OpenAI के टेस्टिंग फेज में नया AI मॉडल, जल्द होगा लॉन्च, जानें क्या है GPT-Rosalind?

OpenAI जल्द GPT-Rosalind नाम का नया AI मॉडल लॉन्च करेगा, जो खासतौर पर Life Sciences के क्षेत्र के लिए बनाया गया है। यह वैज्ञानिकों की रिसर्च को आसान और तेज बनाने में मदद करेगा। आइए जानते हैं...

Published By: Ashutosh Ojha | Published: Apr 17, 2026, 12:56 PM (IST)

OpenAI जल्द एक नया AI मॉडल लॉन्च करेगा, जिसका नाम GPT-Rosalind रखा गया है। यह मॉडल खासतौर पर Life Sciences के क्षेत्र के लिए बनाया गया है, जिसमें Biochemistry, Drug ⁠Discovery और Medical Research जैसे काम शामिल हैं। कंपनी का कहना है कि यह मॉडल Scientists की रिसर्च को तेज और आसान बनाने में मदद करेगा। इसका नाम 20वीं सदी की मशहूर वैज्ञानिक Rosalind Franklin के सम्मान में रखा गया है, जिन्होंने DNA की संरचना समझने में अहम योगदान दिया था।

GPT-Rosalind रिसर्च में कैसे मदद करेगा?

कंपनी ने बताया कि GPT-Rosalind रिसर्च के कई मुश्किल चरणों में मदद करेगा, जैसे Hypothesis बनाना, रिसर्च प्लान तैयार करना, वैज्ञानिक डेटा को समझना और अलग-अलग स्रोतों से जानकारी जोड़कर निष्कर्ष निकालना। यह मॉडल Scientists को नई दवाओं की खोज और बीमारियों के इलाज से जुड़े शुरुआती शोध में तेजी लाने में मदद कर सकता है, खास बात यह है कि यह मॉडल Scientific Database, रिसर्च पेपर और बाकी टूल्स से जुड़कर काम कर सकता है।

यह मॉडल कहां और कैसे इस्तेमाल किया जा सकेगा?

ChatGPT, Codex और API के जरिए यह मॉडल चुनिंदा ग्राहकों और रिसर्च संस्थानों के लिए उपलब्ध कराया गया है। इसे फिलहाल 'Research Preview' के तौर पर लॉन्च किया गया है, यानी अभी यह शुरुआती टेस्टिंग फेज में है। इसके साथ ही कंपनी ने एक फ्री लाइफ साइंस रिसर्च प्लगइन भी लॉन्च किया है, जो 50 से ज्यादा वैज्ञानिक टूल्स और डेटा सोर्स से जुड़ने में मदद करता है। इससे वैज्ञानिक एक ही जगह पर कई तरह की जानकारी और टूल्स का इस्तेमाल कर सकेंगे।

OpenAI का इस टेक्नोलॉजी को लेकर आगे क्या प्लान है?

OpenAI का कहना है कि वह Amgen, Moderna और Thermo Fisher Scientific जैसी बड़ी कंपनियों के साथ मिलकर इस टेक्नोलॉजी को असली रिसर्च वर्कफ्लो में इस्तेमाल करने पर काम कर रहा है। इसका उद्देश्य दवा बनाने की प्रक्रिया को तेज करना और मेडिकल रिसर्च को ज्यादा प्रभावी बनाना है। इसी बीच कंपनी ने हाल ही में GPT-5.4-Cyber नाम का एक और मॉडल भी पेश किया था, जो साइबर सुरक्षा के कामों के लिए बनाया गया है। GPT-Rosalind को लेकर उम्मीद है कि यह भविष्य में विज्ञान और मेडिकल रिसर्च की दुनिया में बड़ा बदलाव ला सकता है।

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