जापान ने स्पेस टेक्नोलॉजी में रचा इतिहास, पहली बार री-यूजेबल रॉकेट को उड़ाकर सुरक्षित धरती पर उतारा

जापान की अंतरिक्ष एजेंसी JAXA ने बार-बार इस्तेमाल होने वाले रॉकेट का सफल लॉन्च और सुरक्षित लैंडिंग टेस्ट किया है। आइए जातने हैं इसके बारे में...

Published By: Ashutosh Ojha | Published: Jul 12, 2026, 04:53 PM (IST)

जापान ने स्पेस टेक्नोलॉजी में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इस देश की अंतरिक्ष एजेंसी JAXA (Japan Aerospace Exploration Agency) ने पहली बार अपने री-यूजेबल रॉकेट यानी बार-बार इस्तेमाल किए जा सकने वाले प्रोटोटाइप का सफल लॉन्च और लैंडिंग टेस्ट पूरा किया है। आपको बता दें ये करीब 10 मीटर की ऊंचाई तक ऊपर गया था और फिर वापस जमीन पर आ गया। इस सफलता के बाद जापान उन देशों की लिस्ट में आ गाय है, जो कम लागत वाले री-यूजेबल रॉकेट बना पाएं हैं। अभी इस क्षेत्र में एलन मस्क की कंपनी SpaceX सबसे आगे मानी जाती है।

वैज्ञानिकों ने क्या कहा?

इस प्रोजेक्ट की टेस्टिंग अकिता प्रीफेक्चर के नोशिरो शहर के टेस्ट सेंटर हुई। जहां इसका नेतृत्व ताकाशी इटो ने किया है। इस टेस्टिंग के बाद उन्होंने टीम को बधाई दी। उन्होंने कहां कि अब एजेंजी इस टेस्ट से मिले सभी डेटा का अच्छे से एनालिसिस करेगी। जिससे भविष्य में ऐसे रॉकेट बनाने में मदद मिलेगी, जो बार-बार इस्तेमाल किए जा सके।

Japan reusable rocket

री-यूजेबल रॉकेट और आम रॉकेट में क्या अंतर होता है?

  • आम रॉकेट एक बार लॉन्च होने के बाद दोबारा इस्तेमाल नहीं किए जा सकते। ये समुद्र में गिर जाते हैं, वायुमंडल में जल जाते हैं या अंतरिक्ष में मलबा बन जाते हैं।
  • री-यूजेबल रॉकेट का पहला हिस्सा सुरक्षित वापस धरती पर आ जाता है। जो हिस्सा वापस आता है उसे दोबारा उड़ान के लिए यूज किया जा सकता है
  • रॉकेट का पहला स्टेज सबसे महंगा हिस्सा होता है। इसे दोबारा इस्तेमाल करने से लॉन्च की लागत काफी कम हो जाती है। यही वजह है कि कई अंतरिक्ष एजेंसियां और प्राइवेट कंपनियां इस टेक्नोलॉजी पर काम कर रही हैं।
  • SpaceX का Falcon 9 रॉकेट इसी टेक्नोलॉजी पर काम करता है। जिससे एक ही रॉकेट का कई बार इस्तेमाल हो जाता है और अंतरिक्ष मिशन का लागत काफी कम हो जाती हैं।

कितने देशों के पास है ये टेक्नोलॉजी?

दुनिया के कई देश री-यूजेबल रॉकेट बनाने में लगे हुए है। अभी ये टेक्नोलॉजी सिर्फ अमेरिका की SpaceX और Blue Origin के पास है। आपको बता दें जापान के अलावा चीन भी री-यूजेबल रॉकेट की सफल लॉन्च और लैंडिंग कर चुका है। इसके अलावा, जापान की सरकारी अंतरिक्ष एजेंसी से साथ-साथ निजी कंपनियां भी इस टेक्नोलॉजी पर तेजी से काम कर रही हैं। जैसे पिछले साल जून में Honda की एक सहयोगी कंपनी री-यूजेबल रॉकेट को सफलतापूर्वक लॉन्च और लैंड कराने वाली पहली प्राइवेट कंपनी बनी थी।

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