Google का नया AI टूल Bard हुआ फेल! कंपनी को 8250 अरब रुपये का नुकसान
Google ने हाल ही में अपने आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस चैटबॉट Bard लॉन्च किया है। गूगल के इस टूल ने कंपनी को भारी नुकसान करवाया है। इसके डेमो वीडियो में एक गड़बड़ी पकड़ी गई है।
Published By: Harshit Harsh | Published: Feb 09, 2023, 01:05 PM (IST)
हाइलाइट
- Google ने हाल ही में ChatGPT के प्रतिद्वंदी AI चैटबॉट Bard की घोषणा की है।
- गूगल का यह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल पहले टेस्ट में फेल हो गया।
- कंपनी को इसकी वजह से अरबों रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है।
Google ने हाल ही में ChatGPT जैसा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस चैटबॉट Bard लॉन्च किया है। गूगल का यह चैटबॉट LaMDA यानी लैंग्वेज मॉडल फॉर डायलॉग अप्लीकेशन पर काम करता है। पिछले कुछ समय से टेक कंपनी इस टूल पर काम कर रही थी। यह कन्वर्सेशन टूल भी ChatGPT की तरह की काम करता है, जिसके जरिए किसी भी सवाल का जबाब लिया जा सकता है। गूगल का यह टूल फिलहाल बीटा फेज में है और सीमित यूजर्स के लिए इसे रोल आउट किया गया है।
ऐसा लग रहा है कि Microsoft और OpenAI के ChatGPT की लोकप्रियता देखने के बाद गूगल ने जल्दबाजी में इसे लॉन्च कर दिया है, जिसका खामियाजा कंपनी को भुगतना पड़ा है। गूगल के इस AI टूल के प्रमोशनल डेमो वीडियो में हुई गलती की वजह से पैरेंट कंपनी Alphabet के शेयर 9 प्रतिशत तक गिर गए। 8 फरवरी को गूगल के इस प्रमोशनल वीडियो में Reuters ने एक गलती खोजी, जिसके बाद कंपनी का मार्केट कैप 100 अरब डॉलर (लगभग 8250 करोड़ रुपये) कम हो गया है।
Bard ने दिया गलत जबाब
Google Presence Event में गूगल ने जब इस टूल का डेमो वीडियो शेयर किया तो उसमें Bard से 9 साल के बच्चे को JWST यानी जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप के बारे में जानकारी पूछी गई तो AI टूल ने गलत जानकारी दी। AI Bard ने JWST के बारे में बताया कि इसका इस्तेमाल मिल्की वे के बाहर के ग्रहों की फोटो लेने के लिए किया जाता है।
क्या है JWST?
जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप का इस्तेमाल ब्रहांड के अतीत के बारे में पता लगाने के लिए किया जाता है। इसे चार हिस्सों में बांटा गया है और इसे हबल टेलीस्कोप का अगला जेनरेशन भी कहा जाता है।
Google CEO सुंदर पिचाई ने Bard की घोषणा करते हुए कहा कि जल्द ही आपलोग AI बेस्ड फीचर को सर्च में पाएंगे, जो किसी भी जटिल जानकारी को फिल्टर कर देगा और इसे एक आसान फॉर्मेट में प्रजेंट करेगा। जल्द ही आपको इसे व्यापक तौर पर इस्तेमाल कर सकेंगे और वेबसाइट पर उपलब्ध ज्यादा जानकारियां प्राप्त कर सकेंगे। हालांकि, गूगल का यह AI टूल पहले टेस्ट में ही फेल होता हुआ दिख रहा है।
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