Windows 11 में होगा बड़ा बदलाव, Microsoft ने एक खास फीचर का किया ऐलान

Microsoft Windows 11 को पहले से ज्यादा सुरक्षित बनाने जा रहा है। कंपनी ने एक नया फीचर 'Windows Baseline Security Mode' का ऐलान किया है, जो अनजान और अनसाइन ऐप्स को चलने से रोकेगा। इसका मकसद यूजर्स को साइबर अटैक और मैलवेयर से बेहतर सुरक्षा देना है, ताकि सिस्टम ज्यादा सुरक्षित रहे। आइए जानते हैं...

Published By: Ashutosh Ojha | Published: Feb 12, 2026, 03:44 PM (IST)

Microsoft ने Windows 11 को पहले से ज्यादा सुरक्षित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने 'Windows Baseline Security Mode' नाम का एक नया सिक्योरिटी फीचर घोषित किया है, जिसका मकसद सिस्टम पर अनसाइन (Unsigned) ऐप्स और ड्राइवर को चलने से रोकना है। आज के समय में साइबर अटैक और मैलवेयर के खतरे तेजी से बढ़ रहे हैं, ऐसे में Microsoft चाहता है कि Windows 11 डिफॉल्ट रूप से ज्यादा सुरक्षित हो। इस नए मोड के जरिए केवल वही ऐप्स और ड्राइवर सिस्टम पर चल पाएंगे, जिनके पास वैध डिजिटल सिग्नेचर होगा। यानी सॉफ्टवेयर को किसी भरोसेमंद और वेरिफाइड पब्लिशर द्वारा साइन किया गया होना जरूरी होगा। अगर यूजर चाहे तो इस सेटिंग को मैन्युअली बदल भी सकता है, लेकिन डिफॉल्ट रूप से सिस्टम ज्यादा सख्त सुरक्षा के साथ काम करेगा। और पढें: Microsoft Teams में जल्द आएंगे ये सब फीचर्स, आने वाला है बड़ा अपडेट

क्या है Windows Baseline Security Mode?

Windows Baseline Security Mode खासतौर पर नए डिवाइस और फ्रेश इंस्टॉलेशन के लिए डिजाइन किया जा रहा है। जब यह मोड ऑन होगा, तब Windows 11 केवल भरोसेमंद और सही तरीके से साइन किए गए ऐप्स और ड्राइवर को ही चलने देगा। इससे अनजान या खतरनाक सॉफ्टवेयर के जरिए सिस्टम में घुसने वाले वायरस और मैलवेयर का खतरा काफी कम हो जाएगा। Microsoft का कहना है कि यह फीचर पहले से मौजूद सिक्योरिटी टेक्नोलॉजी जैसे ड्राइवर साइनिंग एनफोर्समेंट और एप्लिकेशन कंट्रोल पॉलिसी पर आधारित है, लेकिन अब इन्हें एक आसान और डिफॉल्ट सिक्योरिटी पैकेज के रूप में पेश किया जाएगा। इसका मतलब है कि यूजर्स को अलग-अलग सेटिंग्स में जाकर बदलाव करने की जरूरत नहीं पड़ेगी, बल्कि शुरुआत से ही सिस्टम मजबूत सुरक्षा के साथ तैयार मिलेगा। और पढें: Microsoft ने लिया बड़ा फैसला, 4,800 कर्मचारियों की होगी छंटनी, जानिए वजह

क्या यूजर्स को अब ज्यादा सिक्योरिटी अलर्ट मिलेंगे?

इसके साथ ही Microsoft Windows 11 में सिक्योरिटी से जुड़ी जानकारी को यूजर्स तक बेहतर तरीके से पहुंचाने पर भी काम कर रही है। कंपनी का कहना है कि जब कोई ऐप या ड्राइवर सिस्टम में बदलाव करने की कोशिश करेगा, तो यूजर को ज्यादा साफ और समझ में आने वाले अलर्ट दिखाई देंगे। साथ ही यह भी साफ बताया जाएगा कि सॉफ्टवेयर डिजिटल रूप से साइन और वेरिफाइड है या नहीं। Microsoft चाहती है कि यूजर की सहमति सही जानकारी के आधार पर हो। इससे फेक या नुकसान पहुंचाने वाले प्रोग्राम के जरिए सिस्टम में सेंध लगाने की कोशिशों को रोका जा सकेगा। और पढें: 45,000 रुपए से कम में खरीदें ये 8 दमदार Windows 11 Laptop, स्टूडेंट्स और ऑफिस यूजर्स के लिए बेस्ट

यह नया सिक्योरिटी फीचर कब तक सभी यूजर्स को मिलेगा?

हालांकि Microsoft ने अभी तक इस फीचर के रोलआउट की कोई तय तारीख नहीं बताई है, लेकिन कंपनी ने संकेत दिए हैं कि यह बदलाव धीरे-धीरे Windows 11 अपडेट्स के जरिए पेश किए जाएंगे। आने वाले Windows Insider बिल्ड्स में इस मोड से जुड़ी ज्यादा जानकारी सामने आ सकती है। कंपनी का मुख्य लक्ष्य Windows को 'Secure by Default' बनाना है, यानी ऐसा सिस्टम जो शुरू से ही मजबूत सुरक्षा के साथ आए लेकिन साथ ही यूजर्स को अपनी जरूरत के हिसाब से सेटिंग बदलने की आजादी भी दे।

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