Instagram और Facebook पर बच्चे क्या देखते हैं, अब जान पाएंगे माता-पिता, Meta ने इस टूल्स को किया और ज्यादा एडवांस
आज के समय में बच्चे कम उम्र में ही Instagram और Facebook जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करने लगे हैं। ऐसे में माता-पिता को यह चिंता रहती है कि उनके बच्चे ऑनलाइन क्या देख रहे हैं और किससे जुड़ रहे हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए Meta ने अपने सुपरविजन टूल्स को और ज्यादा एडवांस बनाया है, ताकि पैरेंट्स बच्चों की ऑनलाइन एक्टिविटी पर बेहतर नजर रख सकें। आइए जानते हैं...
Published By: Ashutosh Ojha | Published: May 21, 2026, 03:26 PM (IST) | Edited: May 21, 2026, 03:26 PM (IST)
आज के दौर में बच्चे कम उम्र में ही स्मार्टफोन और सोशल मीडिया का इस्तेमाल तेजी से करने लगे हैं। ऐसे में माता-पिता की सबसे बड़ी चिंता यही रहती है कि उनके बच्चे मोबाइल पर क्या देख रहे हैं, किस तरह का कंटेंट उनकी फीड में आ रहा है और वे किन लोगों से बातचीत कर रहे हैं। इसी चिंता को ध्यान में रखते हुए Meta ने Instagram और Facebook के लिए अपने सुपरविजन टूल्स को और ज्यादा एडवांस बना दिया है। कंपनी का कहना है कि इन नए फीचर्स का मकसद बच्चों के लिए सोशल मीडिया को ज्यादा सुरक्षित बनाना और पैरेंट्स को बेहतर मॉनिटरिंग की सुविधा देना है। अब माता-पिता बच्चों की ऑनलाइन एक्टिविटी पर पहले से ज्यादा नजर रख सकेंगे और यह समझ पाएंगे कि उनका बच्चा इंटरनेट पर कितना समय बिता रहा है।
अब पैरेंट्स कैसे रख पाएंगे स्क्रीन टाइम पर नजर?
नए अपडेट के बाद पैरेंट्स बच्चों के Instagram और Facebook अकाउंट की एक्टिविटी को आसान तरीके से ट्रैक कर सकेंगे। इसमें स्क्रीन टाइम की पूरी जानकारी दिखाई जाएगी, जिससे माता-पिता जान पाएंगे कि बच्चा दिनभर में कितने घंटे सोशल मीडिया का यूज कर रहा है। इसके अलावा यह फीचर यह भी बताएगा कि बच्चा किस तरह की रील्स, वीडियो या पोस्ट सबसे ज्यादा देख रहा है। अगर किसी खास तरह का कंटेंट बार-बार सामने आ रहा है, तो माता-पिता उस पर ध्यान दे सकेंगे। इससे बच्चों की ऑनलाइन आदतों को समझना आसान होगा और जरूरत पड़ने पर उन्हें सही दिशा में गाइड किया जा सकेगा।
कौन कर रहा है बच्चों को फॉलो, कैसे चलेगा पता?
Meta ने अपने फैमिली सेंटर फीचर को भी अपडेट किया है। अब माता-पिता यह देख पाएंगे कि उनके बच्चे ने हाल ही में किन नए लोगों को फॉलो किया है और किन लोगों ने उन्हें फॉलो करना शुरू किया है। यह फीचर खासतौर पर सुरक्षा के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि इससे अनजान लोगों से बढ़ते संपर्क पर नजर रखना आसान होगा। कई बार बच्चे बिना जानकारी के ऐसे लोगों से जुड़ जाते हैं जो उनके लिए सुरक्षित नहीं होते। ऐसे में यह नया सिस्टम पैरेंट्स को समय रहते सतर्क रहने में मदद करेगा। कंपनी का कहना है कि इन टूल्स का उद्देश्य बच्चों की प्राइवेसी को बनाए रखते हुए उन्हें सुरक्षित डिजिटल माहौल देना है।
रातभर मोबाइल चलाने की आदत कैसे रुकेगी?
इसके अलावा बच्चों की नींद और मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए रात के समय नोटिफिकेशन को सीमित करने वाला फीचर भी जोड़ा गया है। तय समय के बाद ऐप कम नोटिफिकेशन भेजेगा ताकि बच्चे देर रात तक मोबाइल इस्तेमाल न करें। आजकल कई बच्चे रातभर सोशल मीडिया स्क्रॉल करते रहते हैं, जिसका असर उनकी पढ़ाई, नींद और मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ता है। ऐसे में यह फीचर बच्चों को हेल्दी डिजिटल आदतें अपनाने में मदद कर सकता है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि सोशल मीडिया का सही और संतुलित यूज जरूरी है, खासकर बच्चों के लिए। यही वजह है कि कंपनियां अब ऐसे टूल्स पर ज्यादा ध्यान दे रही हैं, जिससे पैरेंट्स और बच्चों दोनों के लिए ऑनलाइन दुनिया सुरक्षित और बेहतर बन सके।
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