादा लोग हैं और 1.16 अरब से ज्यादा मोबाइल कनेक्शन हैं, जिससे यह साफ होता है कि मोबाइल बाजार बहुत बड़ा है। पिछले साल RBI ने बैंकों को ऐसा करने से रोका था कि वे डिफॉल्ट करने वाले लोगों के फोन लॉक करें। अभी यह काम उस ऐप के जरिए किया जाता है जो लोन लेने के समय इंस्टॉल की जाती है। और पढें: Smartphone से खींचनी है प्रोफेशनल जैसी शानदार फोटो, अभी अपनाएं ये 5 काम की कैमरा Tips

RBI के नए नियम क्या होंगे?

RBI बैंकों और वित्तीय संस्थानों से बात करने के बाद अपने नियमों (Fair Practices Code) को जल्दी ही बदलने वाला है। नए नियम में साफ किया जाएगा कि फोन कैसे और किन शर्तों पर लॉक किया जा सकता है। इसके लिए कर्जदार की पहले से सहमति लेना जरूरी होगा और बैंक उसके फोन का निजी डेटा नहीं देख पाएंगे। RBI का मकसद है कि छोटे लोन वसूलने का काम आसान हो और साथ ही ग्राहकों की निजी जानकारी सुरक्षित रहे।

इस नियम से कौन-कौन लाभ या नुकसान उठा सकता है?

अगर यह नियम लागू होता है, तो बड़े Consumer Lenders जैसे बजाज फाइनेंस, DMI फाइनेंस और चोलामंडलम फाइनेंस को फायदा हो सकता है। इससे उनके लिए लोन रिकवरी आसान होगी और खराब क्रेडिट वाले ग्राहकों को लोन देना भी संभव होगा। हालांकि उपभोक्ता अधिकार संगठनों ने चेतावनी दी है कि इससे लाखों लोगों की जिंदगी पर गंभीर असर पड़ सकता है।

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