दिसंबर से आपकी Instagram और Facebook फीड में होगा बड़ा बदलाव, Meta AI आपके लिए कंटेंट बनाएगा पर्सनलाइज

दिसंबर से आपकी Facebook और Instagram फीड बदल जाएंगे, Meta AI अब आपकी चैट और एक्टिविटी के आधार पर आपके लिए Posts, Reels और Ads पर्सनलाइज्ड करेगा। आइए जानते हैं इसके बारे में...

Published By: Ashutosh Ojha | Published: Oct 03, 2025, 03:43 PM (IST)

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Meta ने हाल ही में बताया है कि अब वह अपने यूजर्स के AI चैटबॉट के साथ बातचीत के डेटा का इस्तेमाल करके उनके लिए Ads और कंटेंट दिखाएगा। Meta के अनुसार, यह नया फीचर दिसंबर से लागू होगा और 7 अक्टूबर से यूजर्स को इसके बारे में नोटिफिकेशन और ईमेल के जरिए जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा कंपनी ने बताया कि यूजर्स अपनी पसंद के अनुसार Ads Preferences और फीड कंट्रोल टूल्स का यूज करके यह तय कर सकते हैं कि उन्हें किस प्रकार का कंटेंट और Ads दिखे। और पढें: Facebook और Instagram अचानक हुए डाउन, दुनियाभर में घंटों परेशान रहे यूजर्स, जानें पूरा मामला

फेसबुक और इंस्टाग्राम पर आपकी पसंद का कंटेंट कैसे दिखाया जाएगा?

Meta के अनुसार, यह नई सुविधा फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सऐप, थ्रेड्स और बाकी Meta प्लेटफॉर्म्स पर लागू होगी। यूजर्स जो भी AI के साथ चैट करेंगे, उसके आधार पर प्लेटफॉर्म उनके लिए पोस्ट, रील्स और Ads दिखाएगा। उदाहरण के तौर पर, अगर कोई यूजर Meta AI के साथ हाइकिंग के बारे में चैट करता है, तो इंस्टाग्राम और फेसबुक उसे हाइकिंग से जुड़े ग्रुप, ट्रेल्स के पोस्ट और हाइकिंग बूट्स के Ads दिखाएगा। इसका मकसद यूजर को केवल वही कंटेंट दिखाना है जिसमें उनकी दिलचस्पी हो। और पढें: Instagram Reels से बनाएं Animated Stickers, जानें कैसे

कौन-कौन से डेटा का इस्तेमाल Ads में नहीं होगा?

Meta ने बताया है कि आपकी धार्मिक मान्यता, राजनीति के विचार, यौन प्रवृत्ति, स्वास्थ्य, जाति या नस्ल और ट्रेड यूनियन जैसी संवेदनशील जानकारी का इस्तेमाल Ads दिखाने में नहीं किया जाएगा, लेकिन यह साफ नहीं किया गया कि क्या ऐसे डेटा का इस्तेमाल पोस्ट और रील्स की रिकमेन्डेशन करने में होगा या नहीं। साथ ही Meta केवल उन्हीं खातों का डेटा इस्तेमाल करेगी जो आपने Accounts Centre में जोड़े हैं। मतलब अगर आपने अपना व्हाट्सऐप अकाउंट Accounts Centre में नहीं जोड़ा है, तो उस अकाउंट की AI बातचीत का डेटा Ads या कंटेंट रिकमेन्डेशन के लिए इस्तेमाल नहीं होगा।

यूजर कंटेंट और विज्ञापन को नियंत्रित कर सकते हैं

कंपनी कहती है कि यह नया अपडेट यूजर्स के एक्सपीरियंस को बेहतर बनाएगा और उन्हें उनके लिए ज्यादा सही और रोचक कंटेंट दिखाएगा। इसके अलावा आप अपनी पसंद के अनुसार कंटेंट और विज्ञापन को खुद नियंत्रित भी कर सकते हैं। Meta के इस कदम से यह दिखता है कि भविष्य में सोशल मीडिया पर AI और डेटा का इस्तेमाल बढ़ेगा और कंटेंट और Ads अब और भी पर्सनलाइज्ड होंगे।

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